Bareilly: नगर निगम कार्यकारिणी में 833.75 करोड़ का बजट पेश, आईवीआरआई व बरेली कॉलेज के खाते होंगे सीज
महापौर उमेश गौतम की अध्यक्षता में मंगलवार को नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें बगैर चर्चा व बहस के करीब 800 करोड़ रुपये का बजट पास हो गया।
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बरेली में नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में चर्चा और बहस के बिना ही 800 करोड़ का बजट महज 70 मिनट में पास हो गया। आय और व्यय के प्रस्तावित मदों में महज मामूली संशोधन हुए। इसमें 229 करोड़ रुपये पिछला अवशेष दर्शाया गया है। जबकि, इस वित्तीय वर्ष में 600 करोड़ की आय अनुमानित है। साथ ही 800.33 करोड़ के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। नगर निगम ने बीते वर्ष करीब 701 करोड़ रुपये खर्च के मद में रखा था। इस बार बीते निगम 100 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च करेगा।
महापौर उमेश गौतम की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में 800.33 करोड़ का बजट पेश किया गया। सुबह 11:10 बजे शुरू हुई बैठक किसी व्यवधान के बिना दोपहर 12:20 बजे समाप्त हो गई। बैठक में वर्ष 2023-24 के वास्तविक आंकड़ों के साथ 2024-25 के पुनरीक्षित बजट के अनुमानित आंकड़ों पर मंथन हुआ। वर्ष 2024-25 में दिसंबर तक निगम को 518.61 कराेड़ की आय हुई है। इसी के आधार पर नगर निगम ने वर्ष 2025-26 में 800.33 करोड़ का बजट रखा है।
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इइसमें विभागों को जुर्माना वसूली कर आय को पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। कर विभाग को टीमें गठित कर बिलों की गड़बड़ी ठीक कराने व वसूली तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर नगर आयुक्त सुनील कुमार यादव, लेखा अधिकारी अनुराग सिंह, मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्र और कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।
आईवीआरआई व बरेली कॉलेज के खाते होंगे सीज
वित्तीय वर्ष 2024-25 इस माह के साथ गुजर जाएगा। इसमें कर विभाग को 70 करोड़ वूसली का लक्ष्य पूरा करना है। इसके बाद ही शासन से ग्रांट मिलेगा। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि अब तक 51 करोड़ की वसूली हो चुकी है। सोमवार को भी 60 लाख से अधिक की वसूली की गई है। रोज एक करोड़ वसूली का टारगेट रखा गया है। महापौर ने कहा कि 65 करोड़ सरकारी विभागों पर बकाया है। उनके खाते सीज करें। इसमें बरेली कॉलेज व आईवीआरआई के खाते सबसे पहले सीज होंगे।
कूड़ा कलेक्शन, पार्कों के रखरखाव को लेकर बढ़ाई रकम
नगर निगम ने साफ-सफाई, कूड़ा कलेक्शन और पार्कों के रखरखाव का बजट बढ़ाया है। 30 वार्डाें में सफाई का काम ठेके पर देने के साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए बजट में प्रावधान किया है। डलावघर से कूड़ा उठान आउटसोर्सिंग पर होगा। पार्कों, डिवाइडरों पर पौधे लगाने व पानी देने, टूटे पेड़ों को जमा करने का काम प्राइवेट एजेंसी को दिया जाएगा।
- गृहकर 70 करोड़
- जलकर 38 करोड़
- सीवरकर 15 करोड़
- विज्ञापन 5.50 करोड़
- वधशालाओं से शुल्क 4.40 करोड़
- राज्य वित्त आयोग 21 करोड़
- 15वां वित्त आयोग 101 करोड़
- सीएम ग्रिड 5 करोड़
इन मदों में होगा खर्च
- नाला सफाई 79.15 करोड़
- वेतन-पेंशन 75.81 करोड़
- कूड़ा प्रबंधन 192 करोड़
- जनस्वास्थ्य व पर्यावरण 82.50 करोड़
- पार्क सुंदरीकरण 9.02 करोड़
- निर्माण कार्य 227.13 करोड़
- स्ट्रीट लाइट 36.70 करोड़
महापौर उमेश गौतम ने बताया कि बजट 800 करोड़ से ऊपर पहुंचना बड़ी बात है। वर्ष 2025-26 में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। शहर की प्रमुख सड़कें चमकेंगी।