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Bareilly News: कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल के लिए चिह्नित जमीन पर फंसा पेच
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प्रस्तावित जमीन के सामने सड़क की चौड़ाई कम होने की वजह से शुरू नहीं हो पाया निर्माण
बरेली। कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल के लिए उपयुक्त जमीन नहीं मिल पा रही है। जो जमीन प्रस्तावित की गई है, उसके सामने सड़क की चौड़ाई कम है। इस वजह से काम शुरू नहीं हो पाया। अब मानकों में ढील देने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
जिले के विभिन्न हिस्सों से शहर में आकर निजी और सरकारी क्षेत्र में नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए कम से कम खर्चे पर शहर में सुरक्षित आवास देने के लिए वर्किंग वुमन हाॅस्टल बनवाने का निर्णय शासन ने लिया था। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के अंतर्गत प्रस्तावित हॉस्टल का निर्माण 21 करोड़ रुपये से किया जाएगा।
इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम को जमीन और सरकार को बजट देना था। करीब छह महीने पहले कागजी कवायद शुरू हुई। पीलीभीत बाइपास के निकट बिहारमान नगला में नगर निगम ने जमीन चिह्नित की।
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प्रस्तावित जमीन के सामने सात मीटर चौड़ी सड़क है। जिस मानचित्र के आधार पर निर्माण प्रस्तावित किया गया, उसके लिए कम से कम नौ मीटर चौड़ी सड़क चाहिए। तभी मानचित्र को स्वीकृति मिल सकेगी। ब्यूरो
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जो जमीन चिह्नित कराई गई, उसके लिए जल निगम ने 21 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया। अगर जमीन फाइनल हो जाए तो निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। अब या तो दूसरी जमीन मिले या फिर चौड़़ी सड़क के मानक में छूट मिले, तभी निर्माण हो सकेगा। -रघुवंश राम, परियोजना प्रबंधक, जल निगम
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बरेली। कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल के लिए उपयुक्त जमीन नहीं मिल पा रही है। जो जमीन प्रस्तावित की गई है, उसके सामने सड़क की चौड़ाई कम है। इस वजह से काम शुरू नहीं हो पाया। अब मानकों में ढील देने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
जिले के विभिन्न हिस्सों से शहर में आकर निजी और सरकारी क्षेत्र में नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए कम से कम खर्चे पर शहर में सुरक्षित आवास देने के लिए वर्किंग वुमन हाॅस्टल बनवाने का निर्णय शासन ने लिया था। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के अंतर्गत प्रस्तावित हॉस्टल का निर्माण 21 करोड़ रुपये से किया जाएगा।
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इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम को जमीन और सरकार को बजट देना था। करीब छह महीने पहले कागजी कवायद शुरू हुई। पीलीभीत बाइपास के निकट बिहारमान नगला में नगर निगम ने जमीन चिह्नित की।
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प्रस्तावित जमीन के सामने सात मीटर चौड़ी सड़क है। जिस मानचित्र के आधार पर निर्माण प्रस्तावित किया गया, उसके लिए कम से कम नौ मीटर चौड़ी सड़क चाहिए। तभी मानचित्र को स्वीकृति मिल सकेगी। ब्यूरो
जो जमीन चिह्नित कराई गई, उसके लिए जल निगम ने 21 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया। अगर जमीन फाइनल हो जाए तो निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। अब या तो दूसरी जमीन मिले या फिर चौड़़ी सड़क के मानक में छूट मिले, तभी निर्माण हो सकेगा। -रघुवंश राम, परियोजना प्रबंधक, जल निगम