UP News: बुकिंग खुलते ही फुल हो रहीं नियमित ट्रेनें, त्योहारों पर विशेष गाड़ियों में देना होगा अधिक किराया
दिवाली और छठ पूजा के त्योहार दो महीने बाद हैं। लोग घर जाने और फिर काम पर लौटने के लिए अभी से टिकट बुक करा रहे हैं। इसके चलते बरेली होते हुए पूर्वांचल, बिहार, कोलकाता, दिल्ली, पंजाब, जम्मू, राजस्थान, मुंबई की ओर जाने-आने वाली ज्यादातर ट्रेनों में 15 से 24 अक्तूबर तक नो रूम की स्थिति है।
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दो माह बाद दीपावली है, लेकिन कंफर्म टिकटों की मारामारी अभी से शुरू हो गई है। रेलवे दो माह पहले टिकट बुक कराने की सुविधा देता है। आलम यह है कि रोजाना बुकिंग खुलने के कुछ ही घंटों में ट्रेनों में नो रूम की स्थिति हो जा रही है। टिकट बुकिंग बंद हो जा रही है। बरेली होते हुए पूर्वांचल, बिहार, कोलकाता, दिल्ली, पंजाब, जम्मू, राजस्थान, मुंबई की ओर जाने-आने वाली ज्यादातर ट्रेनों में 15 से 24 अक्तूबर तक नो रूम की स्थिति है। हालांकि, विशेष गाड़ियों का विकल्प रहेगा, लेकिन यात्रियों को किराया अधिक देना होगा।
बरेली होते हुए रोज औसतन 200 से ज्यादा ट्रेनों का आवागमन होता है। इस बार 19 से 22 अक्तूबर तक दीपावली, 25 से 28 अक्तूबर तक छठ पूजा है। लोग घर जाने और फिर काम पर लौटने के लिए अभी से टिकट बुक करा रहे हैं। बरेली से ही रोज ऑनलाइन और काउंटर के जरिये औसतन 700-800 आरक्षित टिकट बुक किए जा रहे हैं।
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अप-डाउन सप्ताह में दो-दो दिन चलने वाली बापूधाम मोतिहारी-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस में भी अक्तूबर में वेटिंग है। हालांकि, रेलवे बरेली होते हुए 20 जोड़ी त्योहार विशेष गाड़ियों के संचालन की तैयारी कर रहा है। नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिलने से मायूस यात्रियों को अब इन विशेष ट्रेनों की समय सारिणी जारी होने का इंतजार है।
पिछले साल 30 जोड़ी से ज्यादा विशेष गाड़ियों को हुआ था संचालन
पिछले त्योहारी सीजन में विशेष ट्रेनें नाकाफी साबित होने पर रेलवे को इनकी संख्या बढ़ानी पड़ी थी। करीब 30 जोड़ी विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया था। एक-दो फेरों के लिए अलग से अनारक्षित ट्रेनों का संचालन भी किया गया था। इस बार अब तक के आकलन के बाद रेलवे ने 20 जोड़ी विशेष गाड़ियों के संचालन का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
अयोध्या-काशी के लिए वंदे भारत में सीटों की कमी नहीं
मेरठ-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस का 27 अगस्त से अयोध्या होते हुए वाराणसी तक संचालन होगा। इस गाड़ी में अब भी काफी सीटें खाली हैं। मेरठ-लखनऊ के बीच 60 फीसदी से ज्यादा खाली सीटों के साथ दौड़ने के कारण ही इसे अयोध्या होते हुए वाराणसी तक विस्तार दिया गया है। उम्मीद थी कि इसके बाद स्थिति में सुधार होगा, लेकिन हालात पहले जैसे ही हैं। दूसरी ओर, नियमित ट्रेनों में बरेली से अयोध्या और वाराणसी के लिए वेटिंग है।
27 अगस्त से मेरठ-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस नाम से संचालित होने वाली आठ कोच की इस गाड़ी के चेयरकार और एग्जीक्यूटिव दोनों ही श्रेणियों में सीटें खाली हैं। 27 अगस्त से एक सितंबर तक बरेली से लखनऊ, अयोध्या और वाराणसी के बीच चेयरकार श्रेणी में रोजाना 300 तो एग्जीक्यूटिव श्रेणी में 15 सीटें खाली हैं। यात्री वंदे भारत के बजाय नियमित ट्रेनों को तवज्जो दे रहे हैं। किराया ज्यादा होने को इसकी प्रमुख कारण माना जा रहा है।
किराया रुपये में
बरेली से लखनऊ
चेयरकार-900
एग्जीक्यूटिव-1575
बरेली से अयोध्या
चेयरकार-1105
एग्जीक्यूटिव-1988
बरेली से बाराणसी
चेयरकार-1485
एग्जीक्यूटिव-2745