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लापता किशोरी को ले जाती महिला समेत दो की सरेराह पिटाई
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बरेली। कैंट के नकटिया चौकी क्षेत्र से लापता किशोरी तीसरे दिन बदायूं रोड से तलाश कर ली गई। किशोरी के साथ सड़क किनारे खड़े होकर वाहन का इंतजार कर रहे महिला-पुरुष को परिवार ने जमकर पीटा और पुलिस को सौंप दिया। किशोरी ने भी महिला पर गंभीर आरोप लगाए। आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
14 साल की किशोरी 25 मई को लापता हो गई थी। तब से कैंट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। सीसीटीवी फुटेज में लड़की को करगैना क्षेत्र की गणेश नगर कॉलोनी में जाते हुए देखा गया था। लड़की के परिवारवाले उसकी तलाश में सोमवार सुबह बदायूं रोड की ओर जा रहे थे। वहां उन्होंने लड़की को सड़क किनारे एक महिला और एक पुरुष के साथ खड़ा देखा। लड़की रोती हुई दौड़कर घरवालों से लिपट गई। घरवालों ने महिला-पुरुष को पीटकर पुलिस को सौंप दिया। ये अखा गांव निवासी नत्थो देवी और उसका पड़ोसी सत्यपाल थे। थाने आई लड़की ने बताया कि ये दोनों उसे फुसलाकर नकटिया से अपने घर ले आए थे। उससे मारपीट करते थे। महिला उससे गलत काम कराना चाहती थी। शायद उसे बेचने ले जा रहे थे। वहीं, महिला नत्थो देवी का कहना था कि वह लाल फाटक के घरों में काम करती है। लड़की उसे शनिवार शाम रामगंगा के पास भटकती मिली। उसने बहकी बहकी बातें कीं। उसे लगा कि कहीं आत्महत्या न कर ले। इसलिए उसे घर ले गई। उसे खिलाया-पिलाया। उसकी मानसिक उलझन दूर होने पर उसे लेकर रामगंगा चौकी जा रही थी। सत्यपाल का कहना था कि उसकी इस मामले से कोई मतलब नहीं। वो भी वहीं खड़ा होकर वाहन का इंतजार कर रहा था। एक ही गांव का होने की वजह से लोगों ने उसे भी पीटकर पुलिस को दे दिया। कैंट पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट लिख ली है।
किशोरी के बयानों में उलझी पुलिस
किशोरी के बयानों में पुलिस उलझकर रह गई है। कभी वह पुलिस को खुद घर से आने की बात बता रही है तो कभी महिला व पुरुष पर फुसलाकर लाने का आरोप लगा रही है। पुलिस ने तस्दीक की तो पता लगा कि नकटिया के एक टेंपो में बैठकर किशोरी अकेली ही श्यामगंज चौराहे तक आई थी। उसने टेंपो ड्राइवर को किराया भी नहीं दिया था। कहा था कि उसकी मां बाहर गई है और लौटकर आने पर किराया देगी। टेंपो ड्राइवर परिचित था, इसलिए बहस नहीं की।
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किशोरी के बयानों से भ्रम हो रहा है। हालांकि अभी तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट लिखकर नामजदों को जेल भेजा गया है। महिला किसी को गलत काम में धकेलना या बेचना चाहती थी, ये बात अभी साबित नहीं हो सकी है। हालांकि दो दिन महिला ने उसे घर में रखा, ये संदेहजनक है। पुलिस को सूचना खुद ही देनी चाहिए थी। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। - अशोक पाल, इंस्पेक्टर कैंट
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14 साल की किशोरी 25 मई को लापता हो गई थी। तब से कैंट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। सीसीटीवी फुटेज में लड़की को करगैना क्षेत्र की गणेश नगर कॉलोनी में जाते हुए देखा गया था। लड़की के परिवारवाले उसकी तलाश में सोमवार सुबह बदायूं रोड की ओर जा रहे थे। वहां उन्होंने लड़की को सड़क किनारे एक महिला और एक पुरुष के साथ खड़ा देखा। लड़की रोती हुई दौड़कर घरवालों से लिपट गई। घरवालों ने महिला-पुरुष को पीटकर पुलिस को सौंप दिया। ये अखा गांव निवासी नत्थो देवी और उसका पड़ोसी सत्यपाल थे। थाने आई लड़की ने बताया कि ये दोनों उसे फुसलाकर नकटिया से अपने घर ले आए थे। उससे मारपीट करते थे। महिला उससे गलत काम कराना चाहती थी। शायद उसे बेचने ले जा रहे थे। वहीं, महिला नत्थो देवी का कहना था कि वह लाल फाटक के घरों में काम करती है। लड़की उसे शनिवार शाम रामगंगा के पास भटकती मिली। उसने बहकी बहकी बातें कीं। उसे लगा कि कहीं आत्महत्या न कर ले। इसलिए उसे घर ले गई। उसे खिलाया-पिलाया। उसकी मानसिक उलझन दूर होने पर उसे लेकर रामगंगा चौकी जा रही थी। सत्यपाल का कहना था कि उसकी इस मामले से कोई मतलब नहीं। वो भी वहीं खड़ा होकर वाहन का इंतजार कर रहा था। एक ही गांव का होने की वजह से लोगों ने उसे भी पीटकर पुलिस को दे दिया। कैंट पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट लिख ली है।
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किशोरी के बयानों में उलझी पुलिस
किशोरी के बयानों में पुलिस उलझकर रह गई है। कभी वह पुलिस को खुद घर से आने की बात बता रही है तो कभी महिला व पुरुष पर फुसलाकर लाने का आरोप लगा रही है। पुलिस ने तस्दीक की तो पता लगा कि नकटिया के एक टेंपो में बैठकर किशोरी अकेली ही श्यामगंज चौराहे तक आई थी। उसने टेंपो ड्राइवर को किराया भी नहीं दिया था। कहा था कि उसकी मां बाहर गई है और लौटकर आने पर किराया देगी। टेंपो ड्राइवर परिचित था, इसलिए बहस नहीं की।
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किशोरी के बयानों से भ्रम हो रहा है। हालांकि अभी तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट लिखकर नामजदों को जेल भेजा गया है। महिला किसी को गलत काम में धकेलना या बेचना चाहती थी, ये बात अभी साबित नहीं हो सकी है। हालांकि दो दिन महिला ने उसे घर में रखा, ये संदेहजनक है। पुलिस को सूचना खुद ही देनी चाहिए थी। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। - अशोक पाल, इंस्पेक्टर कैंट