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मौला तो मस्त है कि फूल बी को दे दिया तलाक
बरेली।
Updated Thu, 30 Mar 2017 01:19 AM IST
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Maula is so happy that given to Flower B, divorce
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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एक बीबी के होते हुए मौला बख्श ने फूल बी को गुमराह कर उससे भी दो साल पहले निकाह कर लिया। मूंगफली बेचने वाले मौला को इतना तो पता है कि मुसलमान एक से अधिक शादी कर सकता है और बोल कर या स्टांप पर लिखवा भर देने से तलाक भी आसानी से हो जाता है। दुधमुंहें बच्चे की मां फूल बी अब उसे पसंद नहीं थी इसलिए उससे छुटकारा चाहता था। वकील से मशविरा किया और स्टांप पर तलाकनामा लिखवा लिया। इस पर फूल बी का अंगूठा लग चुका है। इस तरह फूल बी उसके जीवन से बाहर हो गई। उसकी गोद में मौला बख्श का दुधमंहा बच्चा है। अगला ठिकाना नहीं पता। बुरका सरका कर बांह पर पड़े नीले निशान दिका कर बता रही है ये पिटाई के साक्ष्य हैं। पीठ में भी ऐसे ही निशान हैं। उसका कहना है कि तलाक के लिए पति और सास ने पीटकर दबाव बनाया। उधर, मौला कहता है कि तलाक उसने मांगी थी इसलिए दे दी। मौला के पास एक और बीवी है लेकिन फूल बी तो बेघर हो गई।
तलाक की ये लिखत पढ़त सात दिन पहले हो चुकी। तब से फूल बी अपने दो महीने के मासूम के लिए भटक रही जो मौला ने अपनी औलाद बता कर रख लिया था। थाने पहुंची तो हल्का इंचार्ज ने पंचायत कराकर बच्चा वापस दिलवा दिया है। पहली पत्नी से मौला का ढाई साल का बेटा है। फूल बी का कहना है कि निकाह के वक्त उसने पहले निकाह की बात नहीं बतायी थी। दो साल तक उसे परिवार के साथ रखा। आरोप है कि 23 मार्च को वकील के पास ले गया और स्टांप पर उसके दस्तखत और अंगूठा निशानी लेकर तलाक दे दिया। तीन दिन पहले उसके बेटे को छीनकर उसे घर से निकाल दिया गया। तब से महिला बच्चा दिलवाने के लिए थाना के चक्कर लगा रही थी। बुधवार को पंचायत हुई, मोहल्ले वालों के दबाव में शौहर ने बेटा वापस कर दिया पर पत्नी को साथ रखने के लिए राजी नहीं है।
38 वर्षीय मौलाबक्श ने छह साल पहले पीलीभीत की शबाना बी से निकाह किया। दो साल पहले वह पीलीभीत के बंडा गया जहां की फूल बानो से निकाह कर लाया। बुधवार को समझौते के लिए पहुंचे मौलाबख्श, पहली पत्नी शबाना और अन्य के सामने फूल बानो ने आरोप लगाया कि निकाह के कुछ समय के बाद ही पति और सास उसे पीटने लगे थे। उस पर तलाक देने का दबाव बनाकर घर से निकल जाने को कहते। हालांकि उसने शौहर की पहली पत्नी पर कोई आरोप नहीं लगाया। इस मामले में मौलाने समझौता करा रहे हल्का इंचार्ज कैलाश सिंह से कहा कि उसने फूल बानो की मर्जी से उसे तलाक दिया है। फूल बानो रो-रोकर अपना बेटा मांगने लगी, उसे बच्चा दिला दिया गया। फूल बानो के मायके में सिर्फ भाई हैं। निकाह के बाद से उनसे कोई वास्ता नहीं है। वह थाना में रोते हुए सबसे अपनी रोटी-पानी के इंतजाम के लिए मिन्नते करती रही पर इसका पुलिस और पंचायत कोई समाधान नहीं निकाल सकी।
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तलाक की ये लिखत पढ़त सात दिन पहले हो चुकी। तब से फूल बी अपने दो महीने के मासूम के लिए भटक रही जो मौला ने अपनी औलाद बता कर रख लिया था। थाने पहुंची तो हल्का इंचार्ज ने पंचायत कराकर बच्चा वापस दिलवा दिया है। पहली पत्नी से मौला का ढाई साल का बेटा है। फूल बी का कहना है कि निकाह के वक्त उसने पहले निकाह की बात नहीं बतायी थी। दो साल तक उसे परिवार के साथ रखा। आरोप है कि 23 मार्च को वकील के पास ले गया और स्टांप पर उसके दस्तखत और अंगूठा निशानी लेकर तलाक दे दिया। तीन दिन पहले उसके बेटे को छीनकर उसे घर से निकाल दिया गया। तब से महिला बच्चा दिलवाने के लिए थाना के चक्कर लगा रही थी। बुधवार को पंचायत हुई, मोहल्ले वालों के दबाव में शौहर ने बेटा वापस कर दिया पर पत्नी को साथ रखने के लिए राजी नहीं है।
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38 वर्षीय मौलाबक्श ने छह साल पहले पीलीभीत की शबाना बी से निकाह किया। दो साल पहले वह पीलीभीत के बंडा गया जहां की फूल बानो से निकाह कर लाया। बुधवार को समझौते के लिए पहुंचे मौलाबख्श, पहली पत्नी शबाना और अन्य के सामने फूल बानो ने आरोप लगाया कि निकाह के कुछ समय के बाद ही पति और सास उसे पीटने लगे थे। उस पर तलाक देने का दबाव बनाकर घर से निकल जाने को कहते। हालांकि उसने शौहर की पहली पत्नी पर कोई आरोप नहीं लगाया। इस मामले में मौलाने समझौता करा रहे हल्का इंचार्ज कैलाश सिंह से कहा कि उसने फूल बानो की मर्जी से उसे तलाक दिया है। फूल बानो रो-रोकर अपना बेटा मांगने लगी, उसे बच्चा दिला दिया गया। फूल बानो के मायके में सिर्फ भाई हैं। निकाह के बाद से उनसे कोई वास्ता नहीं है। वह थाना में रोते हुए सबसे अपनी रोटी-पानी के इंतजाम के लिए मिन्नते करती रही पर इसका पुलिस और पंचायत कोई समाधान नहीं निकाल सकी।
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