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निदा प्रकरण: चार्जशीट को दो किलोमीटर की दूरी तय करने में लगे करीब दो महीने
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 25 Jul 2018 01:11 AM IST
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निदा खान
- फोटो : self
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बारादरी में निदा खान द्वारा दर्ज कराए गए दहेज उत्पीड़न एवं गर्भपात के मामले में चार्जशीट लगने के बाद कोर्ट तक पहुंचने में ही करीब दो महीने लग गए। इस मामले से शांति व्यवस्था में कोई खतरा न पैदा हो इसलिए पुलिस ने गुपचुप तरीके से कोर्ट में दाखिल किया और गिरफ्तारी के बजाय चालान करके काम चलाया।
निदा खान ने थाना बारादरी में 23 जून 2016 को पति मो. शीरान रजा खां , ससुर उस्मान रजा खां, सास शिम्मी और देवर इकान रजा खां के खिलाफ मारपीट, दहेज उत्पीड़न, गर्भपात आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में बारादरी पुलिस ने 13 सितंबर 2016 में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। आईजी से शिकायत के बाद दोबारा जांच हुई और फिर 30 मार्च 2018 को गुपचुप तरीकेसे इसमें चार्जशीट लगाकर सीओ कार्यालय भेज दी गई। वहां जाकर चार्जशीट डंप हो गई। निदा ने बताया कि जब उन्होंने काफी भागदौड़ की तो 25 जून को चार्जशीट कोर्ट भेजी गई। इसके बाद कोर्ट में इस मामले में सुनवाई शुरू हो सकी। बता दें कि बारादरी थाने से कोर्ट की दूरी बमुश्किल दो किलोमीटर है, मगर हीलाहवाली के चलते इस चार्जशीट को इतनी दूरी तय करने में करीब दो महीने का समय लगा।
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निदा खान ने थाना बारादरी में 23 जून 2016 को पति मो. शीरान रजा खां , ससुर उस्मान रजा खां, सास शिम्मी और देवर इकान रजा खां के खिलाफ मारपीट, दहेज उत्पीड़न, गर्भपात आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में बारादरी पुलिस ने 13 सितंबर 2016 में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। आईजी से शिकायत के बाद दोबारा जांच हुई और फिर 30 मार्च 2018 को गुपचुप तरीकेसे इसमें चार्जशीट लगाकर सीओ कार्यालय भेज दी गई। वहां जाकर चार्जशीट डंप हो गई। निदा ने बताया कि जब उन्होंने काफी भागदौड़ की तो 25 जून को चार्जशीट कोर्ट भेजी गई। इसके बाद कोर्ट में इस मामले में सुनवाई शुरू हो सकी। बता दें कि बारादरी थाने से कोर्ट की दूरी बमुश्किल दो किलोमीटर है, मगर हीलाहवाली के चलते इस चार्जशीट को इतनी दूरी तय करने में करीब दो महीने का समय लगा।
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