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सिपाही के खिलाफ साक्ष्य जुटाने पहुंची चंडीगढ़ पुलिस
हाफिजगंज/बरेली
Updated Fri, 19 Dec 2014 01:00 AM IST
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तीन साल पुराने रितेश हत्याकांड की फाइल फिर खुली है। मामले में आरोपी सिपाही का मोबाइल आदि लेने चंडीगढ़ पुलिस बृहस्पतिवार को थाने पहुंची। सिपाही इन दिनों जेल में है।
रिठौरा के शिक्षक रितेश कुमार रस्तोगी की लाश सात मई 2011 को रिठौरा-भोजीपुरा रोड पर नहर किनारे मिली थी। रितेश की पत्नी रश्मि रस्तोगी ने प्रेम प्रसंग के चलते हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में शिवानी पत्नी अजय कुमार निवासी मुलूकपुर बरेली, नितिन रस्तोगी पुत्र ईश्वरी प्रसाद मुरादाबाद, आशू उर्फ आशुतोष रामपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। तत्कालीन एसओ गजेंद्र सिंह ने कॉल डिटेल निकाली।
इसमें रंजित सिंह पुत्र कांशीराम देवरनिया, शाकिर उर्फ लंबू शाहपुर देवरनियां, अजय कुमार रस्तोगी मलूकपुर किला और कांस्टेबल वेदप्रकाश शर्मा पुत्र शिवचरन लाल बिहारीपुर थाना कोतवाली के नाम प्रकाश में आए। सभी पर हत्या कर साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया गया। छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। कांस्टेबल वेदप्रकाश की तलाश की गई मगर वह हत्थे नहीं चढ़ा। कुर्की के एक साल बाद कांस्टेबल ने सरेंडर कर दिया था।
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रिठौरा के शिक्षक रितेश कुमार रस्तोगी की लाश सात मई 2011 को रिठौरा-भोजीपुरा रोड पर नहर किनारे मिली थी। रितेश की पत्नी रश्मि रस्तोगी ने प्रेम प्रसंग के चलते हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में शिवानी पत्नी अजय कुमार निवासी मुलूकपुर बरेली, नितिन रस्तोगी पुत्र ईश्वरी प्रसाद मुरादाबाद, आशू उर्फ आशुतोष रामपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। तत्कालीन एसओ गजेंद्र सिंह ने कॉल डिटेल निकाली।
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इसमें रंजित सिंह पुत्र कांशीराम देवरनिया, शाकिर उर्फ लंबू शाहपुर देवरनियां, अजय कुमार रस्तोगी मलूकपुर किला और कांस्टेबल वेदप्रकाश शर्मा पुत्र शिवचरन लाल बिहारीपुर थाना कोतवाली के नाम प्रकाश में आए। सभी पर हत्या कर साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया गया। छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। कांस्टेबल वेदप्रकाश की तलाश की गई मगर वह हत्थे नहीं चढ़ा। कुर्की के एक साल बाद कांस्टेबल ने सरेंडर कर दिया था।
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