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नवजात की मौत पर जिला महिला अस्पताल में हंगामा
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बाराबंकी। जिला महिला अस्पताल में गुरुवार सुबह एक नवजात की मौत के बाद के परिवारीजनों ने काफी हंगामा किया। उन्होंने डॉक्टरों कर लापरवाही से नवजात की जान जाने का आरोप लगाया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर हंगामा शांत कराया। उधर डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे की हालत काफी खराब होने के चलते लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया था।
शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी दुर्गेश मिश्र की पत्नी अनुराधा ने एक फरवरी को जिला अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। बच्चे का एसएनएसयू यूनिट में इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार सुबह नवजात की हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों ने उसे लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। प्राइवेट एंबुलेंस से परिवारीजन बच्चे को लेकर राजधानी के एक निजी अस्पताल पहुंचे। परिवारीजनों के मुताबिक वहां डॉक्टरों ने बताया कि नवजात की काफी पहले मौत हो गई।
इसके बाद महिला अस्पताल पहुंचे परिवारीजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगाम शुरू कर दिया। उनका कहना था कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिवारीजनों को कार्रवाई आश्वासन देकर शांत कराया। पीड़ित परिवार ने पुलिस को तहरीर दी है। उधर डॉ. चंद्रकांत का कहना है कि फेफड़े में दूध जाने के कारण नवजात की हालत बिगड़ रही थी। स्थानीय स्तर पर इलाज संभव न होने के चलते उसे रेफर करना पड़ा।
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शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी दुर्गेश मिश्र की पत्नी अनुराधा ने एक फरवरी को जिला अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। बच्चे का एसएनएसयू यूनिट में इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार सुबह नवजात की हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों ने उसे लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। प्राइवेट एंबुलेंस से परिवारीजन बच्चे को लेकर राजधानी के एक निजी अस्पताल पहुंचे। परिवारीजनों के मुताबिक वहां डॉक्टरों ने बताया कि नवजात की काफी पहले मौत हो गई।
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इसके बाद महिला अस्पताल पहुंचे परिवारीजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगाम शुरू कर दिया। उनका कहना था कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिवारीजनों को कार्रवाई आश्वासन देकर शांत कराया। पीड़ित परिवार ने पुलिस को तहरीर दी है। उधर डॉ. चंद्रकांत का कहना है कि फेफड़े में दूध जाने के कारण नवजात की हालत बिगड़ रही थी। स्थानीय स्तर पर इलाज संभव न होने के चलते उसे रेफर करना पड़ा।
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