{"_id":"5e7a47d48ebc3e75e205f61d","slug":"kitchen-work-will-continue-unabated-for-21-weeks-mandi-and-godown-will-be-filled-bareilly-news-bly400695726","type":"story","status":"publish","title_hn":"21 हफ्तों तक भी बेरोकटोक चलेगा रसोई का काम.. भरे रहेंगे मंडी और गोदाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
21 हफ्तों तक भी बेरोकटोक चलेगा रसोई का काम.. भरे रहेंगे मंडी और गोदाम
विज्ञापन
बरेली की डेलापीर सब्जी मंडी से सब्जी की खरीदारी करते थोक विक्रेता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी गोदाम में 5.85 लाख मीट्रिक टन गेहूं-चावल भरा है, एक महीने में खपत है 17.5 हजार मीट्रिक टन
विज्ञापन
डेलापीर मंडी में हफ्ते भर से ज्यादा की सब्जी मौजूद, गाड़ियां नहीं रोकीं तो कमी न होने का दावा
बरेली। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए देश भर में तीन हफ्तों के लिए लॉक डाउन तो लागू हो गया है लेकिन शहरवासियों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन की ओर से दावा किया गया है कि सिर्फ तीन हफ्ते नहीं, सरकारी गोदामों में इतना अनाज भरा हुआ कि जरूरत पड़ी तो अगले 21 हफ्तों तक आपूर्ति में कोई कमी नहीं आएगी। उधर, आढ़तियों के गोदाम भी भरे हुए हैं। डेलापीर सब्जी मंडी में फिलहाल हफ्ते भर से ज्यादा समय तक शहर की जरूरत पूरी करने लायक सब्जी है। सब्जी और फल मंडी एसोसिएशन ने भी कहा है कि अगर उनकी गाड़ियां रास्ते में न रुकीं तो सब्जियों और फलों का कोई संकट पैदा नहीं होने दिया जाएगा। सब्जियों-फलों का भाव भी नहीं बढ़ेगा।
राज्य भंडारण निगम यानी एसडब्ल्यूसी के अधिकारियों के मुताबिक उनके गोदामों में फिलहाल 5.85 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल का स्टाक मौजूद है। एसडब्ल्यूसी के क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र राजन ने बताया कि यह अनाज कई महीनों की जरूरत के लिए पर्याप्त है। मंडल भर में गेहूं और चावल की औसत खपत एक महीने में सिर्फ 46 हजार मीट्रिक टन है। अगर सिर्फ बरेली जिले का आकलन किया जाए तो खपत का यह आंकड़ा 17.5 हजार मीट्रिक टन का ही है। ऐसे में पूरे जिले की जरूरत के लिए यह अनाज पांच महीनों से भी ज्यादा की जरूरत पूरी कर देगा। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी राशन की दुकानें खुली रहेंगी लिहाजा एसडब्ल्यूसी के गोदामों से इस अनाज की आपूर्ति लगातार जिले में बनी रहेगी। संकट के इस दौर में खासतौर से कोशिश की जाएगी कि कहीं भी लोगों के सामने कोई दिक्कत पेश न आए।
विज्ञापन
उधर, आढ़तियों के गोदामों में इससे भी ज्यादा अनाज का स्टाक है। आटा कारोबारी पंकज अग्रवाल के मुताबिक उनके पास आटे का काफी स्टाक है। उन्हें लगता है कि अन्य कारोबारियों के पास भी इतना स्टाक है कि अगले कई महीनों तक शहर में आटे की कोई कमी नहीं होगी। घी-तेल के थोक कारोबारी रमाकांत का कहना है कि प्रशासन अगर सहयोग करता रहेगा तो घी-तेल का भी कोई संकट पैदा नहीं होगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल कुछ दिक्कतें आ रही हैं। उनकी गाड़ी अभी हाल ही में नवाबगंज में रोक दी गई थी। उधर, सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष शुजाउर रहमान ने बताया कि सब्जी मंडी में भी काफी स्टाक है। गाड़ियां आती रहीं तो आगे भी कोई संकट पैदा नहीं होगा। फल मंडी एसोसिएशन के सुब्हान खां ने भी यही दावा किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम से मिले उद्यमी.. रास्ते में रोकी जाएंगी गाड़ियां तो कैसे होगी शहर की जरूरत पूरी
चैंबर ऑफ कॉमर्स के उद्यमियों का एक समूह मंगलवार को डीएम नितीश कुमार से मिला। उद्यमियों ने डीएम को बताया कि कोरोना के संकट के इस दौर में एक बड़ी चुनौती यह भी है कि लोगों को जरूरत की चीजें मिलती रहें। इसके लिए बाहर से आने वाली चीजों की सप्लाई टूटनी नहीं चाहिए लेकिन बाहर से कच्चा माल लेकर आने वाली तमाम गाड़ियों को रास्ते में रोका जा रहा है। इससे खाने-पीने की चीजों का उत्पादन करने वाले कारखानों के उत्पादन पर असर पड़ रहा है। डीएम ने उद्यमियों से कहा कि वे बाहर से खाने-पीने का सामान लेकर आने वाली गाड़ियों की विंड स्क्रीन पर ‘आवश्यक खाद्य सामग्री परिवहन हेतु’ लिखवा दें। इन गाड़ियों को कहीं नहीं रोका जाए। कुछ उद्यमियों ने जिले के नोडल अफसर प्रमुख सचिव नवनीत सहगल को भी समस्या से अवगत कराया। इसके बाद सहगल ने चैंबर के पदाधिकारी घनश्याम खंडेलवाल से फोन पर बात की। उन्हें आश्वस्त किया कि वह इस बारे में जिला प्रशासन को आदेश जारी कर रहे हैं। खाद्य सामग्री लेकर आने वाली गाड़ियों को नहीं रुकने दिया जाएगा।
विज्ञापन
डेलापीर मंडी में हफ्ते भर से ज्यादा की सब्जी मौजूद, गाड़ियां नहीं रोकीं तो कमी न होने का दावा बरेली। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए देश भर में तीन हफ्तों के लिए लॉक डाउन तो लागू हो गया है लेकिन शहरवासियों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन की ओर से दावा किया गया है कि सिर्फ तीन हफ्ते नहीं, सरकारी गोदामों में इतना अनाज भरा हुआ कि जरूरत पड़ी तो अगले 21 हफ्तों तक आपूर्ति में कोई कमी नहीं आएगी। उधर, आढ़तियों के गोदाम भी भरे हुए हैं। डेलापीर सब्जी मंडी में फिलहाल हफ्ते भर से ज्यादा समय तक शहर की जरूरत पूरी करने लायक सब्जी है। सब्जी और फल मंडी एसोसिएशन ने भी कहा है कि अगर उनकी गाड़ियां रास्ते में न रुकीं तो सब्जियों और फलों का कोई संकट पैदा नहीं होने दिया जाएगा। सब्जियों-फलों का भाव भी नहीं बढ़ेगा।
राज्य भंडारण निगम यानी एसडब्ल्यूसी के अधिकारियों के मुताबिक उनके गोदामों में फिलहाल 5.85 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल का स्टाक मौजूद है। एसडब्ल्यूसी के क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र राजन ने बताया कि यह अनाज कई महीनों की जरूरत के लिए पर्याप्त है। मंडल भर में गेहूं और चावल की औसत खपत एक महीने में सिर्फ 46 हजार मीट्रिक टन है। अगर सिर्फ बरेली जिले का आकलन किया जाए तो खपत का यह आंकड़ा 17.5 हजार मीट्रिक टन का ही है। ऐसे में पूरे जिले की जरूरत के लिए यह अनाज पांच महीनों से भी ज्यादा की जरूरत पूरी कर देगा। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी राशन की दुकानें खुली रहेंगी लिहाजा एसडब्ल्यूसी के गोदामों से इस अनाज की आपूर्ति लगातार जिले में बनी रहेगी। संकट के इस दौर में खासतौर से कोशिश की जाएगी कि कहीं भी लोगों के सामने कोई दिक्कत पेश न आए।
विज्ञापन
उधर, आढ़तियों के गोदामों में इससे भी ज्यादा अनाज का स्टाक है। आटा कारोबारी पंकज अग्रवाल के मुताबिक उनके पास आटे का काफी स्टाक है। उन्हें लगता है कि अन्य कारोबारियों के पास भी इतना स्टाक है कि अगले कई महीनों तक शहर में आटे की कोई कमी नहीं होगी। घी-तेल के थोक कारोबारी रमाकांत का कहना है कि प्रशासन अगर सहयोग करता रहेगा तो घी-तेल का भी कोई संकट पैदा नहीं होगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल कुछ दिक्कतें आ रही हैं। उनकी गाड़ी अभी हाल ही में नवाबगंज में रोक दी गई थी। उधर, सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष शुजाउर रहमान ने बताया कि सब्जी मंडी में भी काफी स्टाक है। गाड़ियां आती रहीं तो आगे भी कोई संकट पैदा नहीं होगा। फल मंडी एसोसिएशन के सुब्हान खां ने भी यही दावा किया है।
विज्ञापन