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‘मानव कल्याण के लिए शाकाहार अपनाएं’
basti
Updated Sun, 29 Oct 2017 11:50 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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धर्म कभी भी मांसाहार और मदिरा की इजाजत नहीं देता। इसलिए मानव कल्याण के लिए जरूरी है कि शाकाहार अपनाया जाए। शाकाहार से स्वभाव में भी बदलाव आता है। सदाचार के पालन से ही परमात्मा की कृपा मिलती है। ये उद्गार बाबा रतनदास जी महाराज ने व्यक्त किए। वह रविवार को बाबा जयगुरुदेव के अनुयायियों को राघव राम बचन शिवा सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सत्संग में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।
मांसाहार और मदिरा ने समूचे समाज को विषाक्त बना दिया है। इसके चलते मानव का आचरण बदल गया है। सनातन धर्म में परिवार को सर्वोपरि माना जाता था, मगर आचरण में आए परिवर्तन के चलते परिवार टूट रहे हैं। आपस में कटुता बढ़ रही है, जिससे हालात बिगड़ रहे हैं । यह सब कुछ आहार में परिवर्तन से ही बदल सकता है। जीव की संरचना परमात्मा ने की है। सभी पर उसका प्रेम समान रूप से बरसता है। किसी का जीवन लेने से मानव प्रभु कृपा से वंचित हो जाता है। कार्यक्रम में आयोजक विद्याराम चौधरी, रामउग्रह चौधरी, गब्बूलाल, घनश्याम तिवारी, शिवसागर, वकील चौधरी, रामउजागिर यादव, सुनील शर्मा, अशोक शर्मा, सुरेन्द्र गौतम, रामलगन शर्मा, रामबुझारत शर्मा, बृजभूषण तिवारी, सुशील तिवारी आदि मौजूद रहे।
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धर्म कभी भी मांसाहार और मदिरा की इजाजत नहीं देता। इसलिए मानव कल्याण के लिए जरूरी है कि शाकाहार अपनाया जाए। शाकाहार से स्वभाव में भी बदलाव आता है। सदाचार के पालन से ही परमात्मा की कृपा मिलती है। ये उद्गार बाबा रतनदास जी महाराज ने व्यक्त किए। वह रविवार को बाबा जयगुरुदेव के अनुयायियों को राघव राम बचन शिवा सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सत्संग में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।
मांसाहार और मदिरा ने समूचे समाज को विषाक्त बना दिया है। इसके चलते मानव का आचरण बदल गया है। सनातन धर्म में परिवार को सर्वोपरि माना जाता था, मगर आचरण में आए परिवर्तन के चलते परिवार टूट रहे हैं। आपस में कटुता बढ़ रही है, जिससे हालात बिगड़ रहे हैं । यह सब कुछ आहार में परिवर्तन से ही बदल सकता है। जीव की संरचना परमात्मा ने की है। सभी पर उसका प्रेम समान रूप से बरसता है। किसी का जीवन लेने से मानव प्रभु कृपा से वंचित हो जाता है। कार्यक्रम में आयोजक विद्याराम चौधरी, रामउग्रह चौधरी, गब्बूलाल, घनश्याम तिवारी, शिवसागर, वकील चौधरी, रामउजागिर यादव, सुनील शर्मा, अशोक शर्मा, सुरेन्द्र गौतम, रामलगन शर्मा, रामबुझारत शर्मा, बृजभूषण तिवारी, सुशील तिवारी आदि मौजूद रहे।
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