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ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन..
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भजन सम्राट अनूप जलोटा के नाम रही महोत्सव की तीसरी रात
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महोत्सव का तीसरी रात भजन संध्या के नाम रही। पौने नौ बजे भजन सम्राट अनूप जलोटा के मंच संभालते ही ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन... की स्वर लहरी से पंडाल गुंजायमान हो उठा। फिर क्या था एक के बाद एक भजनों से महोत्सव भक्तिमय हो उठा।
भजन की कड़ी में अच्युतम केशव कृष्ण दामोदरम के माध्यम से अनूप जलोटा ने प्रभु को पुकारा और बताया कि बुलाने पर भगवान जरूर आते हैं। प्रश्न किया कि कौन कहता है भगवान आते नहीं। मीरा, शबरी, मां यशोदा जैसी भावना से उन्हें बुलाना पड़ता है। वे आते हैं, खाते हैं, सोते हैं और नाचते भी हैं, लेकिन उनमें लीन होकर बुलाना पड़ता है। उन्होंने खुद को राम से जोड़ते हुए मन में राम तन में राम से माहौल को राममय बना दिया। भजन गायक ने हर क्षण को राम से जोड़कर उनके सुमिरन का पाठ पढ़ाया। मानव के पांच तत्वों का ज्ञान कराया। काम, क्रोध, मद, लोभ को उन्होंने मनुष्य के भीतर का लुटेरा करार दिया।
राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में चल रहे बस्ती महोत्सव में भजन सम्राट अनूप जलोटा ने श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया... से महफिल को रंग बिरंगा किया। जीवन के रंगों को श्याम से रंगने की विनती कर इंतजार में पूरा जीवन गुजारने को कहा। इतना तो करना स्वामी जब प्रान तन से निकले के माध्यम से गंगा व यमुना के पास होने की प्रभु से प्रार्थना की। प्रभु जी तुम चंदन हम पानी... से उन्होंने भजन को और ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। श्याम तेरी वंशी पुकारे राधा नाम लोग करें मीरा को यूं ही बदनाम... सहित एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने बस्ती महोत्सव के उत्सव में चार चांद लगा दिया।
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इससे पहले मंच पर डीएम आशुतोष निरंजन, एसपी हेमराज मीणा सहित तमाम लोगों ने अनूप जलोटा को शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महोत्सव का तीसरी रात भजन संध्या के नाम रही। पौने नौ बजे भजन सम्राट अनूप जलोटा के मंच संभालते ही ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन... की स्वर लहरी से पंडाल गुंजायमान हो उठा। फिर क्या था एक के बाद एक भजनों से महोत्सव भक्तिमय हो उठा।
भजन की कड़ी में अच्युतम केशव कृष्ण दामोदरम के माध्यम से अनूप जलोटा ने प्रभु को पुकारा और बताया कि बुलाने पर भगवान जरूर आते हैं। प्रश्न किया कि कौन कहता है भगवान आते नहीं। मीरा, शबरी, मां यशोदा जैसी भावना से उन्हें बुलाना पड़ता है। वे आते हैं, खाते हैं, सोते हैं और नाचते भी हैं, लेकिन उनमें लीन होकर बुलाना पड़ता है। उन्होंने खुद को राम से जोड़ते हुए मन में राम तन में राम से माहौल को राममय बना दिया। भजन गायक ने हर क्षण को राम से जोड़कर उनके सुमिरन का पाठ पढ़ाया। मानव के पांच तत्वों का ज्ञान कराया। काम, क्रोध, मद, लोभ को उन्होंने मनुष्य के भीतर का लुटेरा करार दिया।
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राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में चल रहे बस्ती महोत्सव में भजन सम्राट अनूप जलोटा ने श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया... से महफिल को रंग बिरंगा किया। जीवन के रंगों को श्याम से रंगने की विनती कर इंतजार में पूरा जीवन गुजारने को कहा। इतना तो करना स्वामी जब प्रान तन से निकले के माध्यम से गंगा व यमुना के पास होने की प्रभु से प्रार्थना की। प्रभु जी तुम चंदन हम पानी... से उन्होंने भजन को और ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। श्याम तेरी वंशी पुकारे राधा नाम लोग करें मीरा को यूं ही बदनाम... सहित एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने बस्ती महोत्सव के उत्सव में चार चांद लगा दिया।
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इससे पहले मंच पर डीएम आशुतोष निरंजन, एसपी हेमराज मीणा सहित तमाम लोगों ने अनूप जलोटा को शॉल भेंट कर सम्मानित किया।