विधवा पेंशन घोटाला: बरेली में 25 मामलों में एफआईआर के आदेश, एसएसपी ने गठित की एसआईटी
बरेली में एसएसपी अनुराग आर्य ने विधवा पेंशन घोटाले से जुड़े मामलों में एसआईटी गठित कर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस योजना का लाभ लेने वाली सुहागिनों का ब्योरा जुटा रही है। बिचौलियों व सत्यापनकर्ताओं पर भी शिकंजा कसेगा।
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बरेली में महिला कल्याण विभाग में हुए विधवा पेंशन घोटाले की परतें उधड़ने लगी हैं। डीएम की तरफ से बृहस्पतिवार को भेजी गई एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर पुलिस सक्रिय हो गई है। एसएसपी ने शुक्रवार को एसआईटी गठित कर 25 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराकर विस्तृत जांच करने का आदेश दिया है। अब योजना का लाभ लेने वाली सुहागिनों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। पुलिस बिचौलियों के साथ ही सत्यापनकर्ताओं पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है।
विधवा पेंशन के दूसरे घोटाले की विस्तृत जांच और कार्रवाई के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा कर रही हैं। उनके साथ सीओ आंवला नितिन कुमार और आंवला थानाध्यक्ष केवी सिंह भी टीम में शामिल किए गए हैं। डीएम के निर्देश पर एसडीएम आंवला विदुषी सिंह ने पांच माह तक विधवा पेंशन घोटाले की जांच की। इसके बाद उन्होंने पिछले सप्ताह रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। इसमें कई तथ्य अधूरे मानकर डीएम ने विस्तृत जांच के लिए रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी थी। रिपोर्ट में 25 प्रकरण बताए गए हैं। इनमें गलत तरीके से विधवा पेंशन लेने वाली महिलाओं की पुलिस गिनती कर रही है।
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1.23 करोड़ रुपये का हुआ है घोटाला
इस घोटाले से पहले चार नवंबर को भी पुलिस ने 56 सुहागिनों के विधवा पेंशन और दो अपात्रों के वृद्धावस्था पेंशन लेने का खुलासा किया था। इनके खातों में पेंशन की विभिन्न किस्तों के रूप में कुल 1.23 करोड़ रुपये विभाग की ओर से भेजे जाने की पुष्टि हुई थी। इस फर्जीवाड़े का खुलासा भी एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने किया था।
इस खुलासे के बाद ही प्रशासन की नींद टूटी। मई से लंबित जांच में तेजी आई और एसडीएम आंवला ने आनन-फानन में रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय भेज दी। एसडीएम विदुषी सिंह के मुताबिक, प्रकरण की जांच में उन्हें सत्यापनकर्ताओं के नाम पता नहीं चल सके हैं। इसके लिए उन्होंने बीडीओ और जिला प्रोबेशन अधिकारी से पत्राचार भी किया, लेकिन किसी ने सहयोग नहीं किया। जिन बिचौलियों ने सुहागिनों के पति के नाम से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया, उनका जिक्र एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में किया है।
2023 में भी सुहागिनों के पेंशन लेने का हुआ था खुलासा
आंवला एसडीएम ने 61 सुहागिनों को पिछले पांच-छह वर्षों से लगातार मिल रही विधवा पेंशन की जांच की है। पहले भी वर्ष 2023 में आंवला तहसील क्षेत्र की 34 सुहागिनों के विधवा पेंशन लेने का मामला सामने आया था।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि डीएम की ओर से 25 मामलों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं के संबंध में पत्र मिला है। एसपी दक्षिणी की निगरानी में एसआईटी गठित कर एफआईआर दर्ज करने और विधिक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।