फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   POCSO Act accused acquitted; order issued for action against the complainant.

Bareilly News: पॉक्सो एक्ट का आरोपी दोषमुक्त, वादिनी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश

Sat, 15 Aug 2026 12:59 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sat, 15 Aug 2026 12:59 AM IST
विज्ञापन
POCSO Act accused acquitted; order issued for action against the complainant.
बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट हेमेंद्र कुमार सिंह ने पीलीभीत के एक गांव निवासी पॉक्सो एक्ट के आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। मिथ्यापूर्ण रिपोर्ट दर्ज कराने वाली युवती की मां के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का आदेश भी दिया है। इस मामले में युवती की मेडिकल जांच में आयु 19 वर्ष पाई गई। वह आठ सप्ताह की गर्भवती मिली। उसने अदालत में बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से गई थी और पीलीभीत में उसने कोर्ट मैरिज कर ली।
विज्ञापन

फरीदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने फरीदपुर के एक गांव निवासी अपने भांजे और उसके दोस्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह दोनों उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गए। विवेचना के दौरान दोनों की नामजदगी गलत पाई गई। पुलिस ने पीलीभीत के एक गांव निवासी व्यक्ति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
विज्ञापन

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। बचाव पक्ष ने भी तीन गवाह पेश किए। बचाव पक्ष के गवाहों ने कहा कि युवती और आरोपी बालिग हैं और सहमति से शादी कर चुके हैं। उनके दो बच्चे भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

युवती ने भी अपनी मर्जी से शादी करने और उस दौरान खुद की आयु 19 वर्ष होने की बात कही। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। रिपोर्ट दर्ज कराने वाली किशोरी की मां के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है।
--
रोहिता मिश्रा हत्याकांड में सौतेली बहन समेत दो आरोपी दोषमुक्त, एक की हो चुकी मौत
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश रामानंद ने रजऊ परसपुर निवासी रोहित मिश्रा हत्याकांड में आरोपी बिथरी चैनपुर निवासी रोहित की सौतेली बहन अर्चना और बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव आलमपुर गजरौला निवासी मैसर को दोषमुक्त करार दिया है। आरोपियों में एक बिथरी चैनपुर निवासी धर्मेंद्र की मौत हो चुकी है। अर्चना मुकदमा वादी सर्वेश मिश्रा की दूसरी पत्नी की बेटी है।
बिथरी चैनपुर निवासी सर्वेश मिश्रा ने कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका बेटा रोहित मिश्रा 20 जुलाई को लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद भी पता नहीं लगा तो उन्होंने 23 जुलाई को रोहित की गुमशुदगी दर्ज कराई। 25 जुलाई को रोहित का सड़ा-गला शव बोरे में बंद परसौना नहर से मिला। जेब से मिले आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, डेबिट कार्ड और कपड़ों के जरिये रोहित की पहचान हुई।
पिता ने शक जताया कि पत्नी और बिथरी चैनपुर निवासी अर्चना ने उनके बेटे की हत्या की है। विवेचना के दौरान अर्चना, धर्मेंद्र और मैसर के नाम प्रकाश में आने पर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। अदालत ने जनवरी 2020 में अभियुक्तों पर आरोप तय किए।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। गवाहों के बयानों में भी विरोधाभास रहा। ऐसे में अदालत ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देने हुए दोषमुक्त कर दिया।
--
किशोरी से दुष्कर्म में दोषी को 10 साल की कैद, माता-पिता और बहन दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट (कोर्ट संख्या-तीन) ने पॉक्सो एक्ट में दोषी नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी तसब्बर अली को 10 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। इस मामले में दोषी के पिता मुन्ने शाह, मां हजारा बेगम और बहन करीना को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चार मई 2017 को शाम छह बजे के बाद गांव के मुन्ने शाह की बेटी करीना उसकी 14 साल की बेटी को घर से बुलाकर अपने घर ले गई। मुन्ने शाह के बेटे तसब्बर अली ने टॉफी का लालच देकर उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया और बेहाेशी की हालत में खेत में छोड़कर चला गया।
बेहोशी की हालत में किशोरी को उसके भाई और पिता उठाकर लाए। होश में आने पर बेटी ने पूरी घटना के बारे में बताया। इसको लेकर मुन्ने शाह से शिकायत की तो उसने और उसकी पत्नी हजारा बेगम ने गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।
विवेचना के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। अभियोजन पक्ष तसब्बर पर आरोप सिद्ध करने में कामयाब रहा। कोर्ट ने उसे कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। अन्य पर आरोप सिद्ध नहीं हुए।
--
बर्खास्त हिस्ट्रीशीटर सिपाही सुरकेश के गिरोह के पांच सदस्यों की जमानत याचिकाएं निरस्त
बरेली। सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह ने बर्खास्त सिपाही सुरकेश के गिरोह में शामिल भमोरा थाना क्षेत्र के गांव सराथू निवासी शानू, लंगूरा निवासी ममता की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी। लंगूरा के ओमवीर व भूरे और पीलीभीत के थाना बीसलपुर के गांव मोहम्मदपुर भुजा महमूदपुर निवासी शिल्पी उर्फ शिवानी की नियमित जमानत याचिकाएं भी खारिज कर दीं। सुरकेश और उसकी अधिवक्ता पत्नी कृ़तिका शर्मा जेल में है।
सुरकेश, उसकी पत्नी कृतिका समेत गिरोह के 11 सदस्यों के खिलाफ तमाम आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोप है कि सुरकेश व उसकी पत्नी कृतिका शर्मा, गिरिजय, भूरे, ओमवीर एक राय होकर भोले-भाले लोगों पर दबाव बनाने और संगठित अपराध के लिए अपने गिरोह में कई लोगों को रखते।

ममता, मंजू, अनीता, शोभा व शिल्पी भी उसके गिरोह में शामिल थीं। गिरोह के लोग निर्दोष लोगों को मृत्यु व गंभीर चोट का भय दिखाकर रंगदारी वसूलते। षडयंत्र कर निर्दोषों पर दुष्कर्म के मामले दर्ज कराकर समझौते के नाम पर लाखों रुपये वसूलते।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed