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पिता के श्राद्ध पर भी नहीं आए राठौर

Thu, 07 Sep 2017 02:04 AM IST
बरेली
बरेली Updated Thu, 07 Sep 2017 02:04 AM IST
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परिवार के लोग उम्मीद लगाए बैठे थे कि भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर कहीं भी गए हों, पिता के श्राद्ध पर जरूर घर लौट आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहली बार ऐसा हुआ कि राठौर की गैरमौजूदगी में उनके पिता का श्राद्ध हुआ। उन्हें ढूंढने निकले उनके दो भाई, दोनों बेटे और भतीजे भी श्राद्ध में शामिल नहीं हो सके। परिवार के अन्य लोगों ने उदासी भरे माहौल में श्राद्ध किया।
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भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर 31 अगस्त से लापता हैं। परिवार के लोग उनकी तलाश में लगे हैं। बुधवार को राठौर के पिता देवेंद्र सिंह राठौर का 11 वां श्राद्ध था। भाजपा जिलाध्यक्ष की अगुवाई में हर साल पूरा परिवार श्राद्ध में शामिल होता था। लेकिन इस बार पहला मौका था जब राठौर पिता के श्राद्ध में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी में छोटे भाई शैलेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह और पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने मां शकुंतला के साथ श्राद्ध किया। रवींद्र की तलाश में गए उनके भाई नीरेंद्र सिंह और हितेंद्र सिंह भी अपने पिता के श्राद्ध में नहीं शामिल हो सके। वह बेटे राहुल के परिवार के साथ रह रहीं जिलाध्यक्ष की पत्नी पुष्पा मंगलवार सुबह नोएडा से पहुंचीं। उधर, मथुरा से झेलम एक्सप्रेस पर सवार होने की जिलाध्यक्ष के फुटेज मिलने के बाद उनके भाई हितेंद्र अपने बेटे रोमी और मित्र ओपी राठौर समेत तमाम लोगों के साथ दतिया के बगुलामुखी माता के मंदिर गए थे जो वहीं डेरा डाले हुए हैं। मुरैना के विधायक नीटू भइया ने भी अपने समर्थकों की टीम उनके साथ लगा दी है।
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मथुरा के धौलीप्याऊ भी गए थे भाजपा जिलाध्यक्ष
मथुरा/बरेली। एक सप्ताह से ज्यादा समय से लापता भाजपा जिलाध्यक्ष की लोकेशन मथुरा में एक और जगह मिली है। सीसीटीवी फुटेज में मथुरा के धौलीप्याऊ पर नजर आए हैं। वृंदावन के इस्कॉन मंदिर के आसपास भी उनकी लोकेशन मिली है। राठौर को ढूंढने के लिए उनके परिजनों ने मथुरा में डेरा डाला हुआ है। जिलाध्यक्ष के शिष्य रहे और अब मथुरा में भाजपा विस्तारक रितेश पाठक ने बताया कि उनकी आखिरी लोकेशन मथुरा के धौलीप्याऊ में मिली है। यहां की सीसीटीवी फुटेज में वह कुछ क्षण के लिए नजर आए हैं। इससे पहले उन्हें मथुरा रेलवे स्टेशन पर देखा गया था। जिस तरह मथुरा में कई स्थानों उनकी लोकेशन मिली है, उससे माना जा रहा है कि वह यहां कुछ दिनों तक रुके और फिर कहीं और चले गए।
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इससे पहले चार दिन से ज्यादा साधना पर कभी नहीं रहे 
बरेली। भाजपा जिलाध्यक्ष ढूंढने निकले उनके भाई नीरें्द्र मंगलवार को बरेली लौट आए। उनके दूसरे भाई हितेंद्र उर्फ विक्की मध्य प्रदेश के दतिया की खाक छान रहे हैं। नीरेंद्र ने बताया कि जिलाध्यक्ष साधना के लिए धार्मिक यात्रा पर पहले भी जाते रहे हैं लेकिन इससे पहले चार दिन से ज्यादा समय कभी नहीं लगाया। मोबाइल भी कभी बंद नहीं रखा। उसे साइलेंट मोड में जरूर कर देते थे और समय मिलते ही परिवार के संपर्क करते थे। ऐसा पहली बार है जब, वह सप्ताह भर से मोबाइल बंद किए हैं और किसी के संपर्क में नहीं हैं। नीरेंद्र के अनुसार रवींद्र को मथुरा और वृंदावन में तीन दिन तलाश करने के बाद वह लौटे हैं क्योेंकि पिता का श्राद्ध था। नीरेंद्र का कहना है कि ऐसा पहली बार है कि भाजपा जिलाध्यक्ष का सप्ताह भर से मोबाइल स्विच है। परिवार के लोगों को इसी वजह से ज्यादा चिंता हो रही है।

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डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट घर पहुंचे
जिलाधिकारी आर विक्रम सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिंह ने बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष के शहर स्थित घर पहुंचे परिवार को धीरज बंधाया। दोनों अधिकारियों को घर पर जिलाध्यक्ष के भाई नीरेंद्र सिंह राठौर मिले। उन्होंने डीएम को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और सहयोग मांगा। डीएम ने भरोसा दिलाया कि वह दतिया प्रशासन से बात करेंगे। परिवार की जो भी मदद हो सकती है, वह कराई जाएगी। मौके पर भाजपा नेता धर्म विजय गंगवार, चंचल गंगवार, प्रदीप पुष्कर आदि मौजूद थे।  

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मां ने बेटे के चेहरे पर भांप ली थी उदासी की झलक
भाजपा जिलाध्यक्ष की मां शकुंतला देवी ने मंगलवार को बताया कि लखनऊ से लौटने के बाद उन्होंने बेटे को काफी उदास देखा था। रवींद्र के उदास होने की बात उन्होंने घर में सबको बताई लेकिन कोई कुछ पूछता, उससे पहले ही वह दूसरे दिन सुबह मथुरा निकल गए। शकुंतला देवी ने बताया कि रवींद्र जब भी अपनी ननिहाल सागर (मध्य प्रदेश) जाते थे तो दतिया मेंमां पीतांबरी माई के दर्शन जरूर करते थे। वह पीतांबरी माई से गुरुमंत्र ले चुके हैं। मंदिर में पहुंचकर वह अक्सर घंटों साधना में लीन हो जाते थे। उन्हें लगता है कि इस बार भी वह मां पीतांबरी के दर्शन करने गए और साधना में लीन हो गए हैं।


ज्योतिषी की शरण में पहुंचा परिवार
भाजपा जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर के सप्ताह भर से लापता होने से चिंतित परिवार ने शहर के एक नामचीन ज्योतिषी से संपर्क साधा है। परिवार के सदस्यों ने यह खुलासा नहीं किया कि ज्योतिषी ने क्या बताया। इतना जरूर कहा कि एक से दो दिन में जिलाध्यक्ष की लोकेशन बताने की बात कही गई है। 
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