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Bareilly News: सिंथेटिक ट्रैक पूरा होने से पहले ही ड्रेनेज सिस्टम धराशायी
Mon, 30 Sep 2024 03:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 30 Sep 2024 03:13 AM IST
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बरेली। स्पोर्ट्स स्टेडियम में 10 करोड़ रुपये की लागत से सिटी एंड इंडस्टि्रयल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (सिडको) की ओर से सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण कराया जा रहा है। इस बीच कार्य की गुणवत्ता पर सवाल भी उठने लगे हैं। सिंथेटिक लेयर डालने से पहले ही ड्रेनेज सिस्टम धराशायी होने लगा है। आठ जगह से नालियां टूटने लगी हैं। एक जगह पर करीब 12 मीटर नाली टूट गई है। इस वजह से नाली में ट्रैक की मिट्टी और कंकरीट भर गया है। इस ट्रैक पर एस्टोनिया से आयातित सिंथेटिक मैटेरियल की तीन परतें बिछाई जाएंगी। इसके वजन से ये नालियां पूरी तरह टूट जाएंगी
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव साहिबे आलम ने कहा कि सिंथेटिक ट्रैक के निर्माण से स्टेडियम को जिला, प्रदेश के साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी तेजी से मिलेंगी, लेकिन ट्रैक की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। सिंथेटिक ट्रैक में सबसे अहम ड्रेनेज सिस्टम ही होता है। पहले ट्रैक की लाइन के किनारे नाली बनाई जाती है। नाली और ट्रैक के बीच में एल्युमिनियम की प्लेट होती है। ढलान, एल्युमिनियम की प्लेट और नाली, तीनों ट्रैक के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं है तो निश्चित तौर पर पहली बरसात में ही ट्रैक कई जगह से उधड़ने लगेगा और इस पर काई तक आ सकती है।
सीडीओ के मुताबिक इससे पहले भी ट्रैक की गुणवत्ता को लेकर शिकायत आई थी। इसके बाद मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल को मामले की रिपोर्ट भेजकर टेक्निकल ऑडिट सेल (टीएसी) से जांच कराई गई थी। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर ट्रैक को तोड़कर दोबारा बनवाया जा रहा है। इसके बावजूद गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
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इससे पहले भी जांच के बाद ट्रैक को दोबारा बनवाया गया था। ट्रैक की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। मैं स्वयं जाकर इसको देखूंगा। हालत ठीक नहीं हुई तो संबंधित एजेंसी से भी जवाब तलब किया जाएगा। - जगप्रवेश, सीडीओ
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अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव साहिबे आलम ने कहा कि सिंथेटिक ट्रैक के निर्माण से स्टेडियम को जिला, प्रदेश के साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी तेजी से मिलेंगी, लेकिन ट्रैक की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। सिंथेटिक ट्रैक में सबसे अहम ड्रेनेज सिस्टम ही होता है। पहले ट्रैक की लाइन के किनारे नाली बनाई जाती है। नाली और ट्रैक के बीच में एल्युमिनियम की प्लेट होती है। ढलान, एल्युमिनियम की प्लेट और नाली, तीनों ट्रैक के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं है तो निश्चित तौर पर पहली बरसात में ही ट्रैक कई जगह से उधड़ने लगेगा और इस पर काई तक आ सकती है।
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सीडीओ के मुताबिक इससे पहले भी ट्रैक की गुणवत्ता को लेकर शिकायत आई थी। इसके बाद मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल को मामले की रिपोर्ट भेजकर टेक्निकल ऑडिट सेल (टीएसी) से जांच कराई गई थी। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर ट्रैक को तोड़कर दोबारा बनवाया जा रहा है। इसके बावजूद गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
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इससे पहले भी जांच के बाद ट्रैक को दोबारा बनवाया गया था। ट्रैक की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। मैं स्वयं जाकर इसको देखूंगा। हालत ठीक नहीं हुई तो संबंधित एजेंसी से भी जवाब तलब किया जाएगा। - जगप्रवेश, सीडीओ