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जांच में हुई पुष्टि, देवचरा में हो रहा थो पेट्रोल का खेल
बरेली।
Updated Tue, 11 Apr 2017 01:08 AM IST
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Confirmation in the investigation, Tho petrol game in Devchara
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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27 फरवरी आधी रात मेें देवचरा स्थित एक कोल्ड स्टोरेज अवैध पेट्रोलियम भंडार और मिलावट का धंधा पकड़े जाने के बाद लिए गए नमूने विधि विज्ञान प्रयोगशाला परख लिए हैं। लैब ने नेफ्था, साल्वेंट मौजूदगी और पेट्रोलियम पदार्थों में मिलावट की पुष्टि कर दी है। इस मामले में दर्ज मुकदमा में धारा बढ़वाने के लिए आंवला थाना को लिखा गया है।
बरेली बदायूं हाईवे पर भोलापुर देवचरा स्थित स्नेह कोल्ड स्टोरेज परिसर में हुई संयुक्त छापा कार्रवाई में नकली और मिलावटी पेट्रोलियम पदार्थ का धंधा करने वालों का बड़ा गिरोह पकड़ा गया था। पुलिस ने चार टैंकरों से 55 हजार तेल जब्त किया था। भमोरा थाना में 11 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर लिखकर सात आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सामने आया था कि मिलावट का यह खेल लंबे समय से चल रहा था। पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज मालिक केके गुप्ता व उसके बेटे अंकित, सौरभ गुप्ता निवासी एकता नगर और साझेदार नितिन कंसल को मुख्य आरोपी बनाया था। गुजरात के सब्बू भाई का डीजल का टैंकर मिला था। हालांकि उसकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी।
पुलिस और प्रशासन की टीम ने छापे के दौरान मौके से पांच नमूने लेकर जांच के लिए भेजे थे। इनमें से एक में पेट्रोल दूसरे में हाई स्पीड डीजल पाया गया। दो अन्य की जांच के बाद इसे पेट्रोलियम हाइड्रो कार्बन सोलवेंट बताया गया है। पांचवा नमूना मिलावटी पेट्रोल था जिसके बारे में बताया गया है कि इसमें नारंगी रंग का रजक भी पाया गया है।
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अब इस जांच रिपोर्ट और अभियुक्तों के बयानों के आधार पर पुलिस को चार्जशीट तैयार करनी है। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार चार्जशीट के बाद ही इनकी गिरफ्तारी हो सकती है।
गिरफ्तारी पर स्टे से हुई थी किरकिरी
सुभाषनगर निवासी धर्मवीर यादव, विजय प्रकाश निवासी विचपुरी, रिजवंत निवासी नवाबगंज, धर्मवीर निवासी भोलापुर, वीरेंद्र पाल सिंह निवासी निगोही और कुलदीप निवासी नवाबगंज को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। मामले की जांच भमोरा थाना से आंवला थाना के प्रभारी एसएस पवार के पास ट्रांसफर की गई थी। जांच के दौरान फरार चल रहे केके गुप्ता सहित मुख्य आरोपी हाईकोर्ट से गिरफ्तारी के खिलाफ स्टे लेकर आ गए। जिससे पुलिस की काफी किरक री हुई थी। इस मामले तत्कालीन भमोरा थाना प्रभारी सतीश यादव सस्पेंड किए जा चुके हैं।
लैब रिपोर्ट
टैंकर यूपी 25 जी 8588 से लिए गए नमूने पेट्रोल के निकले।
यूपी 22 टी 7843 टैंकर में हाई स्पीड डीजल मिला है।
जीजे 12 एवाई 9315 और यूपी 79 टी 4010 के नमूनों की जांच में पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन साल्वेंट पाया गया है।
मौके से मिले एक बोतल पेट्रोल नमूनों की जांच में मिलावटी तेल मिलने की पुष्टि हुई है।
‘देवचरा में मिले अवैध डीजल, पेट्रोल और नेफ्था की जांच रिपोर्ट लैब से आयी गयी है। मिलावटी की पुष्टि होने पर विवेचक आंवला थानाध्यक्ष को रिपोर्ट भेजी है। जिससे धारा बढ़ायी जा सके।’
- केएल तिवारी, डीएसओ
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बरेली बदायूं हाईवे पर भोलापुर देवचरा स्थित स्नेह कोल्ड स्टोरेज परिसर में हुई संयुक्त छापा कार्रवाई में नकली और मिलावटी पेट्रोलियम पदार्थ का धंधा करने वालों का बड़ा गिरोह पकड़ा गया था। पुलिस ने चार टैंकरों से 55 हजार तेल जब्त किया था। भमोरा थाना में 11 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर लिखकर सात आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सामने आया था कि मिलावट का यह खेल लंबे समय से चल रहा था। पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज मालिक केके गुप्ता व उसके बेटे अंकित, सौरभ गुप्ता निवासी एकता नगर और साझेदार नितिन कंसल को मुख्य आरोपी बनाया था। गुजरात के सब्बू भाई का डीजल का टैंकर मिला था। हालांकि उसकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो सकी।
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पुलिस और प्रशासन की टीम ने छापे के दौरान मौके से पांच नमूने लेकर जांच के लिए भेजे थे। इनमें से एक में पेट्रोल दूसरे में हाई स्पीड डीजल पाया गया। दो अन्य की जांच के बाद इसे पेट्रोलियम हाइड्रो कार्बन सोलवेंट बताया गया है। पांचवा नमूना मिलावटी पेट्रोल था जिसके बारे में बताया गया है कि इसमें नारंगी रंग का रजक भी पाया गया है।
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अब इस जांच रिपोर्ट और अभियुक्तों के बयानों के आधार पर पुलिस को चार्जशीट तैयार करनी है। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार चार्जशीट के बाद ही इनकी गिरफ्तारी हो सकती है।
गिरफ्तारी पर स्टे से हुई थी किरकिरी
सुभाषनगर निवासी धर्मवीर यादव, विजय प्रकाश निवासी विचपुरी, रिजवंत निवासी नवाबगंज, धर्मवीर निवासी भोलापुर, वीरेंद्र पाल सिंह निवासी निगोही और कुलदीप निवासी नवाबगंज को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। मामले की जांच भमोरा थाना से आंवला थाना के प्रभारी एसएस पवार के पास ट्रांसफर की गई थी। जांच के दौरान फरार चल रहे केके गुप्ता सहित मुख्य आरोपी हाईकोर्ट से गिरफ्तारी के खिलाफ स्टे लेकर आ गए। जिससे पुलिस की काफी किरक री हुई थी। इस मामले तत्कालीन भमोरा थाना प्रभारी सतीश यादव सस्पेंड किए जा चुके हैं।
लैब रिपोर्ट
टैंकर यूपी 25 जी 8588 से लिए गए नमूने पेट्रोल के निकले।
यूपी 22 टी 7843 टैंकर में हाई स्पीड डीजल मिला है।
जीजे 12 एवाई 9315 और यूपी 79 टी 4010 के नमूनों की जांच में पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन साल्वेंट पाया गया है।
मौके से मिले एक बोतल पेट्रोल नमूनों की जांच में मिलावटी तेल मिलने की पुष्टि हुई है।
‘देवचरा में मिले अवैध डीजल, पेट्रोल और नेफ्था की जांच रिपोर्ट लैब से आयी गयी है। मिलावटी की पुष्टि होने पर विवेचक आंवला थानाध्यक्ष को रिपोर्ट भेजी है। जिससे धारा बढ़ायी जा सके।’
- केएल तिवारी, डीएसओ