{"_id":"5c65ac13bdec224c80718362","slug":"121550167059-banda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंगस्टर एक्ट में छह को सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गैंगस्टर एक्ट में छह को सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। गैंगस्टर एक्ट कोर्ट ने गैंग लीडर सहित छह अभियुक्तों को 10-10 साल की कैद और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इनमें दो सगे भाई हैं। जुर्माना अदा न करने पर 5-5 माह की अतिरिक्त जेल होगी। अभियुक्त जमानत पर थे। उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजा गया।
बिसंडा थाना के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कृपाल सिंह परिहार ने 21 जुलाई 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अजीतपारा गांव व उसके आस-पास के ग्रामीणों ने बताया था कि अपराधी किस्म के भूपेंद्र सिंह उर्फ बाबू (गैंग लीडर) और उसका भाई सबल सिंह पुत्र रघुराज सिंह सहित रामनरायन सिंह पुत्र काशी प्रसाद, छत्रपाल सिंह पुत्र बिंदा सिंह (अजीतपारा), आशीष कुमार त्रिपाठी पुत्र नवल प्रसाद (मोतियारी, गिरवां), राकेश रोशन उर्फ बेटा पुत्र सियाराम (मसुरी) गैंग बनाकर अपराध करके आतंक फैलाए हैं। ग्रामीणों को डरा धमकाकर धन की उगाही करते हैं। इन सभी के खिलाफ कई आपराधिक मामले हैं।
पंचम अपर जिला सत्र न्यायाधीश/गैंगेस्टर कोर्ट के विशेष न्यायाधीश खलीकुज्जमां ने अभियोजन व बचाव पक्ष की सुनवाई के बाद गुरुवार को अपने फैसले में गैंगेस्टर एक्ट की धारा-3 में हरेक अभियुक्त को 10-10 साल की कैद और 5-5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता वसीम उल्ला खां ने 5 गवाह अदालत में पेश किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिसंडा थाना के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कृपाल सिंह परिहार ने 21 जुलाई 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अजीतपारा गांव व उसके आस-पास के ग्रामीणों ने बताया था कि अपराधी किस्म के भूपेंद्र सिंह उर्फ बाबू (गैंग लीडर) और उसका भाई सबल सिंह पुत्र रघुराज सिंह सहित रामनरायन सिंह पुत्र काशी प्रसाद, छत्रपाल सिंह पुत्र बिंदा सिंह (अजीतपारा), आशीष कुमार त्रिपाठी पुत्र नवल प्रसाद (मोतियारी, गिरवां), राकेश रोशन उर्फ बेटा पुत्र सियाराम (मसुरी) गैंग बनाकर अपराध करके आतंक फैलाए हैं। ग्रामीणों को डरा धमकाकर धन की उगाही करते हैं। इन सभी के खिलाफ कई आपराधिक मामले हैं।
विज्ञापन
पंचम अपर जिला सत्र न्यायाधीश/गैंगेस्टर कोर्ट के विशेष न्यायाधीश खलीकुज्जमां ने अभियोजन व बचाव पक्ष की सुनवाई के बाद गुरुवार को अपने फैसले में गैंगेस्टर एक्ट की धारा-3 में हरेक अभियुक्त को 10-10 साल की कैद और 5-5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता वसीम उल्ला खां ने 5 गवाह अदालत में पेश किए।
विज्ञापन