बरेली: पत्रकार और मत्स्य निरीक्षक बनकर लाखों रुपये वसूले, छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बरेली जिले में जालसाज फर्जी मत्स्य निरीक्षक और पत्रकार बनकर वसूली कर रहे थे। मत्स्य पालकों ने शुक्रवार को गिरोह के एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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बरेली जिले में मत्स्य विभाग के लिए फर्जी मत्स्य निरीक्षक सिर दर्द बन गए हैं। आए दिन विभाग तक प्रतिबंधित मछली की बिक्री के नाम पर लाखों की अवैध वसूली की शिकायतें विभाग तक पहुंच रहीं थीं। इसी बीच भोजीपुरा और देवरनिया में मत्स्य पालकों से पत्रकार व मत्स्य निरीक्षक बनकर ठगी की गई। मत्स्य पालकों ने गिरोह के एक सदस्य को पकड़कर पुलिस को सौंपा है। इस मामले में छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं मत्स्य विभाग भी मत्स्य पालकों से जानकारी कर इस प्रकार की वसूली का खेल रोकने की योजना बना रहा है।
भोजीपुरा निवासी सालिम ने बताया कि नौ सितंबर को उसे एक फोन कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को मत्स्य निरीक्षक बताया। शुक्रवार को चार लोग एक कार से उसके तालाब पर पहुंचे। उन्होंने तालाब के फोटो खींचे और सालिम को धमकाकर 70,000 रुपये हड़प लिए। यही गिरोह देवरनिया के भूला भुलनिया गांव में प्यारेलाल के तालाब पर भी गया। वहां भी उन्होंने खुद को पत्रकार व मत्स्य निरीक्षक बताकर डराया धमकाया। प्यारेलाल से छह सितंबर को भी 13,000 रुपये हड़पे गए थे। शुक्रवार को मत्स्य पालकों ने एक आरोपी को भोजीपुरा से देवरनिया इलाके में पकड़ा और उसे भोजीपुरा पुलिस को सौंपा।
सीओ हाईवे देवेश सिंह ने बताया कि सालिम की तहरीर पर भोजीपुरा के घंघोरा घंघोरी के साजिद, इज्जतनगर के कर्मपुर चौधरी के रिजवान, बाकरगंज के आजम, कासगंज के बसंत शर्मा के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। प्यारेलाल की तहरीर पर देवरनिया पुलिस ने कर्मपुर चौधरी निवासी आजम और अरविंद (पता अज्ञात) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। देवरनिया पुलिस ने आजम को हिरासत में लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
विभाग में एक निरीक्षक तैनात, फर्जी निरीक्षकों के हौसले बुलंद
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में मत्स्य विभाग में एक मत्स्य निरीक्षक की तैनाती है। विभागीय कार्यों के चलते बीते कई माह से निरीक्षक व अन्य विभागीय कर्मचारियों की ओर से किसी भी प्रकार के निरीक्षण नहीं किए गए। ऐसे में फर्जी मत्स्य निरीक्षकों के हौसले बुलंद हो गए। विभागीय स्तर पर बेहतर निगरानी न होने के चलते लंबे समय से अवैध वसूली का खेल जिले में चल रहा है।
मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक गायत्री पांडेय ने कहा कि मीरगंज में प्रतिबंधित मछली के पालन की शिकायत पर जांच कर कार्रवाई की गई थी। लेकिन इस दौरान मत्स्य पालकों ने सूचना दी कि देवरनिया, भोजीपुरा समेत अन्य इलाकों में लंबे समय से खुद को मत्स्य निरीक्षक बताकर लोग ठगी कर रहे हैं। एक वीडियो भी स्थानीय लोगों ने भेजा है। जिसमें एक कार में तीन युवकों पर लोग वसूली के आरोप लगा रह हैं। जिसके चलते स्थानीय पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई करने को कहा गया था।