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आठ साल के बच्चे के अपहरण का शोर, बीस लाख फिरौती मांगी
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बरेली। बारादरी थाना क्षेत्र से आठ साल के बच्चे का अपहरण कर एक कमरे में बंद कर दिया गया। शाम को बच्चे की मां के नंबर पर बीस लाख रुपये फिरौती मांगने की कॉल आई तो हड़कंप मच गया। दिनदहाड़े अपहरण की सूचना पर एसपी क्राइम रमेश भारतीय के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस सक्रिय हुई तो रात में आठ बजे के करीब कोई शख्स बच्चे को घर के पास ही छोड़ गया। पड़ोसी समेत तीन लोग शक के दायरे में हैं, पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
रोहली टोला निवासी किराना व्यापारी अमित कुमार सिंह का आठ वर्षीय बेटा आयुष बिशप कोनार्ड स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है। आयुष ने बताया कि दोपहर साढ़े बारह बजे वह पड़ोसी बच्ची सना को दुकान से चीज दिला रहा था। तभी सना के पिता दीपांशु आए और उसे घुमाने के बहाने बाइक पर बैठा ले गए। उसने मां को बताकर आने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। पहले उसे पार्क में घुमाया फिर कोल्डड्रिंक पिलाई। वहां मिले अपने एक दोस्त से दीपांशु अंकल ने काम से जाने की बात कहकर मुझे घर छोड़ने को कहा। आयुष के मुताबिक अंकल के दोस्त ने उसे एक और कोल्डड्रिंक पिलाई तो नींद आ गई। होश आया तो खुद को कमरे में बंद पाया। शोर मचाया लेकिन किसी ने नहीं सुना। रात में जब वह चिल्ला रहा था तो एक अन्य अंकल ने खिड़की खोलकर देखा तो उसने सब बता दिया। तब उन्होंने गेट का ताला तोड़कर उसे निकाला और घर के पास छोड़कर चले गए।
पांच बजे आई फिरौती की कॉल
आयुष की मां कुसुम ने बताया कि वे लोग आयुष को खोज रहे थे। तभी पौने पांच बजे करीब उनके नंबर पर कॉल आई। इसमें बताया गया कि आयुष को अगवा कर लिया गया है। बीस लाख का इंतजाम कर लो। पुलिस को बताया तो बच्चे को जान से मार देंगे। इसके बाद से ही वे लोग पुलिस के संपर्क में थे।
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बच्चे को अगवा करने की खबर के बाद पुलिस, सर्विलांस सेल, क्राइम ब्रांच की टीमें लगी हुई थीं। अगवा करने वाले लोग जरूर ही परिवार और पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे होंगे और शायद मामला बढ़ता देख बच्चे को छोड़ गए। बच्चे को अगवा करने की वजह, फिरौती की इतनी बड़ी रकम और छोड़ने की वजह को लेकर अभी संशय है। पड़ोसी के मिलने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी। दूसरे लोगों के बारे में भी वही जानता है। - रमेश कुमार भारतीय, एसपी क्राइम
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रोहली टोला निवासी किराना व्यापारी अमित कुमार सिंह का आठ वर्षीय बेटा आयुष बिशप कोनार्ड स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है। आयुष ने बताया कि दोपहर साढ़े बारह बजे वह पड़ोसी बच्ची सना को दुकान से चीज दिला रहा था। तभी सना के पिता दीपांशु आए और उसे घुमाने के बहाने बाइक पर बैठा ले गए। उसने मां को बताकर आने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। पहले उसे पार्क में घुमाया फिर कोल्डड्रिंक पिलाई। वहां मिले अपने एक दोस्त से दीपांशु अंकल ने काम से जाने की बात कहकर मुझे घर छोड़ने को कहा। आयुष के मुताबिक अंकल के दोस्त ने उसे एक और कोल्डड्रिंक पिलाई तो नींद आ गई। होश आया तो खुद को कमरे में बंद पाया। शोर मचाया लेकिन किसी ने नहीं सुना। रात में जब वह चिल्ला रहा था तो एक अन्य अंकल ने खिड़की खोलकर देखा तो उसने सब बता दिया। तब उन्होंने गेट का ताला तोड़कर उसे निकाला और घर के पास छोड़कर चले गए।
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पांच बजे आई फिरौती की कॉल
आयुष की मां कुसुम ने बताया कि वे लोग आयुष को खोज रहे थे। तभी पौने पांच बजे करीब उनके नंबर पर कॉल आई। इसमें बताया गया कि आयुष को अगवा कर लिया गया है। बीस लाख का इंतजाम कर लो। पुलिस को बताया तो बच्चे को जान से मार देंगे। इसके बाद से ही वे लोग पुलिस के संपर्क में थे।
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बच्चे को अगवा करने की खबर के बाद पुलिस, सर्विलांस सेल, क्राइम ब्रांच की टीमें लगी हुई थीं। अगवा करने वाले लोग जरूर ही परिवार और पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे होंगे और शायद मामला बढ़ता देख बच्चे को छोड़ गए। बच्चे को अगवा करने की वजह, फिरौती की इतनी बड़ी रकम और छोड़ने की वजह को लेकर अभी संशय है। पड़ोसी के मिलने के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी। दूसरे लोगों के बारे में भी वही जानता है। - रमेश कुमार भारतीय, एसपी क्राइम