Ganesh Chaturthi 2025: बरेली में ढोल-नगाड़ों के साथ होगा बप्पा के पूजन का श्रीगणेश, पंडालों में तैयारियां शुरू
महाराष्ट्र से शुरू हुआ गणेश उत्सव तीन दशकों से बरेली में भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। गणपति बप्पा के आगमन में अब कुछ ही दिन बचे है। ऐसे में अभी से ही भक्त बप्पा के आगमन के लिए पलकें बिछाए बैठे हैं। शहर में लगने वाले प्रमुख पंडाल में भी तैयारियां का दौर शुरू हो गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में गणेश उत्सव की तैयारियां शुरू हो रही हैं। शहर में कई जगहों पर पंडाल सजाए जाएंगे। इसके लिए किसी ने नासिक से मूर्ति मंगवाई तो किसी ने आगरा से। अब 27 अगस्त को ढोल नगाड़ों के साथ वैदिक मंत्रोचार के बीच बप्पा का आगमन होगा और उनके जयकारों से शहर गूंजेगा। भक्त बप्पा की मूर्ति स्थापना करेंगे। शहर में जगह-जगह शोभायात्रा निकाली जाएगी।
शहर में गणेश पंडाल की शुरुआत तीस साल पहले हो गई थी। सराफा कारोबारी अनिल पाटिल ने सबसे पहले गणपति पंडाल लगाया था। बताते हैं कि वह मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले है, यहां कारोबार के लिए आए और उसके बाद यही बस गए देखा कि बरेली में गणेश उत्सव बहुत कम लोग ही मनाते थे, उन्होंने बप्पा की मूर्ति मंगवाकर उसकी स्थापना शुरू कराई। धीरे-धीरे लोग महाराष्ट्र की इस परंपरा से लोग जुड़ गए।
यह भी पढ़ें- UP News: बुकिंग खुलते ही फुल हो रहीं नियमित ट्रेनें, त्योहारों पर विशेष गाड़ियों में देना होगा अधिक किराया
कटरा के राजा की आभा निराली
एक ओर महाराष्ट्र के लोगों ने गणेश उत्सव की शुरुआत शहर में की तो वहीं शहर के लोग भी इसमें पीछे नहीं है। कटरा के राजा के प्रसिद्ध पंडाल की शुरुआत विशाल श्रीवास्तव ने सन 2003 में की थी। बताते है कि उस समय वह पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन परिवार भगवान गणेश की नियमित पूजा करता था।
गणेश चतुर्थी के दौरान परिवार व दोस्तों के कहने पर उन्होंने छोटे एक गणपति को घर में स्थापित किया और पांच दिन तक उनकी पूजा की, आसपास के लोग भी नियमित गणपति की पूजा के लिए घर आने लगे।
सीबीगंज में भी सज रहा गणपति का पंडाल
शहर से इलाके सीबीगंज में भी गणेश चतुर्थी की धूम रहती है। श्री महाकाल कांवड़ सेवा मंडल की ओर से अनुज गुप्ता, अमन गुप्ता व रवि गुप्ता ने गणपति की स्थापना की। कम समय में ही आसपास के क्षेत्र में यह गणेश पंडाल प्रसिद्ध हो गया। गणपति की स्थापना से पहले गणपति को नगर भ्रमण कराया जाता है। मुख्य आकर्षण मटकी फोड़ का रहता है इसके बाद शोभायात्रा व विसर्जन किया जाएगा।
इस साल शाहबदा में स्थापित होगी छह फुट ऊंची प्रतिमा
शहर के शाहबाद में 25 साल पहले अरुण वर्मा ने गणेश पंडाल की शुरुआत की। बताते है कि शहर में उस समय बहुत कम की पंडाल लगा करते थे। आसपास के लोगों को कहने पर पहले छोटी सी मूर्ति स्थापित की और चार दिन तक विधिवत पूजा पाठ किया। इसके बाद धीरे-धीरे कर पंडाल में आने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी होने लगी और पंडाल को शाहबाद के राजा के नाम से प्रसिद्ध हो गया। इस बार भी छह फुट ऊंची मूर्ति स्थापित की जाएगी।