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Bareilly News: फर्जी दस्तावेजों से लोन दिलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

Tue, 01 Sep 2026 01:44 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Tue, 01 Sep 2026 01:44 AM IST
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Gang facilitating loans using forged documents busted; four arrested.
बरेली। भोजीपुरा पुलिस ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर लोन दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह जरूरतमंद लोगों को 15 से 20 लाख रुपये तक का लोन दिलाकर ठगी करता था।
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एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि भोजीपुरा पुलिस ने आरोपियों से 3.50 लाख रुपये, 28 चेकबुक, सात बैंक पासबुक और 75 डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा आठ आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, तीन फर्जी परिचय पत्र और 12 मोबाइल फोन भी मिले हैं। फर्जी फार्म-16 और वेतन पर्चियां भी बरामद हुई हैं। केनरा बैंक की मुरादाबाद शाखा की मुहर भी मिली है।
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एसपी उत्तरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राम नयन गुप्ता, राकेश गुप्ता, अनिल गुप्ता और ऋषभ कुमार सक्सेना के रूप में हुई है। गिरोह का एक सदस्य आमिर खान भाग निकला है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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बिहार और दिल्ली से जुड़े आरोपियों के तार
आरोपी राम नयन गुप्ता मूल रूप से महाराजगंज जिले का निवासी है। वह फिलहाल नई दिल्ली के आश्रम विलेज महारानी बाग और बरेली के भोजीपुरा स्थित प्राइम मॉडर्न विलेज में रह रहा था। राकेश गुप्ता मूल रूप से बिहार के भागलपुर जिला का निवासी है और फिलहाल दिल्ली के महरौली में आरपीएस कॉलोनी में रहता था। अनिल गुप्ता बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के जगतपुर का निवासी है। ऋषभ सक्सेना बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र की कृष्णानगर कॉलोनी का निवासी है।

ऐसे करते थे ठगी

आरोपी लोगों से संपर्क कर उनके आधार कार्ड का उपयोग करते थे। वे नए सिमकार्ड हासिल करते थे। आधार कार्ड का पता बदलवा देते थे। इसके बाद अलग-अलग बैंकों में नए खाते खुलवाए जाते थे। इन खातों में दो-तीन महीने तक वेतन के नाम पर रकम भेजी जाती थी। इससे खाताधारक को सरकारी कर्मचारी दिखाकर उसकी सिविल अच्छी की जाती थी। फिर बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं से इन खाताधारकों को 15 से 20 लाख रुपये तक का लोन दिलाया जाता था। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को कुछ रकम देकर बाकी राशि आरोपी चेक के माध्यम से खुद निकाल लेते थे। यह रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। लखीमपुर खीरी निवासी संजीव कुमार के नाम पर 20 लाख रुपये का लोन कराया गया था। इसमें से उन्हें केवल 71 हजार रुपये दिए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ इज्जतनगर और बदायूं में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।

वर्जन
चार आरोपियों को जेल भेजा गया है। पांचवें की तलाश की जा रही है। विवेचना में कुछ और आरोपियों का पता लगेगा तो उनके नाम भी बढ़ाए जाएंगे। बैंक स्तर पर किसी की भूमिका गड़बड़ पाई गई तो उनके नाम भी मुकदमे में शामिल किए जाएंगे। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी
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