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गांव वालों ने डीएम कार्यालय पर धरना दिया
Updated Fri, 04 Aug 2017 05:08 PM IST
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बस्ती। भानपुर तहसील के जिनवा की महिलाओं और पुरुषों ने प्रधान की अगुवाई में बड़ी संख्या में डीएम कार्यालय पहुंचकर गांव में हो रहे अनियमित चकबंदी को लेकर आवाज उठाई। एसीओ टिनिच तृतीय के विरोध में नारेबाजी की। कहा कि एसीओ के अनियमित कार्य के चलते इस गांव में 25 साल से चकबंदी चल रही है। काश्तकारों ने एसडीएम का ज्ञापन भी दिया।
विरोध जताने डीएम कार्यालय पहुंचे प्रधान अरुण कुमार शुक्ल, सुमिरन, चकबंदी सदस्य रामजीत, इंद्रावती, फूलचंद्र, ज्ञानमति, शांति, सुनरा, बाबूराम व सुखराम सहित अन्य ने बताया कि चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही और मनमानी के चलते इस गांव में 25 साल से चल रही चकबंदी समाप्त नहीं हो रही है। कहा कि अमीन काश्तकारों को अनियमित रूप से लाभ पहुंचाया जा रहा है, और गरीबों का शोषण किया जा रहा है। कहा कि एसीओ स्तर पर चकों का निर्माण गलत तरीके से किया जा रहा है, जिसमें बचत की जमीनों को भारी धन लेकर जमीनों का बंदरबांट कर रहे हैं। चकों को सीमांकन नहीं हुआ, शिकायत करने पर नियमित डराते और धमकाते हैं, कहते हैं कि शिकायत किया तो चक को खराब कर दिया जाएगा। कहते कि मूल चक से हटाकर गांव के दूर के किनारे पर थोड़ा-थोड़ा करके चकों को कई टुकड़ों में करके परेशान कर देंगे, जिदंगी भर मुकदमा लड़ते रह जाओगे। रजिस्टर फड़वाकर फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी देते हैं। एसओसी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
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विरोध जताने डीएम कार्यालय पहुंचे प्रधान अरुण कुमार शुक्ल, सुमिरन, चकबंदी सदस्य रामजीत, इंद्रावती, फूलचंद्र, ज्ञानमति, शांति, सुनरा, बाबूराम व सुखराम सहित अन्य ने बताया कि चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही और मनमानी के चलते इस गांव में 25 साल से चल रही चकबंदी समाप्त नहीं हो रही है। कहा कि अमीन काश्तकारों को अनियमित रूप से लाभ पहुंचाया जा रहा है, और गरीबों का शोषण किया जा रहा है। कहा कि एसीओ स्तर पर चकों का निर्माण गलत तरीके से किया जा रहा है, जिसमें बचत की जमीनों को भारी धन लेकर जमीनों का बंदरबांट कर रहे हैं। चकों को सीमांकन नहीं हुआ, शिकायत करने पर नियमित डराते और धमकाते हैं, कहते हैं कि शिकायत किया तो चक को खराब कर दिया जाएगा। कहते कि मूल चक से हटाकर गांव के दूर के किनारे पर थोड़ा-थोड़ा करके चकों को कई टुकड़ों में करके परेशान कर देंगे, जिदंगी भर मुकदमा लड़ते रह जाओगे। रजिस्टर फड़वाकर फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी देते हैं। एसओसी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
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