ब्रिक्स: आज नई भुगतान प्रणाली पर सहमति के आसार, पीएम मोदी का नवाचार पर जोर; पुतिन क्यों बोले- पश्चिम अब कमजोर?
नई दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम के रेड कार्पेट पर पीएम मोदी गर्मजोशी के साथ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का हाथ थामे रहे। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति पुतिन और द. अफ्रीकी राष्ट्रपति सेरिल रामफोसा के साथ भी एकजुटता दिखाई। पहले दिन वैश्विक मेहमानों की मौजूदगी में पीएम मोदी ने नवाचार और स्टार्टअप्स पर जोर दिया। रूस और ईरान के राष्ट्रपति ने पश्चिम समेत ईरान को आईना दिखाया इस खबर में जानिए खास बातें
विस्तार
वैश्विक कारोबार में डॉलर का दबदबा कम करने की दिशा में ब्रिक्स देशों ने स्थानीय मुद्राओं में व्यापार व भुगतान बढ़ाने पर जोर दिया है। नई दिल्ली में शनिवार से शुरू होे रहे दो दिनी ब्रिक्स सम्मेलन से पूर्व शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में रूस, भारत व ईरान स्थानीय मुद्रा में व्यापार पर एकमत दिखे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि ब्रिक्स के सभी देशों को आपसी व्यापार डॉलर के बदले स्थानीय मुद्राओं में करना चाहिए। वहीं, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ब्रिक्स देशों को स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ा जाना चाहिए।
ब्रिक्स पे पर बढ़ सकती है बात
ब्रिक्स देशों के बीच शनिवार को नई भुगतान प्रणाली ब्रिक्स पे पर सहमति बन सकती है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, इस बारे में जल्द जानकारी मिलेगी।
- दरअसल, ब्रिक्स पे आजादी के आसान विचार पर बना है। इससे बिना किसी सीमा, एकाधिकार या पुराने पेमेंट सिस्टम की पाबंदियों के भुगतान की आजादी मिलेगी। इस प्रणाली को विकसित करने वाले लोगों के मुताबिक इससे व्यापार करने, अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ाने की आजादी मिलेगी। यह यात्रियों को स्थानीय लोगों की तरह भुगतान करने और कारोबारियों को संबंधित देश के कारोबारियों की तरह व्यापार करने की सुविधा देता है।
ब्रिक्स में आज क्या, जिनपिंग-मोदी वार्ता किस समय?
आज दोपहर ढाई बजे ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं का शिखर सम्मेलन बंद कमरे में शुरू होगा। इसके बाद सभी देशों के प्रतिनिधिमंडल भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। पीएम मोदी सभी सदस्यों को रात्रिभोज भी देंगे। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे। वे न सिर्फ ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, बल्कि मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। वह गलवां संघर्ष के बाद पहली बार भारत आ रहे हैं।
- जिनपिंग की यात्रा से पहले चीन ने कहा कि दोनों देशों को मतभेद सही ढंग से सुलझाना चाहिए। रिश्तों को लंबे समय के हिसाब से तय करना चाहिए। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, चीन अच्छे पड़ोसी की तरह काम करेगा।
भारत में स्टार्टअप क्रांति का जिक्र, पीएम मोदी और क्या बोले?
ब्रिक्स देशों की शिखर बैठक से पहले शुक्रवार को ब्रिक्स के सबसे बड़े बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स के बढ़ते आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि समूह व उसके साझेदारों के 21 देशों के परिवार का आर्थिक विकास दुनिया के मुकाबले दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2006 में चार देशों से शुरू हुआ समूह दुनिया की 50% आबादी, 25% कारोबार व 40% जीडीपी का प्रतिनिधित्व करता है। इसका बढ़ता आकार, तेज रफ्तार इसकी ताकत को दिखाता है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में स्टार्टअप क्रांति हो रही है। यहां दो लाख स्टार्टअप्स हैं। उन्होंने यूपीआई तकनीक को बड़ी ताकत बताते हुए कहा, हमें ब्रिक्स के जरिये पूरी दुनिया तक पहुंचना है।
दुनिया का 50% रियलटाइम भुगतान भारत की यूपीआई तकनीक से
पीएम मोदी ने कहा, भारत की ओर से विकसित यूपीआई ने पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेशन और डिजिटल लेनदेन को नई गति दी है। आज दुनिया में करीब 50 प्रतिशत रियल टाइम भुगतान इसी तकनीक से होते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत ने इस डिजिटल लेयर पर नए समाधान तैयार करने के लिए उद्योग और स्टार्टअप्स को खुला इकोसिस्टम उपलब्ध कराया। कई देश भारत के इस डिजिटल इकोसिस्टम को अपना रहे हैं। अन्य ब्रिक्स देश भी भारत के अनुभव के आधार पर अपने देशों के लिए नए समाधान तैयार कर सकते हैं।
होर्मुज...समुद्री रास्ते सुरक्षित होंगे तो वैश्विक व्यापार बढ़ेगा
होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम लिए बिना पीएम मोदी समुद्री सुरक्षा पर जोर दिया। पीएम ने कहा, वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है, जब समुद्री रास्ते सुरक्षित हों, आपूर्ति के चैनल खुले रहें और यात्री सुरक्षित हों। इसलिए, भारत आवागमन की आजादी और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का पूर्ण समर्थक है। पीएम ने जब यह बात कही तब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन भी वहां मौजूद थे।
मेक इन इंडिया, इनोवेट विद इंडिया
मोदी ने मेक इन इंडिया, इनोवेट विद इंडिया, स्केल फॉर द वर्ल्ड का आह्वान करते हुए कहा, पिछले 12 वर्षों में भारत ने ऊर्जा से लेकर प्रौद्योगिकी तक अपनी आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक विविध और विश्वसनीय बनाया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत आज विकास और स्थायित्व का भरोसा दे रहा है। उन्होंने कहा;
- सड़क, रेलवे, बंदरगाह और हवाईअड्डों का तेजी से विस्तार हो रहा है। सेमीकंडक्टर, जहाज निर्माण, क्वांटम तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में नई क्षमताएं तैयार की जा रही हैं। भारत वैश्विक व्यापार के लिए नए अवसरों का केंद्र बन रहा है।
पीएम मोदी और यूएन महासचिव की मुलाकात...
- बिजनेस फोरम से इतर पीएम मोदी ने यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरस से विभिन्न देशों में संघर्ष, समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता, सतत विकास, मानव-केंद्रित एआई और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
ब्रिक्स से इतर मोदी-पुतिन बैठक : चार साल में 100 अरब डॉलर तक पहुंचाएंगे व्यापार
भारत-रूस वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर के पार पहुंचाने के लिए काम करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को 45 मिनट की द्विपक्षीय वार्ता में इसपर सहमति बनी। दोनों देशों के बीच अभी सालाना व्यापार करीब 65 अरब डॉलर (करीब 5.72 लाख करोड़ रुपये) का है। दोनों ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, स्किल मोबिलिटी और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान के क्षेत्रों में मौजूदा सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।मोदी ने पुतिन का निमंत्रण स्वीकारा
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पुतिन ने 24वें भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का न्योता दिया। पीएम ने इसे स्वीकार कर लिया है।
- पीएम मोदी ने पुतिन के समक्ष काला सागर में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। व्यापारिक जहाजों पर हाल में हुए हमलों में कम से कम पांच भारतीयों नागरिकों की मौत हुई है।
- दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। ब्रह्मोस मिसाइल अपग्रेड करने, सुखोई 57 की बिक्री, रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस प्रणाली की समयबद्ध आपूर्ति पर भी बातचीत हुई।
पश्चिम अब कमजोर...ये खुद को ग्रेट-7 क्यों कहते हैं : पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के नेतृत्व वाले जी-7 पर तंज कसा। उन्होंने कहा, जी-7 खुद को किस बात के लिए ग्रेट (महान) बताते हैं। उनकी जीडीपी दुनिया की 18 फीसदी ही है, जबकि ब्रिक्स देशों की जीडीपी दुनिया की 40 फीसदी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश प्रतिस्पर्धा से डरते हैं। ब्रिक्स की अर्थव्यवस्था का आकार लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी देशों का दबदबा अब पहले जैसा नहीं रहा।
दुनिया की ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में योगदान
- पुतिन ने कहा, अर्थव्यवस्था हमेशा बदलती रहती है और अब आर्थिक विकास के नए केंद्र सामने आ रहे हैं।
- हम दुनिया की ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में योगदान देने के लिए तैयार हैं। पुतिन ने उत्तर-दक्षिण ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसे भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स रूट बनाने में भी मदद की बात कही।
व्यापार के नए मार्ग तैयार करने का सुझाव
- राष्ट्रपति पुतिन ने पिछले कुछ समय से सऊदी, हूती संघर्ष के कारण संकट में आए बाब अल मंदेब रूट के विकल्प के रूप में आर्कटिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाने में मदद करने का वादा किया।
- इससे एशिया और यूरोप के बीच सस्ता, छोटा व्यापारिक रास्ता तैयार हो सकेगा।
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन बोले- जुल्म के आगे न दबेंगे, न झुकेंगे
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिका और इस्राइल पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान जुल्म के आगे नहीं झुकेगा और अपने अिधकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा। हम कभी उनके सामने घुटने नहीं टेकेंगे। उन्होंने शुक्रवार देर शाम धार्मिक नेताओं व बुद्धिजीवियों से मुलाकात में यह बात कही। उन्होंने नागरिकों की मौत, स्कूलों व अस्पतालों को निशाना बनाए जाने का मुद्दा भी उठाया।
विदेशी मुद्रा...निर्भरता से दबाव में व्यापार
- पेजेश्कियन ने कहा, विदेशी मुद्राओं पर वैश्विक निर्भरता से अंतरराष्ट्रीय व्यापार राजनीतिक दबावों और प्रतिबंधों के चंगुल में फंस गया है। इससे छुटकारा पाने के लिए ब्रिक्स देशों को अपनी मुद्राओं में व्यापार को बढ़ाने पर जोर देना होगा।
- ब्रिक्स को व्यापार, निवेश व संयुक्त वित्तपोषण का अधिक एकीकृत नेटवर्क बनाना चाहिए।
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बाहरी आर्थिक झटकों से सुरक्षित रहेगा व्यापार
- पेजेश्कियन ने कहा, राष्ट्रीय मुद्राओं के अधिक उपयोग और जोखिम प्रबंधन के ठोस तंत्र से ब्रिक्स देशों का आपसी व्यापार बाहरी आर्थिक झटकों से पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ब्रिक्स के सभी देश सहमत हैं कि सदस्य देशों के बीच व्यापार राष्ट्रीय मुद्राओं में होना चाहिए।