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स्वास्थ्य विभाग पर 12 लाख का डीजल बकाया
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स्वास्थ्य विभाग पर 12 लाख का डीजल बकाया
- पेट्रोल पंप संचालक ने मांगा बकाया, दिया अल्टीमेटम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। स्वास्थ्य विभाग पर पेट्रोल पंप संचालक का 12 लाख रुपये बकाया है। अब पेट्रोल पंप संचालक ने बकाए की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को इस मामले में अवगत करा दिया गया है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग की गाड़ियां जिस पेट्रोल पंप से डीजल लेकर चलाई जाती हैं उसका पिछले छह माह से अधिक समय से भुगतान ही नहीं हुआ है। कोरोना कॉल में अधिकारियों के भ्रमण, कोरोना व अन्य वैक्सीन को गोरखपुर, लखनऊ अथवा अयोध्या से लाना, टीकाकरण के लिए वैक्सीन पहुंचाने आदि का कार्य जिले का स्वास्थ्य महकमा करता है। इस कार्य में जो वाहन संचालित होते हैं उसका डीजल विभाग खुद वहन करता है। पिछले छह माह से स्वास्थ्य विभाग में करीब 12 लाख रुपये से अधिक का डीजल खर्च किया गया, मगर इसका भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में अब स्थिति खराब होने लगी है।
इसे लेकर तत्कालीन तेल प्रभारी डॉ. राकेश मणि त्रिपाठी ने अधिकारियों को पत्र लिखकर धन की मांग की थी, मगर उनके पत्र पर कोई सुनवाई नहीं हुई। अब इस कार्य को एसीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन देख रहे हैं। एसीएमओ ने कहा कि पेट्रोल पंप संचालक ने चेतावनी दी है। उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। जल्द ही भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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- पेट्रोल पंप संचालक ने मांगा बकाया, दिया अल्टीमेटम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। स्वास्थ्य विभाग पर पेट्रोल पंप संचालक का 12 लाख रुपये बकाया है। अब पेट्रोल पंप संचालक ने बकाए की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को इस मामले में अवगत करा दिया गया है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग की गाड़ियां जिस पेट्रोल पंप से डीजल लेकर चलाई जाती हैं उसका पिछले छह माह से अधिक समय से भुगतान ही नहीं हुआ है। कोरोना कॉल में अधिकारियों के भ्रमण, कोरोना व अन्य वैक्सीन को गोरखपुर, लखनऊ अथवा अयोध्या से लाना, टीकाकरण के लिए वैक्सीन पहुंचाने आदि का कार्य जिले का स्वास्थ्य महकमा करता है। इस कार्य में जो वाहन संचालित होते हैं उसका डीजल विभाग खुद वहन करता है। पिछले छह माह से स्वास्थ्य विभाग में करीब 12 लाख रुपये से अधिक का डीजल खर्च किया गया, मगर इसका भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में अब स्थिति खराब होने लगी है।
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इसे लेकर तत्कालीन तेल प्रभारी डॉ. राकेश मणि त्रिपाठी ने अधिकारियों को पत्र लिखकर धन की मांग की थी, मगर उनके पत्र पर कोई सुनवाई नहीं हुई। अब इस कार्य को एसीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन देख रहे हैं। एसीएमओ ने कहा कि पेट्रोल पंप संचालक ने चेतावनी दी है। उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। जल्द ही भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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