फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Players! Hatae .. little child .. Very pit is hidden in this field

खिलाड़ियो! हटके.. जरा बचके.. बहुत गड्ढे छिपे हैं इस मैदान में

Wed, 20 Dec 2017 02:10 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Wed, 20 Dec 2017 02:10 AM IST
विज्ञापन
Players! Hatae .. little child .. Very pit is hidden in this field
घ्‍ाायल ‌िख्‍ाखिलाड़ी

विज्ञापन
नॉर्थ जोन गर्ल्स हॉकी के लिए गड्ढे पाटकर तैयार किए गए रुहेलखंड विश्वविद्यालय और बरेली कॉलेज के मैदान पर मंगलवार को खेलने उतरीं खिलाड़ियों के लिए काफी खतरनाक साबित हुए। इन ऊबड़-खाबड़ मैदानों में किसी खिलाड़ी का घुटना फूटा तो किसी का चेहरा लहूलुहान हुआ। एक के तो सिर में बॉल लग गई। छह मुकाबलों में 10 से ज्यादा लड़कियों को चोट लगी, इनमें दो की चोट ज्यादा गंभीर थी। एक के तो चेहरे पर कई टांके भी लगे।
बरेली कॉलेज मैदान पर लखनऊ और आगरा के बीच हुए मुकाबले में दो लड़कियां चोटिल र्हुइं। मैदान पर फिसली एक खिलाड़ी के घुटने पर हॉकी लगी। आगरा की ही एक और खिलाड़ी मैदान पर फिसली तो दूसरी खिलाड़ी की हॉकी स्टिक लगने से उसका चेहरा फट गया। काफी खून भी बहा। करीब 10 मिनट वह मैदान पर पड़ी रही तब कहीं उसेे प्राथमिक उपचार मिल सका। टीम मैनेजर ने देर से उपचार मिलने की शिकायत भी की। लखनऊ और गढ़वाल के मैच में भी दो खिलाड़ी चोटिल हुए। बरेली कॉलेज के अलावा विश्वविद्यालय के मैदान पर भी खिलाड़ी चोटिल हुए। दिल्ली यूनिवर्सिटी और फैजाबाद यूनिवर्सिटी के बीच हुए मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ी घायल हुए। डीयू की एक खिलाड़ी ने अपनी टीम की ही एक खिलाड़ी को बॉल थ्रो की तो वह उछल कर उसके सिर में जा लगी। खिलाड़ी को तुरंत बाहर लाया गया। फैजाबाद की भी एक खिलाड़ी बॉल को होल्ड करते वक्त चोटिल हो गई। इस तरह से 10 से ज्यादा खिलाड़ी चोटिल हुईं। खिलाड़ियों ने भी माना कि मैदान के कारण उनको खेलने में दिक्कत हुई।
विज्ञापन


खिलाड़ी मैदान से खुश नहीं
गुरूग्रंथ साहिब यूनिवर्सिटी पंजाब से खेलने आईं नेशनल खिलाड़ी रह चुकीं हरदीप कौर से जब मैदान के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि अब तो हर जगह एस्ट्रोटर्फ पर ही हॉकी होती है। इस तरह के मैदान पर खेलकर खिलाड़ी कैसे आगे बढ़ सकेंगी। उनका कहना था कि क्रिकेट की तरह हॉकी के लिए भी अच्छे मैदान होने चाहिए। ऐसे ऊंचे-नीचे मैदान पर अच्छी हॉकी नहीं हो सकती। वह टीम में स्ट्राइकर खिलाड़ी हैं, ऐसे मैदान पर बॉल को हिट करने में दिक्कत आती है। लखनऊ की टीम की कप्तान सुषमा और उप-कप्तान श्रेया सिंह का भी यही मानना था। वह आगरा से मैच जरूर जीतीं पर उनका कहना था कि मैदान पर बॉल पर पकड़ बनाने में काफी दिक्कत हुई। वहीं एआईयू से पर्यवेक्षक के तौर पर आए इंडिया हॉकी टीम के पूर्व कोच सरदार बलदेव सिंह ने भी कहा कि वर्ल्ड क्लास हॉकी की बात करते हैं तो खिलाड़ियों को वैसी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed