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कोरोना: खाली हुए सभी अस्पताल, अब नहीं है कोई गंभीर संक्रमित
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- फोटो : अमर उजाला
99.5 फीसदी पहुंची रिकवरी दर, जिले में अब 41 सक्रिय संक्रमित
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3970 सैंपल की जांच में तीन लोग मिले संक्रमित, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू
बरेली। करीब पांच माह बाद एक बार फिर सभी कोविड अस्पताल खाली हो गए हैं। अब सरकारी अथवा पेड कोविड अस्पताल में एक भी संक्रमित भर्ती नहीं है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिले में अब रिकवरी दर 99.5 फीसदी और पॉजिटिविटी दर 0.15 फीसदी दर्ज हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना की पहली लहर थमने के बाद नवंबर में अस्पताल खाली होने लगे थे। जनवरी में प्रशासन से अधिग्रहीत अस्पतालों को मुक्त करने की मांग हुई थी। संक्रमण दर शून्य पहुंचने पर जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमितों के लिए आरक्षित अस्पतालों को सशर्त मुक्त कर दिया था। फरवरी के आखिर तक सरकारी और पेड कोविड अस्पताल संक्रमित मरीजों से खाली हो गए थे।
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अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर हावी होने के बाद सैकड़ों की तादाद में संक्रमित मिलने लगे और कोविड अस्पतालों को फिर अधिग्रहीत किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। देखते ही देखते जिले में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू और वेंटिलेटर बेड फुल हो गए। अस्पतालों में गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए भी वेंटिलेटर बेड उपलब्ध न होने पर कई लोगों की जान चली गई।
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दूसरे राज्यों और जिलों में भर्ती हुए संक्रमित
कोरोना की दूसरी लहर में वेंटिलेटर बेड उपलब्ध न होने पर जो रसूखदार थे, उन्होेंने ऊंचे दामों पर दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम आदि राज्यों और जिलों के अस्पतालों में बेड हासिल कर लिए मगर आर्थिक रूप से कमजोर बेड खोजते रहे। संपन्न लोग ऑक्सीजन सिलिंडर के जरिए घर पर ही आइसोलेट रहे। वहीं, इस मौके को कुछ मुनाफाखोरों ने जमकर भुनाया। इसमें कुछ पर कार्रवाई भी की गई।
अभी शून्य नहीं हुई संक्रमण दर, रहें सावधान
सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग का कहना है कि अस्पताल में भले ही अब कोई संक्रमित भर्ती नहीं है, लेकिन संक्रमण के मामले अभी मिल रहे हैं। लोगों को एहतियात बरतनी चाहिए ताकि तीसरी लहर का प्रभाव न हो सके। लोगों से अपील है कि वह लक्षण मिलने पर तत्काल जांच कराएं। टीका लगवाकर प्रतिरिक्षत रहें, ताकि संक्रमित होने पर भी हालत गंभीर न हो। संक्रमण से बचाव के लिए नियमों का पालन करें।
नहीं मिली वैक्सीन और आगे टला मेगा वैक्सीनेशन
बरेली। शासन से वैक्सीन न मिलने पर एक जुलाई को मेगा वैक्सीनेशन शुरू नहीं हो सका। वहीं, बृहस्पतिवार देर शाम तक वैक्सीन मिलने की उम्मीद पर भी पानी फिर गया। लिहाजा, अब शुक्रवार को वैक्सीन मिलने पर शनिवार को मेगा वैक्सीनेशन शुरू किए जाने की उम्मीद अफसरों ने जताई है।
बृहस्पतिवार को 75 सौ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित था, इसके सापेक्ष 6605 लोगों को ही वैक्सीन लगी। स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे वे लोग जिन्हें दूसरी डोज लगवानी थी, उन्हें भी लौटा दिया गया। अग्रसेन पार्क में लगे कैंप में शाम तक करीब तीन सौ लोग प्रतिरक्षित हुए। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि वैक्सीन न होने की वजह से उच्चाधिकारियों ने सिर्फ पहली डोज लगाने को ही कहा है। दूसरी डोज लगवाने वालों को वैक्सीन उपलब्ध होने पर लगाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग से जारी टीकाकरण रिपोर्ट में बृहस्पतिवार को 18 से 44 आयुवर्ग के 87 और 45 पार के 90.23 फीसदी लोग प्रतिरक्षित हुए। जिले में 88.07 फ ीसदी टीकाकरण हुआ। ब्यूरो
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3970 सैंपल की जांच में तीन लोग मिले संक्रमित, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू बरेली। करीब पांच माह बाद एक बार फिर सभी कोविड अस्पताल खाली हो गए हैं। अब सरकारी अथवा पेड कोविड अस्पताल में एक भी संक्रमित भर्ती नहीं है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिले में अब रिकवरी दर 99.5 फीसदी और पॉजिटिविटी दर 0.15 फीसदी दर्ज हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना की पहली लहर थमने के बाद नवंबर में अस्पताल खाली होने लगे थे। जनवरी में प्रशासन से अधिग्रहीत अस्पतालों को मुक्त करने की मांग हुई थी। संक्रमण दर शून्य पहुंचने पर जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमितों के लिए आरक्षित अस्पतालों को सशर्त मुक्त कर दिया था। फरवरी के आखिर तक सरकारी और पेड कोविड अस्पताल संक्रमित मरीजों से खाली हो गए थे।
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अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर हावी होने के बाद सैकड़ों की तादाद में संक्रमित मिलने लगे और कोविड अस्पतालों को फिर अधिग्रहीत किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। देखते ही देखते जिले में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू और वेंटिलेटर बेड फुल हो गए। अस्पतालों में गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए भी वेंटिलेटर बेड उपलब्ध न होने पर कई लोगों की जान चली गई।
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दूसरे राज्यों और जिलों में भर्ती हुए संक्रमित
कोरोना की दूसरी लहर में वेंटिलेटर बेड उपलब्ध न होने पर जो रसूखदार थे, उन्होेंने ऊंचे दामों पर दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम आदि राज्यों और जिलों के अस्पतालों में बेड हासिल कर लिए मगर आर्थिक रूप से कमजोर बेड खोजते रहे। संपन्न लोग ऑक्सीजन सिलिंडर के जरिए घर पर ही आइसोलेट रहे। वहीं, इस मौके को कुछ मुनाफाखोरों ने जमकर भुनाया। इसमें कुछ पर कार्रवाई भी की गई।अभी शून्य नहीं हुई संक्रमण दर, रहें सावधान
सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग का कहना है कि अस्पताल में भले ही अब कोई संक्रमित भर्ती नहीं है, लेकिन संक्रमण के मामले अभी मिल रहे हैं। लोगों को एहतियात बरतनी चाहिए ताकि तीसरी लहर का प्रभाव न हो सके। लोगों से अपील है कि वह लक्षण मिलने पर तत्काल जांच कराएं। टीका लगवाकर प्रतिरिक्षत रहें, ताकि संक्रमित होने पर भी हालत गंभीर न हो। संक्रमण से बचाव के लिए नियमों का पालन करें।नहीं मिली वैक्सीन और आगे टला मेगा वैक्सीनेशन
बरेली। शासन से वैक्सीन न मिलने पर एक जुलाई को मेगा वैक्सीनेशन शुरू नहीं हो सका। वहीं, बृहस्पतिवार देर शाम तक वैक्सीन मिलने की उम्मीद पर भी पानी फिर गया। लिहाजा, अब शुक्रवार को वैक्सीन मिलने पर शनिवार को मेगा वैक्सीनेशन शुरू किए जाने की उम्मीद अफसरों ने जताई है।बृहस्पतिवार को 75 सौ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित था, इसके सापेक्ष 6605 लोगों को ही वैक्सीन लगी। स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंच रहे वे लोग जिन्हें दूसरी डोज लगवानी थी, उन्हें भी लौटा दिया गया। अग्रसेन पार्क में लगे कैंप में शाम तक करीब तीन सौ लोग प्रतिरक्षित हुए। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि वैक्सीन न होने की वजह से उच्चाधिकारियों ने सिर्फ पहली डोज लगाने को ही कहा है। दूसरी डोज लगवाने वालों को वैक्सीन उपलब्ध होने पर लगाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग से जारी टीकाकरण रिपोर्ट में बृहस्पतिवार को 18 से 44 आयुवर्ग के 87 और 45 पार के 90.23 फीसदी लोग प्रतिरक्षित हुए। जिले में 88.07 फ ीसदी टीकाकरण हुआ। ब्यूरो