{"_id":"5c1bf542bdec2256c4552d5b","slug":"171545336130-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लालफाटक ओवरब्रिज- पीएम का काफिला निकालने को तोड़े ब्रेकर दोबारा बने ही नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लालफाटक ओवरब्रिज- पीएम का काफिला निकालने को तोड़े ब्रेकर दोबारा बने ही नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। निर्माणाधीन लालफाटक ओवरब्रिज के पास ट्रैफिक की स्पीड को नियंत्रित रखने के लिए सेतु निगम अधिकारियों ने पुल के दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर बनाए थे जिन्हें हाल ही में पीएम मोदी के काफिले को इस रूट से निकालने के लिए तोड़ दिया गया था और फिर दोबारा इनके निर्माण की सुधि नहीं ली। इससे एक बार फिर इधर से भारी वाहनों के तेज गति से निकलने से हादसे की आशंका बढ़ गई है।
ओवरब्रिज के पास खतरे कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। पहले सर्विस लेन न बनने से हुए कई हादसों में कई लोग जान गंवा बैठे। जैसे-तैसे सर्विस लेन बनी तो ट्रैफिक की ओवर स्पीड खतरा बन गई है। बता दें कि यहां दौरा करने आई सेतु निगम सेफ्टी ऑडिट टीम ने पुल के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए थे। रात में हादसों का खतरा कम करने को संकेतक लगाने को भी कहा था। इसके बाद सेतु निगम के स्टाफ ने बदायूं की तरफ पुल के पास और इधर रेलवे क्रॉसिंग की ओर स्पीड ब्रेकर बनाए थे, लेकिन 20 अप्रैल को पीएम मोदी के लिए तोड़े गए इन ब्रेकरों को दोबारा नहीं बनाया गया। नतीजा यह है कि यहां फिर रोडवेज बसें और दूसरे भारी वाहन तेज गति से निकलने शुरू हो गए हैं। मुख्य सुरक्षा अभियंता अरविंद देव ने हाल ही में लालफाटक पुल का निरीक्षण किया तो स्पीड ब्रेकर न होने और निर्माणाधीन पुल के पास तेज गति से ट्रैफिक गुजरने पर हादसे की आशंका जताई थी। उन्होंने सचेत भी किया था कि भारी वाहनों के तेज गति से निकलने से ब्रिज के पास कंपन पैदा हो रहा है। बावजूद इसके सेतु निगम के अधिकारियों ने यहां ब्रेकर बनाने की सुध नहीं ली है।
लालफाटक के पास ब्रेकर बनाने के लिए कह दिया है। एक-दो रोज में यहां फिर से ब्रेकर बन जाएंगे। पहले पीएम के फ्लीट निकलने की वजह से ब्रेकर को तोड़ा गया था। - वीके सेन, डीपीएम, सेतु निगम
विज्ञापन
विज्ञापन
ओवरब्रिज के पास खतरे कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। पहले सर्विस लेन न बनने से हुए कई हादसों में कई लोग जान गंवा बैठे। जैसे-तैसे सर्विस लेन बनी तो ट्रैफिक की ओवर स्पीड खतरा बन गई है। बता दें कि यहां दौरा करने आई सेतु निगम सेफ्टी ऑडिट टीम ने पुल के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए थे। रात में हादसों का खतरा कम करने को संकेतक लगाने को भी कहा था। इसके बाद सेतु निगम के स्टाफ ने बदायूं की तरफ पुल के पास और इधर रेलवे क्रॉसिंग की ओर स्पीड ब्रेकर बनाए थे, लेकिन 20 अप्रैल को पीएम मोदी के लिए तोड़े गए इन ब्रेकरों को दोबारा नहीं बनाया गया। नतीजा यह है कि यहां फिर रोडवेज बसें और दूसरे भारी वाहन तेज गति से निकलने शुरू हो गए हैं। मुख्य सुरक्षा अभियंता अरविंद देव ने हाल ही में लालफाटक पुल का निरीक्षण किया तो स्पीड ब्रेकर न होने और निर्माणाधीन पुल के पास तेज गति से ट्रैफिक गुजरने पर हादसे की आशंका जताई थी। उन्होंने सचेत भी किया था कि भारी वाहनों के तेज गति से निकलने से ब्रिज के पास कंपन पैदा हो रहा है। बावजूद इसके सेतु निगम के अधिकारियों ने यहां ब्रेकर बनाने की सुध नहीं ली है।
विज्ञापन
लालफाटक के पास ब्रेकर बनाने के लिए कह दिया है। एक-दो रोज में यहां फिर से ब्रेकर बन जाएंगे। पहले पीएम के फ्लीट निकलने की वजह से ब्रेकर को तोड़ा गया था। - वीके सेन, डीपीएम, सेतु निगम
विज्ञापन