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बिजली निजीकरण
Updated Sat, 24 Mar 2018 08:55 PM IST
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निजीकरण के खिलाफ
शुरू होगा जनजागरण
बरेली। विद्युत अभियंता संघ के साथ जेई संगठन भी निजीकरण के खिलाफ लड़ाई में कूद गया है। संगठन ने क्षेत्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जनजागरण शुरू करने का प्रस्ताव पारित किया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के लिए बिजली विभाग के अस्तित्व को ही दांव पर लगा दिया है।
शनिवार शाम बैठक कर विद्युत जेई संगठन ने पांच शहरों में प्रस्तावित निजीकरण प्रक्रिया का जोरदार विरोध किया। अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि आगरा और कानपुर में निजीकरण का प्रयोग सफल नहीं हो पाया। निजी कंपनियां सस्ती बिजली लेकर महंगी दरों पर सप्लाई कर रहीं हैं। इससे उपभोक्ताओं पर बेवजह भार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जनता को निजीकरण से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जनजागरण चलेगा। 27 मार्च से कार्य बहिष्कार होगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विकास सिंह, पवन चंद्रा, महेंद्र सिंह, एके त्रिपाठी, मनीराम, जसीम अख्तर, हीरालाल गुप्ता आदि ने भी विचार रखे। उधर, अभियंता संघ और अन्य संगठनों ने धरना-प्रदर्शन जारी रखा। इस मौके पर जोनल चीफ इंजीनियर अंशुल अग्रवाल ने कहा कि निजीकरण जनविरोधी है। धरना स्थल पर रंजीत चौधरी, पीए मोंगा, राजेंद्र प्रसाद घिल्ड़ियाल आदि मौजूद रहे।
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निजीकरण के खिलाफ
शुरू होगा जनजागरण
बरेली। विद्युत अभियंता संघ के साथ जेई संगठन भी निजीकरण के खिलाफ लड़ाई में कूद गया है। संगठन ने क्षेत्रीय कार्यकारिणी की बैठक में जनजागरण शुरू करने का प्रस्ताव पारित किया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के लिए बिजली विभाग के अस्तित्व को ही दांव पर लगा दिया है।
शनिवार शाम बैठक कर विद्युत जेई संगठन ने पांच शहरों में प्रस्तावित निजीकरण प्रक्रिया का जोरदार विरोध किया। अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि आगरा और कानपुर में निजीकरण का प्रयोग सफल नहीं हो पाया। निजी कंपनियां सस्ती बिजली लेकर महंगी दरों पर सप्लाई कर रहीं हैं। इससे उपभोक्ताओं पर बेवजह भार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जनता को निजीकरण से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जनजागरण चलेगा। 27 मार्च से कार्य बहिष्कार होगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विकास सिंह, पवन चंद्रा, महेंद्र सिंह, एके त्रिपाठी, मनीराम, जसीम अख्तर, हीरालाल गुप्ता आदि ने भी विचार रखे। उधर, अभियंता संघ और अन्य संगठनों ने धरना-प्रदर्शन जारी रखा। इस मौके पर जोनल चीफ इंजीनियर अंशुल अग्रवाल ने कहा कि निजीकरण जनविरोधी है। धरना स्थल पर रंजीत चौधरी, पीए मोंगा, राजेंद्र प्रसाद घिल्ड़ियाल आदि मौजूद रहे।
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