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बम धमाके में घायल दुर्विजय की इलाज के दौरान मौत
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बरेली/ बहेड़ी। नौ दिन पहले बहेड़ी इलाके में बम धमाके में घायल हुए चुरैली गांव के दुर्विजय सिंह ने इलाज के दौरान मंगलवार को दम तोड़ दिया। इसका पता लगने पर परिवार में कोहराम मच गया। उधर, बहेड़ी पुलिस समझौते के इंतजार में मामले को ठंडे बस्ते में डाले रही।
दो जून को बहेड़ी थाना क्षेत्र के चुरौली गांव निवासी दुर्विजय सिंह और उनका बेटा टेकपाल घर में भराव कराने को अपने खेत में मिट्टी खोद रहे थे। तभी मिट्टी के अंदर से प्लास्टिक की बोतल में बंद बम निकला। दुर्विजय ने हाथ से उठाकर फेंकना चाहा तो बम फट गया। इसमें दुर्विजय व उनका बेटा टेकपाल घायल हो गए थे, जिन्हें भोजीपुरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। बम खेत में मिट्टी के नीचे छिपाने आरोप में दुर्विजय के छोटे बेटे मेहुल सिंह ने अपने ताऊ कृष्णपाल सिंह और तहेरे भाई छोटू, पंकज व सचिन के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में भी लिया था, जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
उधर, मंगलवार शाम करीब सात बजे इलाज के दौरान दुर्विजय सिंह की मौत हो गई। दरअसल कुछ रिश्तेदार और गांव वाले दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश में हैं। पुलिस को भी समझौते का इंतजार है। इसी के चलते आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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दो जून को बहेड़ी थाना क्षेत्र के चुरौली गांव निवासी दुर्विजय सिंह और उनका बेटा टेकपाल घर में भराव कराने को अपने खेत में मिट्टी खोद रहे थे। तभी मिट्टी के अंदर से प्लास्टिक की बोतल में बंद बम निकला। दुर्विजय ने हाथ से उठाकर फेंकना चाहा तो बम फट गया। इसमें दुर्विजय व उनका बेटा टेकपाल घायल हो गए थे, जिन्हें भोजीपुरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। बम खेत में मिट्टी के नीचे छिपाने आरोप में दुर्विजय के छोटे बेटे मेहुल सिंह ने अपने ताऊ कृष्णपाल सिंह और तहेरे भाई छोटू, पंकज व सचिन के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में भी लिया था, जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
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उधर, मंगलवार शाम करीब सात बजे इलाज के दौरान दुर्विजय सिंह की मौत हो गई। दरअसल कुछ रिश्तेदार और गांव वाले दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश में हैं। पुलिस को भी समझौते का इंतजार है। इसी के चलते आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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