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UP Police (SI) 2021: किन-किन राज्यों के लोग कर सकते हैं यूपी पुलिस में SI के लिए आवेदन, समझिए पूरी बात
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UP Police (SI) 2021: किन-किन राज्यों के लोग कर सकते हैं यूपी पुलिस में SI के लिए आवेदन, समझिए पूरी बात

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Digital Edition

सौदागरान में मौलाना तौकीर के घर तीस लाख की चोरी

बरेली। नबीरे आला हजरत और इत्तेहाद मिल्लत कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा के घर करीब तीस लाख की चोरी हो गई। मौलाना तौकीर रविवार शाम को ही पत्नी के साथ दिल्ली रवाना हुए थे, रात को ही चोरों मेन गेट का ताला खोलकर पूरा घर खंगाल लिया। सोमवार को चोरी का पता लगने के बाद पुलिस अफसरों ने फील्ड यूनिट के साथ मौका मुआयना किया। मौलाना तौकीर के साले की तहरीर पर कोतवाली में चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मौलाना तौकीर रजा का इकलौता बेटा आस्ट्रेलिया में पढ़ता है। रविवार शाम मौलाना तौकीर भी घर में ताला लगाकर पत्नी के साथ दिल्ली चले गए। सोमवार शाम छह बजे उनके ड्राइवर रईस रजा पेड़ों में पानी और मछलियों को दाना डालने आए तो मेन गेट का ताला खुला देखकर चौंक गए। रईस ऊपर पहुंचे तो छत की गैलरी और कमरों के भी ताले टूटे पड़े थे। अंदर सेफ से लेकर बेड बॉक्स में रखा सामान तक अस्तव्यस्त पड़ा था। रईस की सूचना पर मौलाना तौकीर के साले अतहर कुछ लोगों के साथ घर पहुंचे। सूचना देकर पुलिस को भी बुला लिया। एसएसआई अली हसन, बिहारीपुर चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह के मौका मुआयना करने के बाद सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह भी पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मौलाना के परिवार और परिचितों से भी बात की। नौकरानी नुसरत के भी बयान दर्ज किए गए। मौलाना से फोन पर बात करने के बाद अतहर की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई जिसमें करीब 25 लाख के जेवर और पांच लाख कैश की चोरी होने का जिक्र है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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मैंगो शेक पीकर एक परिवार के छह लोग बीमार

बरेली। मैंगो शेक पीकर एक परिवार की छह लोगों की तबियत खराब हो गई। रिश्तेदारों ने पूरे परिवार को रामपुर गार्डल स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। प्रेमनगर क्षेत्र में हार्टमन स्कूल के पास कबीर वाटिका निवासी आलोक शर्मा का प्रिंटिंग प्रेस का काम है। आलोक के मुताबिक शनिवार शाम को घर के पास स्थित एक डेयरी से दूध लाकर घर में मैंगो शेक बनाया था। उसे पीने के बाद पूरे परिवार की तबियत बिगड़ने लगी। शनिवार रात में उनके पिता कृष्ण गोपाल की हालत बिगड़ी तो उन्हें दवा दिलाई गई लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं आया। सुबह का इंतजार किया तो पूरे परिवार की तबियत खराब हो गई। फोन करके एक रिश्तेदार को बुलाकर वह परिवार के साथ अस्पताल पहुंचे। यहां उनके साथ पिता, मां विमला शर्मा, पत्नी विनीता और दोनों बच्चे माधव और किंजल को भर्ती कर लिया गया। अब उनकी हालत में सुधार है। ... और पढ़ें

नागमणि के नाम पर ठगी करने वाले पांच और गिरफ्तार


लखीमपुर खीरी। तराई के जंगलों की ‘रहस्य गाथा’ का फायदा उठाकर नकली नागमणि और दूसरे बनावटी साधनों से ठगी करने वाले रविवार को जेल भेजे गए ठगी के आरोपी इमाम अली और कासिम से जुटाई जानकारी के आधार पर निघासन और पढुआ चौकी पुलिस ने गांव सोठियाना सहित कई जगहों पर छापा मारा। इस दौरान ठगी करने वाले गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
चार युवकों ने मध्य प्रदेश के भिंड के थाना नयागांव क्षेत्र गांव कोट निवासी कुलदीप सिंह को 26 जून को लखीमपुर के वीरबाबा मंदिर बुलाया और नागमणि के बहाने उससे 60 हजार रुपये ले लिए थे। ‘नागमणि’ के लिए इंतजार करने के बाद वे लोग चकमा देकर भाग गए थे। इस मामले में इमाम अली, कासिम, बबलू सिसैया कोतवाली धौरहरा और सादिक लहरपुर (सीतापुर) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने रविवार की सुबह करीब 11 बजे देउवापुर नहर पुलिया के पास इमाम अली और कासिम को दबोच लिया था। वे दोनों सदर कोतवाली के गांव रंगीलानगर के निवासी हैं।
इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए कई जगह दबिश दी गईं। एसपी पूनम ने बताया कि गांव सोठियाना में छापा मारने के दौरान अलीम, सबर हुसैन, इरफान, सरजन, वहाब को पकड़ा गया है, जबकि शोएब निवासी पठाननपुरवा हाथ नहीं लगा। पकड़े गए लोगों के पास से दोमुंहा एक सांप, तांबे का फूलदार गिलास, एक मोरपंखी, एक डिबिया में रखी नकली नागमणि, सात चुंबक, कांच की दो शीशियां में चावल के दाने, 315 बोर की एक एक अद्धी, एयर पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए हैं। आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया है, जहां से अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक ठगी को समझने पर यदि कोई सौदे से बिदके तो उसे ये हथियार दिखाकर लूट लें।


ऐसी थी ठगों की नागमणि...डिब्बी में रुई, दवा की गोलियां और चमचमाता बल्ब
पुलिस की कम पहुंच वाला सोठियाना गांव बना रखा था अड्डा, पूरा जिले में यहीं से फैला था नेटवर्क

लखीमपुर खीरी। सोठियाना, यह वह गांव है जहां नकली नागमणि बनती थी और ठगों ने इसी जगह को अपना अड्डा बना रखा था। सोमवार को गिरफ्तार पांच लोगों में दो तो निघासन इलाके के इसी गांव के रहने वाले हैं। दो नदियों की तलहटी में बसे इस गांव में पुलिस आसानी से नहीं पहुंच पाती। इसी का वे फायदा उठाते थे। ठग यहां पर नकली नागमणि के साथ ‘करामाती गिलास’ और डबल स्टार वाली नकली मोरपंखी बनाते थे। फिर शिकार हुए लोगों को यहां या फिर आसपास के गांव में बुलाते थे।
ठगी के सामान तैयार करने का तरीका जितना चौकाने वाला है, उतना ही यह भी कि सोठियाना गांव को उन्होंने अड्डा बनाया था। वैसे तो गिरोह के कई सदस्य दूसरे गांव के रहने वाले हैं, मगर संचालन इसी गांव से करने का कारण यह है कि बहराइच बॉर्डर पर होने के कारण एक तो वैसे ही पुलिस का ध्यान ज्यादा वहां नहीं जाता। दूसरा थाने से 20 और पड़ुवा चौकी से करीब 12 किलोमीटर दूर इस गांव में पुलिस का पहुंचना आसान नहीं है। शारदा और कौड़ियाला नदी की तलहटी में बसे इस गांव के रास्ते काफी घुमावदार हैं। लोगों की आवाजाही कम होने के कारण भी गांव की बातें बाहर नहीं जातीं। सोठियाना से ही पूरा जिला ही नहीं दूसरे प्रदेशों में नेटवर्क फैला रखा था।

जेवर की डिब्बी होती थी ‘नागमणि’
सोठियाना से सोमवार को पकड़े गए अलीम, सबर ने पुलिस को बताया कि नागमणि से तमाम इच्छाओं की पूर्ति करने की कोशिश करने वाले लोग आसानी से शिकार बन जाते थे। वे लोग नकली नागमणि के लिए सुनार की दुकान से जेवर की पारदर्शी डिब्बी लेते थे। डिब्बी में रूई रखने के बाद रतौंधी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली गोलियां इस्तेमाल करते थे। ये गोलियां छोटी और हल्की चमकीली होने के कारण खासतौर से इस्तेमाल किया जाता था। भी होती है। रुई के बीच इन गोलियां को रखते थे। रोशनी के इंतजाम के लिए एलईडी बल्ब को छोटे सेल से जोड़ते थे। यह सेल एक तार के जरिए डिब्बी से जुड़ा होता था, जो 50 मीटर दूर बैठा साथी जोड़ता और हटाता था। रोशनी कम करने या बढ़ाने के लिए वे एक डिवाइस का इस्तेमाल करते थे। इस डिब्बी के एकदम नजदीक कोई नहीं होता था। रोशनी देखकर लोग इस पर विश्वास कर बैठते थे। फिर इस नागमणि को बाद में देने की बात कहकर ठग रुपये ऐंठ लेते थे। कोई अगर ले भी जाता था तो उसे बाद में असलियत पता लगती थी। इस बार गड़बड़ी यही हो गई थी कि गिरोह के कुछ सदस्य अपना असली नाम बता बैठे थे।

दो पंखुड़ियों को जोड़कर बनाते हैं डबल स्टार वाली मोरपंखी
दो स्टार वाली मोरपंखी दुलर्भ होती है इसलिए उसका महत्व भी ज्यादा होता है। मान्यता है कि जिस व्यक्ति के पास डबल टिकली की मोरपंखी होती है। उस व्यक्ति के पास धन की कमी नहीं रहती। ठग बड़ी सफाई के साथ मोरपंखी के ऊपरी सिरे को विशेष प्रकार चिपकाने वाले पदार्थ से जोड़ लेते थे। फिर वह डबल स्टार वाली लगने लगती है। हाथ में लेने के बाद भी उसकी आसानी से परखा नहीं जा सकता। ठग इसका भी सौदा सूर्य ढलने के बाद ही अक्सर अंधेरे कमरे में ही करते हैं।

करामाती गिलास
तांबे के गिलास की पेंदी में नक्कासी बनवाकर उसे करामाती गिलास बताकर भी ठगी करते थे। इस गिलास को वे जमीन में दबे खजाने से मिलना बताकर कहते थे कि जिसके पास यह गिलास रहेगा, उस पर धन की कमी नहीं रहेगी। इसकी कीमत 50 हजार रुपये से शुरू होकर काफी आगे तक जाती थी।

निघासन थाना क्षेत्र में ठगी का धंधा जोरों पर होता है। दूसरे प्रदेशों के लोग यहां पिछले सालों में अनेक बार ठगी का शिकार हो चुके हैं। इस पर पुलिस ने दबिशें देकर ठगी करने वाले मुख्य आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। फिलहाल सुरागरसी की जा रही है। यदि गिरोह के कुछ रह गए हैं तो उनका पता लगाकर उन्हें भी जेल भेजा जाएगा। -पूनम, एसपी।
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बदायूं में चाकू से गोदकर मंदिर के महंत की निर्मम हत्या से मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना इलाके के ग्राम मोहद्दीनगर ढक नगला में शुक्रवार रात मंदिर पर एक महंत की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि महंत कई सालों से मंदिर पर रह रहे थे। 

उन्हें सखी बाबा के नाम से जाना जाता था। हत्या का आरोप गांव के ही व्यक्ति पर लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह नशेड़ी प्रवृत्ति का है, पुलिस इसकी छानबीन में लगी हुई है। फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

पुलिस ने महंत के शव को अपने कब्जे में ले लिया है। घटना को उस वक्त अंजाम दिया गया जब महंत प्रभात फेरी निकालने के बाद अपनी मढ़िया में वापस गये थे। जिस व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगा है, वह फिलहाल गांव से फरार हो गया है। 75 वर्षीय जय सिंह उर्फ सखी बाबा पिछले लगभग 45 साल से ढकनगला गांव में मढ़ी बनाकर रहते थे।

सुबह में जब कुछ लोग मढ़िया पर पहुंचे तो देखा बाबा का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था। किसी ने चाकू से गोदकर बाबा की हत्या कर दी थी। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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मंदिर के बाहर लगी लोगों की भीड़ मंदिर के बाहर लगी लोगों की भीड़

यूपी: युवक की गला दबाकर हत्या, मृतक कल ही आया था अपने घर

उत्तर प्रदेश में युवक की हत्या का मामला सामने आया है। युवक की हत्या से इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

घटना शाहजहांपुर जिले की है। थाना सेहरामऊ दक्षिणी अंतर्गत ग्राम महमदपुर निवासी रामदास उर्फ रम्मा पुत्र प्यारेलाल (42) की हत्या का मामला सामने आया है। मृतक रामदास सेहरामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम दिवैयापुर निवासी साहब सिंह पुत्र दुर्गविजय सिंह के यहां खेतीबाड़ी में मजदूरी करता था। 

शनिवार शाम को अपने घर महमदपुर वापस आया था, रविवार सुबह 4:00 बजे गांव के लड़के टहलने के लिए निकले तो उन्होंने गांव के अंदर जगदीश के मकान के सामने खाली पड़ी जगह में रामदास का शव पड़ा देखा।

उन्होंने परिवार वालों को सूचना दी कि मृतक के पिता का पहले ही देहांत हो चुका है, जबकि मृतक की मां चित्रा देवी बड़े भाई बजरंगी उससे छोटा मौजीराम मृतक अपने भाइयों में तीन भाई था। 

मृतक अविवाहित था और मजदूरी करता था। मृतक के गले में खरोच के निशान थे, मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा ने जांच पड़ताल कर शव का पंचनामा भरवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
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शाहजहांपुर: खेत की रखवाली कर रहे युवक की बेरहमी से हत्या, जांच में जुटी पुलिस

शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन थाना छेत्र में एक किसान की बेरहमी से हत्या करने का मामला सामने आया है। जब यह घटना हुई, तब गढ़िया रंगीन थाना छेत्र के निवासी जय सिंह बीती रात गांव के पास ही अपने खेत में बैठ कर रखवाली कर रहे थे। 

रात को रखवाली के दौरान जय सिंह को अकेला देख कुछ अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने पहले उनकी बाईं आंख फोड़ी और फिर लाठी-डंडों से पीट कर उनकी हत्या कर दी। 

घटना की सूचना मिलने पर थाना पुलिस व पुलिस क्षेत्राधिकारी मंगल सिंह रावत डाग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद मृतक के भतीजे लालाराम ने थाना पुलिस को अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। 
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बरेली: मस्जिद गई आठ वर्षीय छात्रा से इमाम ने की अश्लील हरकत 

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस

आय से अधिक संपति, नहीं दे पाए खर्चे का हिसाब

पीलीभीत। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में लंबे समय से चल रही जांच के बाद सीएमओ कार्यालय के लिपिक नीरज श्रीवास्तव पर कानूनी कार्रवाई की गई है। कोतवाली पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन की बरेली इकाई के इंस्पेक्टर सुरेश दत्त मिश्रा की ओर आरोपी लिपिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस को दी गई तहरीर में निरीक्षक सुरेश दत्त मिश्र ने बताया कि 2015 में लिपिक नीरज श्रीवास्तव की शासन स्तर पर शिकायत की गई थी। इसमें नियुक्ति में अनियमितता, एएनएम की नियुक्ति में धन उगाही, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने समेत संगीन आरोप लगाए गए थे। शिकायतकर्ता की ओर से इसकी जांच कराने की मांग की गई थी। इस पर दो अगस्त 2016 को उनकी इसकी जांच दी गई। जांच की शुरुआत करते हुए मौखिक और लिखित साक्ष्य एकत्र किए गए। इस दौरान नियुक्ति में अनियमितता, एएनएम की नियुक्ति में धन उगाही आदि आरोप प्रमाणित नहीं हो सके, लेकिन आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों को लेकर लगातार जांच जारी थी। इसको लेकर बारीकी से पड़ताल की गई। आय से जुड़े अभिलेख भी जुटाए गए। 01 जनवरी 1997 से 31 अक्तूबर 2013 तक आय के समस्त ज्ञात वैध श्रोतों का लेखा-जोखा जुटाया गया। इसमें लिपिक नीरज श्रीवास्तव की आय 2181472 रुपये निकली। इस अवधि के द्वारा उनके द्वारा चल अचल संपत्ति के अर्जन एवं परिवार के भरण पोषण के खर्च का पता लगाया गया तो वह 4012828 रुपये निकला। इस तरह से आय के सापेक्ष 1831356 रुपये यानि आय का 83.95 प्रतिशत अधिक खर्च किया जाना पाया गया। इसको लेकर लिपिक नीरज श्रीवास्तव से सवाल-जवाब कर अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह कुछ नहीं दिखा सके। जांच को पूरा करने के बाद भ्रष्टाचार पाए जाने पर अब अधिकारियों के दिशानिर्देश पर कानूनी कार्रवाई कराई गई। शुक्रवार को प्रकरण की तहरीर मिलने के बाद कोतवाली में नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली इकाई के निरीक्षक की ओर से मिली तहरीर पर सीएमओ कार्यालय के लिपिक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) बी, 13 (2) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर पूरे मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश पुलिस को दिए गए हैं। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
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पशु तस्कर को गिरफ्तार करने पर महिलाओं ने किया हंगामा

बरेली। पशु तस्करों के हौसले कितने बुलंद है, इसका अंदाजा इसी बात से लगा लीजिए कि वो पुलिस से भिड़ने में भी गुरेज नहीं कर रहे। सोमवार सुबह नौ बजे फरीदपुर चौधरी गांव में पुलिस ने एक पशु तस्करी के एक आरोपी को पकड़ा तो परिवार की महिलाएं पुलिस जीप के आगे खड़ी हो गईं। आरोपी को छुड़ाने के लिए पुलिस के साथ धक्कामुक्की की और पथराव भी किया। धक्कामुक्की में दो सिपाहियों की वर्दी भी फट गई। सूचना पर थाने से काफी संख्या में फोर्स पहुंच गया। बाद में तस्कर को थाने लाया गया। पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के फरीदापुर गांव निवासी अन्नी पशु चोरी और पशु काटने की घटनाओं में पहले भी पकड़ा जा चुका है। पशु काटे जाने की सूचना पर सोमवार सुबह पुलिस अन्नी के घर पहुंच गई। पुलिस को घर में बंधी दो गायें भी मिल गईं। पुलिस टीम घर से खींचकर अन्नी को बाहर लाई और जीप में बैठाकर ले जाने लगी। इस दौरान अन्नी के परिवार की महिलाएं आगे आ गईं और जीप का रास्ता रोक लिया। पुलिस इन्हें समझाकर हटाने लगी तो इन्होंने शोर मचाकर परिवार के कुछ लोगों और ग्रामीणों को भी बुला लिया। महिलाएं खासतौर से आगे आईं और अन्नी को पुलिस जीप से उतारने की कोशिश की। पुलिस के विरोध पर महिलाएं टीम से उलझ गईं। धक्कामुक्की में दो सिपाहियों की वर्दी फट गई। महिलाओं ने पुलिस टीम पर पथराव भी किया। दरोगा सुनील कुमार की सूचना पर थाने से इंस्पेक्टर केके वर्मा फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। तब पुलिस अन्नी को पकड़कर थाने ले आई। फोर्स देख हंगामा कर रहे लोग भाग खड़े हुए। पुलिस अन्नी के घर बंधी दोनों गायों को भी थाने ले आई। पुलिस ने इस मामले में दो रिपोर्ट दर्ज की हैं। एक मामले में अन्नी को आरोपी बनाया गया है तो दूसरे मामले में उसके परिवार और भीड़ को आरोपित किया गया है। हालांकि पुलिस ने रिपोर्ट में वर्दी फाड़ने का जिक्र नहीं किया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस टीम से आरोपी को छुड़ाने वालों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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टाइप सेंटर चलाने वाले कामेश्वरनाथ के नाम कराई थी करोड़ों की शत्रु संपत्ति

पीलीभीत। डीएम आवास से सटी कराड़ों की शत्रु संपत्ति रसूखदारों को खैरात में देने का मामला संज्ञान में आने के बाद एक नई बात सामने आई है। करोड़ों की जमीन टाइप सेंटर चलाने वाले कामेश्वर नाथ के नाम दर्ज कराई गई। कामेश्वर की मौत के बाद उनके बेटे और पत्नी से उस भूमि को दान के रूप में प्राप्त करने को बैनामा कराया गया। इसकी बकायदा डीड बनाई गई ताकि भविष्य में कभी भी यह लोग बैनामा निरस्त न करा सकें।
बता दें कि अफसरों की जांच के बाद से रसूखदरों को दी गई जमीन से जुड़े मामले में रोजना नया खुलासा होने से अफसर भी हैरान हैं। ध्यान योग केंद्र की आड़ में विनायक चेरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सतीश जायसवाल और परविंदर सिंह सैहमी के नाम कराए गए बैनामे की जब जांच पड़ताल की गई, तो पता चला कि जमीन शत्रु संपत्ति है। रसूखदारों ने 2011 में डोरी लाल मोहल्ला निवासी टाइप सेंटर चलाने वाले जिस कामेश्वरनाथ के बेटे विकास नाथ और उनकी पत्नी मंजू नाथ से जमीन दान में ली है, उसमें सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर टाइप सेंटर चलाकर परिवार का भरण पोषण करने वाले कामेश्वर नाथ के नाम करोड़ों की बेशकीमती जमीन कहां से आई और फिर उनके निधन के बाद उनके बेटे और पत्नी ने करोड़ों की इस जमीन को किस मंशा से दान कर दिया। जबकि विकास आज भी टाइप सेंटर ही चला रहे हैं।
दानकर्ता मंजूनाथ की करीब सात माह पूर्व मौत हो चुकी है। रजिस्ट्री कार्यालय से मिले साक्ष्यों के बाद जब इस प्रकरण में विकास नाथ से जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि जमीन कब, किसे और क्यों दी गई इस बारे में रिश्तेदारों से जानकारी करने के बाद ही कुछ बता सकेंगे। इधर, सूत्रों की मानें तो कामेश्वर की फोटो स्टेट की दुकान काफी पुरानी है। उनके समय में पुरानी तहसील में कार्यरत अधिकांश राजस्व कर्मी टाइपिंग,फोटो स्टेट आदि का कार्य यहीं कराते थे। समझा जा रहा है कि इस पूरे घोटाले की पटकथा राजस्व कर्मियों की साठगांठ से टाइपिंग सेंटर पर ही लिखी गई।

रसूखदारों ने विकास और उनकी मां मंजूनाथ से कराए हैं तीन अलग-अलग बैनामे
शत्रु संपत्ति हथियाने वाले रसूखदारों ने विकासनाथ और उनकी मां मंजूनाथ से तीन अलग-अलग बैनामे कराए हैं। एक बैनामा विनायक चैरेटेबिल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सतीश जायसवाल और ट्रस्टी परविंदर सिंह सैहमी के नाम हुआ है। गाटा संख्या 92 /2, रकवा 0.291 हेक्टेयर जमीन दान में दी गई है। इस जमीन पर 248800 रुपये मूल्य के यूकेलिप्टस के 48 और सेमल के 28 पेड़ खड़े होने की बात भी बैनामे में दर्ज है।
दूसरा बैनामा गाटा संख्या 88/1 रकवा 0.405 हेक्टेयर जमीन का विनायक ऐसोसिएट के सतीश जायसवाल, एसपीएस संधू और दुर्गादास राजानी के नाम किया गया है। यह बैनामा भी विकासनाथ और उनकी मां मंजूनाथ ने किया है, लेकिन यह जमीन दान में नहीं दी गई है। जमीन का यह भाग दान में दी गई जमीन के ठीक पीछे है। इस पर एसोसिएट के लोगों की मंशा कॉलोनी डेवलप करने की थी। इस जमीन पर भी 51.5 लाख कीमत के सेमल के 41 पेड़ खड़े होने की बात बैनामे में लिखी गई है।
तीसरा बैनामा भी विकासनाथ और मंजूनाथ ने गाटा संख्या 91 और 92 /1 रकवा 0.563 हेक्टेयर जमीन का भी विनायक एसोसिएट के अनिल कुमार अग्रवाल, गुरदित्त सिंह सैहमी और दुर्गादास राजानी के नाम किया है। यह जमीन भी दान नहीं की गई है। इसका उपयोग भी कॉलोनी के लिए किया जाना था।

वन विभाग के अफसरों ने डीएम को किया गुमराह
शुरू में जब इस जमीन को ग्रीन बेल्ट की मानकर जांच कराई गई तब इस पर खड़े पेड़ों को बिना परमीशन काटने का मुद्दा उठा था। प्रशासन ने इस मामले में जांच वन विभाग से कराई तो अपनी गर्दन बचाने के लिए गलत तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट दे दी गई। वन विभाग के अफसरों का कहना था कि जमीन पर अमरूद के ही सिर्फ दो-चार पेड़ खड़े थे, उन पर भी फल नहीं आते थे। दावा किया गया था कि इन्हीं अमरूद के पेड़ों को काटा गया था, जबकि बैनामा में न केवल पेड़ों की वास्तविक संख्या लिखी है बल्कि उनकी कीमत भी दर्ज है। प्रशासन ने वन विभाग के गलत रिपोर्ट देने को भी गंभीरता से लिया है और इसे भी जांच में शामिल कर लिया है।

अगर शत्रु संपत्ति का बैनामा कराने की बात जांच में सामने आ चुकी है, तो यह गंभीर आपराधिक मामला है। इसमें आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए। हालांकि यह प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं डीएम पीलीभीत से आज ही इस बारे में बात करके पूरे मामले की जानकारी लूंगा और उन्हें सख्त कार्रवाई करने के लिए कहूंगा।
-रणवीर प्रसाद, मंडलायुक्त, बरेली
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शादी का वादा किया.. तब जाकर थाने से छूटा

बरेली। प्रेमी ने शादी से इंकार किया तो एक विवाहिता ने उस पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी। तीन दिन से थाने में बैठे प्रेमी ने जब शादी का वादा किया तो समझौता नामा लिखवाने के बाद उसे थाने से छोड़ा गया।
प्रेमनगर क्षेत्र निवासी एक 35 वर्षीय विवाहिता ने मोहल्ले के ही 24 वर्षीय प्रेमी पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि युवक उसे शादी का झांसा देकर एक होटल में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। अब शादी से इंकार कर रहा है। पुलिस आरोपी को थाने लाई और तीन दिन रखकर पूछताछ की। विवाहिता के पति को भी थाने बुलाया गया। उसने बताया कि विवाहिता पांच महीने पहले ही तीन बच्चों को छोड़कर प्रेमी संग भाग गई थी। पति ने मुताबिक पत्नी को प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखकर वह घर बंद कर पुलिस को सूचना देने निकला था। इसी बीच दोनों दीवार कूदकर भाग गए थे। विवाहिता से पूछताछ करने पर सामने आया कि पिछले पांच महीने से वो मुरादाबाद में थी। कुछ दिन पहले झगड़ा होने पर प्रेमी लौट आया तो उसने शादी का दबाव बनाने के लिए उसके खिलाफ दुष्कर्म की तहरीर दे दी। शादी को राजी न होने पर प्रेमिका ने उसके रेलकर्मी पिता को भी थाने बुलाने की चेतावनी दी। इससे घबराए प्रेमी ने शादी को हां की तो उसने भी तहरीर वापस ले ली। ब्यूरो
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रुपयों के लालच में चचेरे भाई का अपहरण

जलालाबाद (शाहजहांपुर)। रुपयों के लालच में रमजान नगर से एक युवक ने अपने ही चचेरे भाई का अपहरण कर लिया। लेकिन खोजबीन के दौरान पुलिस को उस शक हुआ और सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपहरण की कहानी बयां कर दी। इसके बाद अपहृत बालक को पुवायां से सकुशल बरामद कर लिया गया। साथ में उस व्यक्ति को भी दबोच लिया गया, जिसके पास बालक को रखा गया था।
रविवार सुबह कस्बे के मोहल्ला रमजान नगर निवासी प्रदीप दीक्षित का करीब सात वर्षीय बालक विवेक दीक्षित सुबह नौ बजे घर के बाहर खेलते हुए अचानक लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब वह नहीं मिला तो प्रदीप ने पुलिस को को सूचना दी। तलाशी और पूछताछ के दौरान पुलिस को बालक के चचेरे भाई गोविंद दीक्षित (18) पर शक हुआ। बताते हैं पुलिस और परिजनों के साथ तलाशी अभियान में वह भी शामिल था। इसी दौरान उसने किसी से कहा कि उसके पास दस लाख रुपयों की व्यवस्था करने का फोन आया था। जब उससे फोन नंबर मांगा गया था तो वह आनाकानी करने लगा। बस यहीं से उस पर शक गहराया। पुलिस ने कड़ाई से पूछा तो अपहरण की कहानी सामने आ गई।
पहले ही बना ली थी प्लानिंग
प्रदीप काफी समय से परिवार सहित दिल्ली में रहते हैं। उनके तीन बच्चे हैं। विवेक बड़ा है। उसके बाद दो बेटियां है। प्रदीप शनिवार रात को ही परिवार समेत यहां आए थे और सुबह होते ही यह घटना हो गई। आरोपी ने अपहरण की साजिश पहले ही रच ली थी। बताते है कि प्रदीप यहां अपने मकान के हिस्से की मरम्मत और लिंटर डलवाने के लिए आने वाले थे। उसे अंदाजा था कि इस काम के लिए वह अच्छा खासा रुपया लेकर आएंगे। गोविंद ने अपने जिस मौसेरे भाई के पास बालक को रखा था, वह भी कुछ दिन पहले यहां आया था। पुवायां में उसी के पास से बालक बरामद हुआ है। गोविंद ने पहले बालक को फुसलाया फिर किसी की बाइक से उसे पुवायां पहुंचाया था।
प्रदीप दीक्षित ने अपने सात वर्षीय पुत्र विवेक का अपहरण कर लिए जाने की तहरीर दी है तहरीर में विवेक के अपहरण का शक अपने भतीजे गोविंद द्वारा कर लिए जाने का शक जताया गया है जिसके आधार पर गोविंद को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
ब्रम्हपाल सिंह,सीओ,जलालाबाद
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