UP News: उत्तराखंड के रुद्रपुर जा रहे हैं तो चरित्र प्रमाणपत्र जरूर ले जाएं, नहीं तो पुलिस कर सकती है पूछताछ
उत्तराखंड के रुद्रपुर में यूपी वालों से चरित्र प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड पुलिस ने वहां के फैक्टरी मालिकों और मकान मालिकों को इस संबंध में नोटिस जारी किया है।
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उत्तराखंड के रुद्रपुर के सिडकुल में काम कर रहे उत्तर प्रदेश के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके लिए पुलिस से सत्यापित चरित्र प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में यहां जनसेवा केंद्रों से लेकर थानों और एसएसपी दफ्तर तक काम कई गुना बढ़ गया है। एसएसपी ने अलग से स्टाफ लगाया है ताकि प्रमाणपत्र बनाने का काम प्रभावित न हो।
बरेली जिले के हजारों युवा रुद्रपुर के सिडकुल में काम करते हैं। उत्तराखंड के दूसरे शहरों हरिद्वार आदि की फैक्टरियों में भी बरेली के लोग काफी संख्या में हैं। उत्तराखंड पुलिस ने वहां के फैक्टरी मालिकों और मकान मालिकों को नोटिस देकर इस बारे में बता दिया है कि कोई आपराधिक छवि का व्यक्ति उनके यहां मिला तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस चेतावनी के बाद तमाम लोग फैक्टरी से अवकाश लेकर अपने घर आ गए हैं। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए वे कैफे से लेकर थाने व एसएसपी दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं।
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रात में भी काम कर रहे पुलिसकर्मी
अब तक जिले में औसतन सौ चरित्र प्रमाणपत्र रोज बनाए जाते थे। अब रोज 500 से ज्यादा प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। थानों में संबंधित मुंशी की मदद के लिए अलग से कर्मचारी लगाए गए हैं। डीसीआरबी में रात में अलग से स्टाफ लगाकर काम कराया जा रहा है।
कैफे वाले ले रहे 200 रुपये
इंटरनेट कैफे पर अभी तक इस प्रमाणपत्र का आवेदन कराने और सत्यापन के बाद प्रमाणपत्र देने के 50 रुपये लिए जाते थे। भोजीपुरा और बहेड़ी क्षेत्र के कैफे पर काम बेहिसाब बढ़ गया है। कई लोग शहर आकर ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। बताते हैं कि जनसेवा केंद्र वाले अब 100-200 रुपये तक ले रहे हैं।ये है प्रक्रिया
आवेदक अपने फोटो व आधार कार्ड आदि डिटेल के साथ ऑनलाइन आवेदन करते हैं। थाना, डीसीआरबी व एलआईयू स्तर से जांच के बाद एसएसपी के डिजिटल हस्ताक्षर से चरित्र प्रमाणपत्र जारी होता है। ये ऑनलाइन ही मिल जाता है, इसके लिए थाने या एसएसपी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।ये भी पढ़ें- बरेली में युवक ने दी जान: सुसाइड नोट में लिखा- मेरी लाश को पिता और दोस्त के अलावा कोई हाथ न लगाए
बरेली के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि चरित्र प्रमाणपत्र इन दिनों ज्यादा संख्या में बन रहे हैं। इसे बनाने के लिए 20 दिन का समय तय है, लेकिन प्रयास रहता है कि पुलिस का काम सात कार्य दिवस में पूरा हो जाए। अतिरिक्त कर्मचारी लगाए हैं, यह भी चेतावनी दी गई है कि इसके लिए किसी तरह की वसूली हुई तो कार्रवाई की जाएगी।