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10 करोड़ से रामगंगा का तटबंध किया जाएगा मजबूत
Updated Sun, 02 Dec 2018 01:56 AM IST
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बरेली। आंवला और मीरगंज में रामगंगा के तटों को मजबूत बनाने के लिए बाढ़ खंड करीब 10 करोड़ रुपये से गौंटिया मोहर सिंह तटबंध प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराएगा। इसके लिए विभाग की तरफ से टेंडर हो चुके हैं। बाढ़ खंड के अभियंताओं का कहना है कि इस तटबंध के बन जाने के बाद सैकड़ों हेक्टेयर फसलों को बाढ़ से बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा।
रामगंगा के बाएं तट पर गौंटिया मोहर सिंह तटबंध बना हुआ है। इससे जनसंपर्क मार्गों के साथ ही सैकड़ों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सुरक्षा होती है। इस तटबंध के ऊपरी हिस्से की चौड़ाई करीब पांच मीटर है। सड़क को 7.50 मीटर चौड़ा किया जाना है। वर्ष 2008-09 में बने इस तटबंध की ऊंचाई जिन जगहों पर कम है, उसे भी बढ़ाया जाना है। बाढ़ खंड के अभियंताओं ने करीब 15.5 किलोमीटर लंबे इस तटबंध को फिर से बनाने और उसके चौड़ीकरण के लिए परियोजना तैयार की है। करीब 997 लाख की इस परियोजना को तकनीकी सलाहकार समिति और स्थाई संचालन समिति की तरफ से पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है। अब टेंडर करके इसके निर्माण की तैयारी की जा रही है। इस परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र के 15 से अधिक ग्रामों में 8309 हेक्टेयर भूमि और 38 हजार से ज्यादा की आबादी को बाढ़ से राहत मिलने की बात कही जा रही है। बाढ़ खंड के एक्सईएन कुंदन सिंह का कहना है कि इस तटबंध के चौड़ा हो जाने से क्षेत्रीय जनता को काफी राहत मिलेगी।
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रामगंगा के बाएं तट पर गौंटिया मोहर सिंह तटबंध बना हुआ है। इससे जनसंपर्क मार्गों के साथ ही सैकड़ों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सुरक्षा होती है। इस तटबंध के ऊपरी हिस्से की चौड़ाई करीब पांच मीटर है। सड़क को 7.50 मीटर चौड़ा किया जाना है। वर्ष 2008-09 में बने इस तटबंध की ऊंचाई जिन जगहों पर कम है, उसे भी बढ़ाया जाना है। बाढ़ खंड के अभियंताओं ने करीब 15.5 किलोमीटर लंबे इस तटबंध को फिर से बनाने और उसके चौड़ीकरण के लिए परियोजना तैयार की है। करीब 997 लाख की इस परियोजना को तकनीकी सलाहकार समिति और स्थाई संचालन समिति की तरफ से पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है। अब टेंडर करके इसके निर्माण की तैयारी की जा रही है। इस परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र के 15 से अधिक ग्रामों में 8309 हेक्टेयर भूमि और 38 हजार से ज्यादा की आबादी को बाढ़ से राहत मिलने की बात कही जा रही है। बाढ़ खंड के एक्सईएन कुंदन सिंह का कहना है कि इस तटबंध के चौड़ा हो जाने से क्षेत्रीय जनता को काफी राहत मिलेगी।
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