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लाखों की बीमार मुर्गियां दे दीं, कुछ मर गईं कुछ नहीं देतीं अंडे
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बरेली। थोक में मुर्गी के चूजे उपलब्ध कराने वाली नामी कंपनी वैक्जि इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर बीमार मुर्गियां देकर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। पोल्ट्री फार्म मालिक ने कंपनी की चेयरपर्सन और जीएम समेत चार लोगों के खिलाफ किला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
स्वालेनगर के इकरा एन्क्लेव निवासी गाजी खान ने किला थाने में रिपोर्ट कराई कि वह भोजीपुरा के तुलसीपुर में स्थित ओपस एग्रो पोल्ट्री फार्म के स्वामी व पार्टनर हैं। उन्होंने इस कंपनी से तीस हजार मुर्गी के चूजे 201 रुपये प्रति के हिसाब से बुक करके मंगाए थे। इसके लिए शर्त तय थी कि कंपनी हर पंद्रह दिन पर होने वाला टीकाकरण कराएगी। चूजों को अच्छा दाना देगी। इसके बदले उन्होंने कंपनी को करीब 61 लाख से अधिक रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि कंपनी ने एक तो उन्हें 395 चूजे कम दिए गए, दूसरे दस बार में डिलीवरी अलग-अलग प्रदेशों से दी गई। चूजों में बीमारी भी थी। उनकी 177 मुर्गियां रानीखेत बीमारी से मर गईं। करीब बीस मुर्गियां रोज मैरेस्क बीमारी से मर गई हैं। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। उन्होंने कंपनी को लीगल नोटिस दिया पर कंपनी ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। एसएसपी के आदेश पर ये मामला दर्ज किया गया है।
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स्वालेनगर के इकरा एन्क्लेव निवासी गाजी खान ने किला थाने में रिपोर्ट कराई कि वह भोजीपुरा के तुलसीपुर में स्थित ओपस एग्रो पोल्ट्री फार्म के स्वामी व पार्टनर हैं। उन्होंने इस कंपनी से तीस हजार मुर्गी के चूजे 201 रुपये प्रति के हिसाब से बुक करके मंगाए थे। इसके लिए शर्त तय थी कि कंपनी हर पंद्रह दिन पर होने वाला टीकाकरण कराएगी। चूजों को अच्छा दाना देगी। इसके बदले उन्होंने कंपनी को करीब 61 लाख से अधिक रुपये का भुगतान किया था। आरोप है कि कंपनी ने एक तो उन्हें 395 चूजे कम दिए गए, दूसरे दस बार में डिलीवरी अलग-अलग प्रदेशों से दी गई। चूजों में बीमारी भी थी। उनकी 177 मुर्गियां रानीखेत बीमारी से मर गईं। करीब बीस मुर्गियां रोज मैरेस्क बीमारी से मर गई हैं। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। उन्होंने कंपनी को लीगल नोटिस दिया पर कंपनी ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। एसएसपी के आदेश पर ये मामला दर्ज किया गया है।
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