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अस्पताल के मालिक और मैनेजर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट
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Report of culpable homicide against the owner and manager of the hospital
बरेली। दर्पिन हॉस्पिटल के मालिक डॉ. दर्शन मेहरा और अस्पताल मैनेजर के खिलाफ थाना इज्जतनगर में गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। बीसलपुर (पीलीभीत) के मोहल्ला ग्यासपुर में रहने वाले रिजवान की अर्जी पर कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था।
रिजवान का आरोप है कि कटरा (शाहजहांपुर) निवासी उनके बहनोई मो. जाहिद की तबीयत खराब होने के बाद 19 अप्रैल 2021 को कोविड का सैंपल लेकर जांच के लिए एसआरएमएस भेजा गया। तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो वे लोग उन्हें बरेली के दर्पिन अस्पताल लाए जहां कोविड के लक्षण होने के बावजूद डॉ. दर्शन मेहरा ने 1.20 लाख रुपये जमा कराकर उन्हें भर्ती कर लिया। अगले दिन जाहिद की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई मगर डॉ. दर्शन ने उन्हें ठीक करने का भरोसा दिया। कोविड का डर दिखाकर कभी 50 हजार तो कभी 70 हजार रुपये जमा कराते रहे।
डॉ. दर्शन ने 28 अप्रैल को उनसे पांच लाख रुपये जमा करने को कहा। रकम की व्यवस्था न होने पर मो. जाहिद के इलाज में लापरवाही शुरू कर दी। उनसे दो ऑक्सीजन सिलिंडर भी मंगा लिए लेकिन इस्तेमाल करने के बजाय उन्हें अपने पास रख लिया। फिर इलाज भी बंद कर दिया। 29 अप्रैल की सुबह चार बजे उनके बहनोई की मौत हो गई। उनकी फाइल भी उन लोगाें को नहीं दी गई लिहाजा यह भी पता नहीं लगा कि किस बीमारी का इलाज किया जा रहा था। रिजवान का आरोप था कि धोखाधड़ी और ठगी करके उनके बहनोई की हत्या की गई है। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर उन्होंने कोर्ट में शिकायत की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने डॉ. दर्शन मेहरा और अस्पताल के मैनेजर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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रिजवान का आरोप है कि कटरा (शाहजहांपुर) निवासी उनके बहनोई मो. जाहिद की तबीयत खराब होने के बाद 19 अप्रैल 2021 को कोविड का सैंपल लेकर जांच के लिए एसआरएमएस भेजा गया। तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो वे लोग उन्हें बरेली के दर्पिन अस्पताल लाए जहां कोविड के लक्षण होने के बावजूद डॉ. दर्शन मेहरा ने 1.20 लाख रुपये जमा कराकर उन्हें भर्ती कर लिया। अगले दिन जाहिद की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई मगर डॉ. दर्शन ने उन्हें ठीक करने का भरोसा दिया। कोविड का डर दिखाकर कभी 50 हजार तो कभी 70 हजार रुपये जमा कराते रहे।
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डॉ. दर्शन ने 28 अप्रैल को उनसे पांच लाख रुपये जमा करने को कहा। रकम की व्यवस्था न होने पर मो. जाहिद के इलाज में लापरवाही शुरू कर दी। उनसे दो ऑक्सीजन सिलिंडर भी मंगा लिए लेकिन इस्तेमाल करने के बजाय उन्हें अपने पास रख लिया। फिर इलाज भी बंद कर दिया। 29 अप्रैल की सुबह चार बजे उनके बहनोई की मौत हो गई। उनकी फाइल भी उन लोगाें को नहीं दी गई लिहाजा यह भी पता नहीं लगा कि किस बीमारी का इलाज किया जा रहा था। रिजवान का आरोप था कि धोखाधड़ी और ठगी करके उनके बहनोई की हत्या की गई है। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर उन्होंने कोर्ट में शिकायत की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने डॉ. दर्शन मेहरा और अस्पताल के मैनेजर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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