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पीएचडी प्रवेश प्रकिया को विश्वविद्यालय ने शुरू की तैयारियां
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने पीएचडी की प्रवेश प्रक्रिया के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय ने शोध पर्यवेक्षकों से उनके पास खाली सीटों का ब्योरा मांगा है, ताकि आवेदन मांगे जा सकें।
शैक्षिक सत्र 2019-20 में पीएचडी के लिए विश्वविद्यालय ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऑनलाइन आवेदन मांगे जाने से पूर्व पीएचडी में रिक्त सीटों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। इसके लिए शोध समन्वयक प्रो. बृजेश त्रिपाठी ने अनुमोदित शोध पर्यवेक्षकों से उनके निर्देशन में रिक्त सीटों की जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा है कि जो शोध पर्यवेक्षक अपने निर्देशन में पीएचडी कराने के लिए इच्छुक हैं, उन्हें यह ब्योरा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन ही भरना होगा। साथ ही, यह संख्या भरते समय वर्ष 2017 में आवंटित शोधार्थियों की संख्या भी शामिल करना अनिवार्य होगा। सभी शोध पर्यवेक्षकों को विवरण 20 अप्रैल तक उपलब्ध कराना होगा। अगर कोई शोध पर्यवेक्षक निर्धारित समय में यह विवरण उपलब्ध नहीं कराता है तो माना जाएगा कि वह अपने निर्देशन में शोध कार्य कराने का इच्छुक नहीं है। कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने बताया कि इस बार पीएचडी की प्रवेश समेत सारी प्रक्रिया ऑनलाइन ही पूरी की जाएगी। इसकी कवायद शुरू हो चुकी है।
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शैक्षिक सत्र 2019-20 में पीएचडी के लिए विश्वविद्यालय ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऑनलाइन आवेदन मांगे जाने से पूर्व पीएचडी में रिक्त सीटों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। इसके लिए शोध समन्वयक प्रो. बृजेश त्रिपाठी ने अनुमोदित शोध पर्यवेक्षकों से उनके निर्देशन में रिक्त सीटों की जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा है कि जो शोध पर्यवेक्षक अपने निर्देशन में पीएचडी कराने के लिए इच्छुक हैं, उन्हें यह ब्योरा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन ही भरना होगा। साथ ही, यह संख्या भरते समय वर्ष 2017 में आवंटित शोधार्थियों की संख्या भी शामिल करना अनिवार्य होगा। सभी शोध पर्यवेक्षकों को विवरण 20 अप्रैल तक उपलब्ध कराना होगा। अगर कोई शोध पर्यवेक्षक निर्धारित समय में यह विवरण उपलब्ध नहीं कराता है तो माना जाएगा कि वह अपने निर्देशन में शोध कार्य कराने का इच्छुक नहीं है। कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने बताया कि इस बार पीएचडी की प्रवेश समेत सारी प्रक्रिया ऑनलाइन ही पूरी की जाएगी। इसकी कवायद शुरू हो चुकी है।
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