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Bareilly News: गैर इरादतन हत्या में दोषी तीन सगे भाइयों और उनके पिता को 10-10 साल की कैद

Sat, 17 Jan 2026 03:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jan 2026 03:22 AM IST
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10-10 years imprisonment to three real brothers and their father convicted of culpable homicide
कोर्ट ने 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, दिन दहाड़े की थी ट्रांसपोर्टर की हत्या
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बरेली। एडीजे कोर्ट संख्या तीन ने ट्रांसपोर्टर की गैर इरादतन हत्या में दोषी बारादरी थाना क्षेत्र के मोहल्ला रबड़ी टोला निवासी सगे भाई छोटा, दानिश, राशिद और इनके पिता मकसूद को 10-10 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को छह-छह माह अतिरिक्त कैद में रहना होगा।
रबड़ी टोला निवासी नाहिदा ने 23 नवंबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह 10 बजे जब वह और उनका ट्रांसपोर्टर बेटा बेटा शहफुल सेटेलाइट बस अड्डे के पास स्थित अपने कार्यालय जा रहे थे तभी रास्ते में काजी टोला चौराहे के पास छोटा, दानिश, राशिद और मकसूद ने उनको घेर लिया।
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लाठी-डंडों ईंट-पत्थर से शहफुल पर हमला कर दिया। इसमें वह गंभीर घायल हो गया। मोहल्ले के लोगों की मदद से किसी तरह वह अपने बेटे को लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचीं। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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गैर इरादतन हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने छोटा, दानिश, राशिद और मकसूद को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। संवाद



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कबूतरबाजी को लेकर सात महीने पहले शुरू हुई थी रंजिश
ट्रांसपोर्टर शहफुल की मां नाहिदा परिवहन निगम में स्टेशन इंचार्ज थीं। मकसूद और उसके लड़के कबूतर उड़ाते थे। शहफुल और मकसूद के घर आमने-सामने हैं। कबूतर उड़ाने के दौरान यह लोग कबूतरों को गिट्टी मारते थे। कई बार गिट्टी शहफुल के घर में आकर गिरती थीं। घटना से सात माह पहले शहफुल और मकसूद के बीच इसको लेकर विवाद हुआ था। उस समय मोहल्ले के लोगों ने समझौता करा दिया, लेकिन मकसूद रंजिश मानने लगा। इसी को लेकर सात माह बाद 23 नवंबर को शहफुल की हत्या कर दी गई।
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