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Bareilly News: डेढ़ साल नहीं ली सुध, अफसर का नाम लिया तो डेढ़ दिन में गिरफ्तारी
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बरेली। कन्हैया गुलाटी के मायाजाल में फंसे निवेशकों को न्याय दिलाने में पुलिस की सुस्ती आड़े आती रही है। डेढ़ साल में कन्हैया गुलाटी के जिन साथियों को जिलेभर की पुलिस नहीं तलाश सकी, वे पुलिस अफसरों का नाम लेकर वायरल हुए तो महज डेढ़ दिन में ही गिरफ्तार कर लिए गए। गिरफ्तारी भी उस फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में हुई, जहां उनके खिलाफ पहले से मामला दर्ज है। मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
कन्हैया गुलाटी बरेली व बदायूं जिलों के करीब डेढ़ हजार निवेशकों का दो हजार करोड़ रुपया लेकर भाग चुका है। उसे भगोड़ा व हिस्ट्रीशीटर घोषित किया जा चुका है। उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी हो चुका है। पिछले दिनों गुलाटी व उसके साथियों के खिलाफ दामोदर स्वरूप पार्क में धरना-प्रदर्शन हुआ था। फिर पीड़ित निवेशकों की ओर से फतेहगंज पश्चिमी में कार्यालय खोलकर बैठे गुलाटी के कुछ साथियों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई थी।
फतेहगंज पश्चिमी थाना पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि कई वांछित चल रहे थे। इन्हीं में विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव शामिल थे। दोनों ही गुलाटी पर प्रभाव बनाने के चक्कर में अधिकारियों का नाम ले बैठे और फंस गए। रविवार को जैसे ही इनका वीडियो वायरल हुआ, पुलिस ने दबोच लिया। हैरत की बात ये है जिन आरोपियों को पुलिस दूसरे प्रांतों में तलाश चुकी थी, वह फतेहगंज पश्चिमी में ही मिल गए। हालांकि, चर्चा है कि एसओजी इन्हें गोरखपुर से पकड़कर लाई है।
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अब तक ये हुई कार्रवाई : कन्हैया गुलाटी हिस्ट्रीशीटर है। एसएसपी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इसी साल 21 जून को 25 हजार और डीआईजी ने आठ जुलाई को 50 हजार का इनाम घोषित किया था।
किला पुलिस के अनुरोध पर न्यायालय से उसका गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है। विशाल शर्मा पर इज्जतनगर और साइबर थाने में एक-एक मामले दर्ज हैं। फतेहगंज पश्चिमी थाना के केस में दोनों आरोपी वांछित हैं। विशाल ने 80 लाख और विनय श्रीवास्तव ने लगभग 60 लाख रुपये कन्हैया गुलाटी के साथ मिलकर लोगों से निवेश कराए थे। ये दोनों कैनविज इंडस्ट्रीज के 44 लोगों के कोर ग्रुप का हिस्सा हैं, जिन्हें लाइंस कहते हैं।
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कन्हैया गुलाटी बरेली व बदायूं जिलों के करीब डेढ़ हजार निवेशकों का दो हजार करोड़ रुपया लेकर भाग चुका है। उसे भगोड़ा व हिस्ट्रीशीटर घोषित किया जा चुका है। उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी हो चुका है। पिछले दिनों गुलाटी व उसके साथियों के खिलाफ दामोदर स्वरूप पार्क में धरना-प्रदर्शन हुआ था। फिर पीड़ित निवेशकों की ओर से फतेहगंज पश्चिमी में कार्यालय खोलकर बैठे गुलाटी के कुछ साथियों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई थी।
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फतेहगंज पश्चिमी थाना पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि कई वांछित चल रहे थे। इन्हीं में विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव शामिल थे। दोनों ही गुलाटी पर प्रभाव बनाने के चक्कर में अधिकारियों का नाम ले बैठे और फंस गए। रविवार को जैसे ही इनका वीडियो वायरल हुआ, पुलिस ने दबोच लिया। हैरत की बात ये है जिन आरोपियों को पुलिस दूसरे प्रांतों में तलाश चुकी थी, वह फतेहगंज पश्चिमी में ही मिल गए। हालांकि, चर्चा है कि एसओजी इन्हें गोरखपुर से पकड़कर लाई है।
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अब तक ये हुई कार्रवाई : कन्हैया गुलाटी हिस्ट्रीशीटर है। एसएसपी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इसी साल 21 जून को 25 हजार और डीआईजी ने आठ जुलाई को 50 हजार का इनाम घोषित किया था।
किला पुलिस के अनुरोध पर न्यायालय से उसका गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है। विशाल शर्मा पर इज्जतनगर और साइबर थाने में एक-एक मामले दर्ज हैं। फतेहगंज पश्चिमी थाना के केस में दोनों आरोपी वांछित हैं। विशाल ने 80 लाख और विनय श्रीवास्तव ने लगभग 60 लाख रुपये कन्हैया गुलाटी के साथ मिलकर लोगों से निवेश कराए थे। ये दोनों कैनविज इंडस्ट्रीज के 44 लोगों के कोर ग्रुप का हिस्सा हैं, जिन्हें लाइंस कहते हैं।