फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Urs-e-Sharafati concludes with the Kul ritual pilgrims gathered to pray for peace and harmony in Bareilly

बरेली: उर्स-ए-शराफती का कुल की रस्म के साथ समापन, जायरीन का उमड़ा हुजूम, अमन-चैन की दुआ मांगी

Tue, 25 Aug 2026 03:18 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Tue, 25 Aug 2026 03:18 PM IST
सार

बरेली में विश्वविख्यात सूफी संत शाह मौलाना शराफ़त अली मियां का उर्स-ए-शराफती मंगलवार को कुल की रस्म के साथ संपन्न हुआ। सज्जादानशीन शाह मोहम्मद गाजी मियां ने कुल शरीफ की रस्म अदा की। उन्होंने इंसानियत, मोहब्बत और आपसी मेल-जोल का संदेश दिया।

विज्ञापन
Urs-e-Sharafati concludes with the Kul ritual pilgrims gathered to pray for peace and harmony in Bareilly
कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बरेली में विश्वविख्यात सूफी संत शाह मौलाना शराफ़त अली मियां के उर्स-ए-शराफती का मंगलवार को कुल की रस्म के साथ समापन हो गया। इस मौके पर देश में अमन-चैन, भाईचारे और आपसी इत्तेहाद के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। उर्स के अंतिम दिन खानकाह शरीफ में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा। कुल के बाद भी मजार पर हाजिरी और गुलपोशी का सिलसिला देर तक चलता रहा।

विज्ञापन


Urs-e-Sharafati concludes with the Kul ritual pilgrims gathered to pray for peace and harmony in Bareilly
जायरीन की भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंगलवार को सुबह से ही देश-विदेश से आए जायरीन खानकाह शरीफ़ पहुंचने लगे थे। सुबह 11 बजे कुल शरीफ की महफिल आयोजित हुई। कुल शरीफ की रस्म खानकाह शरीफ के सज्जादानशीन शाह मोहम्मद गाजी मियां ने अदा की। इस दौरान खानकाह सहित शाहाबाद के आसपास की सभी गलियां जायरीन की भीड़ से भर गईं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

Urs-e-Sharafati concludes with the Kul ritual pilgrims gathered to pray for peace and harmony in Bareilly
उर्स में उमड़े जायरीन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। कुल के बाद देश की खुशहाली और तरक्की के लिए खास दुआ की गई। इसके बाद अकीदतमंदों ने मजार-ए-पाक पर हाजिरी दी और गुलपोशी का सिलसिला जारी रहा। बड़ी तादाद में जायरीन, मुरीदीन और स्थानीय लोग इस आयोजन में शामिल हुए।
विज्ञापन

Urs-e-Sharafati concludes with the Kul ritual pilgrims gathered to pray for peace and harmony in Bareilly
जायरीन की भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अमन और भाईचारे का पैगाम
इस अवसर पर खानकाह शरीफ़ की ओर से इंसानियत, मोहब्बत और आपसी भाईचारे का पैगाम दिया गया। सज्जादानशीन शाह मोहम्मद गाजी मियां ने कहा कि बुजुर्गाने दीन की शिक्षाएं इन्सानियत की सेवा का संदेश देती हैं। उन्होंने मोहब्बत, आपसी मेल-जोल और समाज में शांति कायम करने पर जोर दिया। उन्होंने अकीदतमंदों से इन शिक्षाओं पर अमल करते हुए समाज में प्रेम और एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed