रुहेलखंड विश्वविद्यालय: विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कमाई का अवसर, एईडीपी के चार नए केंद्र खुले
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इस वर्ष अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) के चार नए केंद्र शुरू होंगे। इससे विश्वविद्यालय में एईडीपी केंद्रों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। इस पहल से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कमाई का मौका भी मिलेगा।
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बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) के तहत इस वर्ष चार नए केंद्र संचालित होंगे। यह पहल पढ़ाई भी कमाई भी के सिद्धांत पर आधारित है। इन केंद्रों के साथ विश्वविद्यालय से संबद्ध एईडीपी केंद्रों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी।
अब तक मात्र एक महाविद्यालय में एईडीपी केंद्र था। इस सत्र से रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध चार कॉलेज एईडीपी केंद्र स्थापित हो चुके हैं। इनमें से दो केंद्र कैंपस में स्वीकृत हुए हैं। एक केंद्र ज्योति कॉलेज में स्वीकृत हुआ है। वहीं, एक केंद्र राजकीय कॉलेज, बदायूं बिल्सी में स्वीकृत हुआ है। नैक मान्यता प्राप्त और एनआइआरएफ रैंकिंग वाले संबद्ध महाविद्यालयों को एईडीपी पाठ्यक्रमों के लिए चुना गया है।
इन संस्थानों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पाठ्यक्रम प्रारंभ करने के लिए अलग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं होगी। पिछले वर्ष यह केंद्र साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय में बीबीए रीटेल नाम से खोला गया था। मीडिया प्रभारी विनय वर्मा ने बताया कि कॉलेजों ने रुचि दिखाई है, एईडीपी कोर्स से विद्यार्थी पढ़ाई व कमाई एक साथ कर सकते हैं।
नए केंद्रों पर उपलब्ध पाठ्यक्रम
इस सत्र में कैंपस के दो केंद्रों पर व्यवसाय प्रबंधन में बीबीए टूरिज्म हॉस्पिटेलिटी और बीए (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं व बीमा) पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। ज्योति कॉलेज ने बीबीए रीटेल और एक अन्य कोर्स के लिए प्रस्ताव भेजा है। प्रबंध निदेशक डीडी रावत ने बताया कि महाविद्यालय का चयन एईडीपी कोर्स के लिए हुआ है, हालांकि कोर्स शुरू होने में अभी समय लगेगा।
राजकीय महाविद्यालय बिल्सी का चयन भी बीबीए रीटेल और बीबीए हेल्थ के लिए हुआ है। एईडीपी के तहत प्रवेशित छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप पूरी करने पर संबंधित संस्थान प्रमाणपत्र देता है। उन्हें निर्धारित मानदेय भी उपलब्ध कराया जाता है। रुविवि ने कई कॉलेजों से एईडीपी पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन मांगे थे। इनमें बीकॉम (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा), बीकॉम (रिटेल, ऑपरेशन मैनेजमेंट) और बीएससी (टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशन) जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।