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जालसाज आयुष्मान योजना की फर्जी वेबसाइट पर नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों को ठग रहे
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:05 AM IST
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साइबर ठगों ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान योजना की फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी के नाम पर ठगी शुरू कर दी है। सीएमओ कार्यालय में रोजाना 50-60 बेरोजगार नौकरी के लिए पहुंच रहे हैं। प्रदेश के प्रमुख सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) ने बृहस्पतिवार को सभी सीएमओ को इस बाबत आगाह करते हुए निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि भ्रामक सूचनाओं से गुमराह होने की जरूरत नहीं है। सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान नोडल समेत नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि निजी अस्पताल अपने स्तर से लोगों को रख रहे हैं।
आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 23 सितंबर को शुरू की गई थी। इसमें सरकारी और निजी अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाना है। इसके लिए अस्पतालों में प्रधानमंत्री आरोग्य मित्रों की नियुक्त करके उन्हें प्रशिक्षित किया जाना है। जिलों में डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा डिस्ट्रिक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट के तहत तीन पदों का चयन संविदा पर किया जा चुका है। सीएमओ कार्यालय में नौकरी के लिए पूछताछ करने पहुंच रहे बेरोजगारों से ही पता चला है कि ऑनलाइन वेबसाइट बनाकर कुछ जालसाज नौकरी का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। यह जालसाजी सिर्फ बरेली ही नहीं, बल्कि सूबे के सभी जिलों में हो रही है। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि आउट सोर्सिंग के जरिये सभी पद भरे जा चुके हैं। ऑनलाइन विज्ञापन ही नहीं हुआ है। निजी अस्पताल अपने स्तर से एजेंट नियुक्त कर रहे हैं। लिहाजा बेरोजगार किसी के झांसे में न आएं।
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आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना 23 सितंबर को शुरू की गई थी। इसमें सरकारी और निजी अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाना है। इसके लिए अस्पतालों में प्रधानमंत्री आरोग्य मित्रों की नियुक्त करके उन्हें प्रशिक्षित किया जाना है। जिलों में डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा डिस्ट्रिक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट के तहत तीन पदों का चयन संविदा पर किया जा चुका है। सीएमओ कार्यालय में नौकरी के लिए पूछताछ करने पहुंच रहे बेरोजगारों से ही पता चला है कि ऑनलाइन वेबसाइट बनाकर कुछ जालसाज नौकरी का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। यह जालसाजी सिर्फ बरेली ही नहीं, बल्कि सूबे के सभी जिलों में हो रही है। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि आउट सोर्सिंग के जरिये सभी पद भरे जा चुके हैं। ऑनलाइन विज्ञापन ही नहीं हुआ है। निजी अस्पताल अपने स्तर से एजेंट नियुक्त कर रहे हैं। लिहाजा बेरोजगार किसी के झांसे में न आएं।
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