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Bareilly News: खुफिया तंत्र फेल, रात में ही जुट गए थे बदमाश
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बरेली। पीलीभीत बाइपास पर हुए बवाल की नींव दो-तीन दिन पहले ही रख दी गई थी। प्लॉट कब्जाने की सुनियोजित योजना बनाकर बदमाशों को जुटाने से लेकर अन्य इंतजाम किए गए थे। पुलिस या खुफिया तंत्र को इसकी भनक तक नहीं लग सकी, जिसकी वजह से नौबत यहां तक आ गई।
बताया जा रहा है कि राजीव राणा पक्ष ने बृहस्पतिवार को थाने में तहरीर देकर प्लॉट पर कब्जे की तैयारी शुरू कर दी थी। शुक्रवार को ही बदमाश मंडली को बुलवा लिया था। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से छुटभैये बदमाश रुपये देकर बुलाए गए थे। यह लोग पास के ही एक होटल में रुके थे। इस होटल में बदमाशों ने पूरी रात पार्टी की थी। तड़के ही वे प्लॉट खाली कराने पहुंच गए। पुलिस का खुफिया तंत्र मजबूत होता तो रात में ही कार्रवाई कर घटना को रोका जा सकता था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
शहर में बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने के लिए भूमाफिया को अक्सर बदमाशों की जरूरत होती है। बेरोजगार और आपराधिक किस्म के लड़कों ने मिलकर ऐसे गिरोह बना लिए हैं जो शराब पार्टी और कुछ रुपयों के लिए भूमाफिया के लिए काम करते हैं और घटना कर फरार हो जाते हैं।
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पीलीभीत बाइपास पर हुए घटनाक्रम में भी इसी तरह की बातें सामने आ रही हैं। राजीव पक्ष की ओर से केपी यादव और रोहित ठाकुर को सेट किया गया था और दोनों को कब्जा छुड़वाने के लिए बदमाश लाने के लिए कहा गया। केपी और रोहित के इशारे पर शुक्रवार को लड़के जुट गए थे। शनिवार सुबह इन्हीं लड़कों ने उत्पात मचाया। जमीन विवाद के दूसरे मामलों में भी कई बार यही लोग देखे गए हैं।
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बताया जा रहा है कि राजीव राणा पक्ष ने बृहस्पतिवार को थाने में तहरीर देकर प्लॉट पर कब्जे की तैयारी शुरू कर दी थी। शुक्रवार को ही बदमाश मंडली को बुलवा लिया था। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से छुटभैये बदमाश रुपये देकर बुलाए गए थे। यह लोग पास के ही एक होटल में रुके थे। इस होटल में बदमाशों ने पूरी रात पार्टी की थी। तड़के ही वे प्लॉट खाली कराने पहुंच गए। पुलिस का खुफिया तंत्र मजबूत होता तो रात में ही कार्रवाई कर घटना को रोका जा सकता था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
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शहर में बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने के लिए भूमाफिया को अक्सर बदमाशों की जरूरत होती है। बेरोजगार और आपराधिक किस्म के लड़कों ने मिलकर ऐसे गिरोह बना लिए हैं जो शराब पार्टी और कुछ रुपयों के लिए भूमाफिया के लिए काम करते हैं और घटना कर फरार हो जाते हैं।
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पीलीभीत बाइपास पर हुए घटनाक्रम में भी इसी तरह की बातें सामने आ रही हैं। राजीव पक्ष की ओर से केपी यादव और रोहित ठाकुर को सेट किया गया था और दोनों को कब्जा छुड़वाने के लिए बदमाश लाने के लिए कहा गया। केपी और रोहित के इशारे पर शुक्रवार को लड़के जुट गए थे। शनिवार सुबह इन्हीं लड़कों ने उत्पात मचाया। जमीन विवाद के दूसरे मामलों में भी कई बार यही लोग देखे गए हैं।