{"_id":"5c969499bdec2239135eb71a","slug":"71553372313-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र की हत्या कर शव गेहूं के खेत में फेंका","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छात्र की हत्या कर शव गेहूं के खेत में फेंका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंवला। बिशारतगंज थाना क्षेत्र के गांव दसीपुर में दो दिन पहले होली मिलने निकले छात्र का शव शनिवार शाम गांव के नजदीक गेहूं के खेत में मिला। पुलिस का कहना है कि हत्या गला दबाकर की गई है। परिजनों ने किसी से रंजिश से इंकार किया है।
विक्रम सिंह का छोटा बेटा दीपक (15) बिशारतगंज के स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। पिता के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम आठ बजे वह गांव में अपने साथियों से होली मिलने निकला, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी खोजबीन की। पता नहीं लगने पर शुक्रवार को उन्होंने दीपक की गुमशुदगी बिशारतगंज थाने में दर्ज कराई। शनिवार को ग्रामीणों ने गांव से एक किमी दूर खेतों में तलाश शुरू की तो छोटे सिंह के गेहूं के खेत में दीपक की लाश मिली। पिता ने किसी रंजिश से इंकार किया। थानाध्यक्ष बिशारतगंज ने बताया कि दीपक का पता न लगने पर उन्होंने गुमशुदगी को अपहरण की धारा में तरमीम कर दिया था। अब हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। सीओ आंवला रामप्रकाश ने बताया कि शव को देखकर लग रहा है कि हत्या गला दबाकर की गई होगी। पोस्टमार्टम से स्थिति साफ हो जाएगी। मृतक के परिवार ने किसी पर शक नहीं जताया है।
सबका लाड़ला था दीपक
आंवला। दीपक घर में सबसे छोटा होने की वजह से सभी का लाडला था। दसीपुर के विक्रम सिंह खेती के अलावा दूध की खरीदने-बेचने का काम करते हैं। दीपक छठे नंबर का था। डीलडौल में वह अपने हमउम्र बच्चों से काफी बड़ा और बलिष्ठ दिखाई देता था। पढ़ाई में भी होशियार था। परिवार समझ नहीं पा रहा कि आखिर किसने उसकी हत्या कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विक्रम सिंह का छोटा बेटा दीपक (15) बिशारतगंज के स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। पिता के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम आठ बजे वह गांव में अपने साथियों से होली मिलने निकला, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी खोजबीन की। पता नहीं लगने पर शुक्रवार को उन्होंने दीपक की गुमशुदगी बिशारतगंज थाने में दर्ज कराई। शनिवार को ग्रामीणों ने गांव से एक किमी दूर खेतों में तलाश शुरू की तो छोटे सिंह के गेहूं के खेत में दीपक की लाश मिली। पिता ने किसी रंजिश से इंकार किया। थानाध्यक्ष बिशारतगंज ने बताया कि दीपक का पता न लगने पर उन्होंने गुमशुदगी को अपहरण की धारा में तरमीम कर दिया था। अब हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। सीओ आंवला रामप्रकाश ने बताया कि शव को देखकर लग रहा है कि हत्या गला दबाकर की गई होगी। पोस्टमार्टम से स्थिति साफ हो जाएगी। मृतक के परिवार ने किसी पर शक नहीं जताया है।
विज्ञापन
सबका लाड़ला था दीपक
आंवला। दीपक घर में सबसे छोटा होने की वजह से सभी का लाडला था। दसीपुर के विक्रम सिंह खेती के अलावा दूध की खरीदने-बेचने का काम करते हैं। दीपक छठे नंबर का था। डीलडौल में वह अपने हमउम्र बच्चों से काफी बड़ा और बलिष्ठ दिखाई देता था। पढ़ाई में भी होशियार था। परिवार समझ नहीं पा रहा कि आखिर किसने उसकी हत्या कर दी।
विज्ञापन