{"_id":"59972e5b4f1c1b86558b4c2a","slug":"101503080027-banda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्भवती की मौत पर नर्सिंगहोम में तोड़फोड़, हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गर्भवती की मौत पर नर्सिंगहोम में तोड़फोड़, हंगामा
Updated Fri, 18 Aug 2017 11:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। इलाज के लिए नर्सिंगहोम आई गर्भवती युवती की कुछ ही देर में इलाज के दौरान मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने नर्सिंग होम का मुख्य गेट बंद कर महिला डाक्टर और स्टाफ से मारपीट शुरू कर दी और जमकर तोड़फोड़ की। हंगामे की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल लोगों को शांत कराकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के पति ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे बिजलीखेड़ा निवासी रोहित यादव की पत्नी आकांक्षा (28) पेट में दर्द होने पर पति और परिजनों के साथ जेएन डिग्री कालेज के पास स्थित निजी हेल्थ सेंटर आई। जहां उसका इलाज शुरू हुआ। नर्स ने आकांक्षा को इंजेक्शन लगाया। इसके चंद मिनटों बाद ही आकांक्षा की मौत हो गई।
वह दो माह की गर्भवती भी बताई गई। पूर्व में दो संतानें हो चुकी हैं। मौत की खबर मिलते ही पति रोहित, ससुर जगदेव व अन्य महिला-पुरुष परिजन आपा खो बैठे। महिला डाक्टर डा.नीतू त्रिपाठी के चेंबर का गेट और एलसीडी टीवी तोड़ दी। दरवाजे के शीशे चकनाचूर कर दिए।
विज्ञापन
डा. नीतू त्रिपाठी, उनके देवर दीपक, वार्ड आया निर्मला सोनी और उसके पुत्र उत्कर्ष सोनी के साथ मारपीट करने लगे, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। अन्य मरीज भाग खड़े हुए। हंगामे की सूचना पर कुछ ही देर में सिटी मजिस्ट्रेट रमेशचंद्र तिवारी व क्षेत्राधिकारी नगर सोहराब आलम के साथ बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स व यूपी-100 पहुंच गया।
अफसरों ने आक्रोशित परिजनों को समझाकर शांत किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के पति व ससुर ने बताया कि डाक्टर ने एबार्शन की सलाह देकर भर्ती कर लिया और इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ ही देर बाद आकांक्षा की मौत हो गई। पति ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर देगा।
उधर, डा.नीतू त्रिपाठी का कहना है कि आकांक्षा को जाइलोकेन इंजेक्शन दिया जाना था। जिसे पहले त्वचा में लगाकर टेस्ट किया गया। इसके अलावा उसे कोई इंजेक्शन नहीं दिया गया। डा.नीतू के मुताबिक गर्भ में भ्रूण खराब होने से उसकी हालत गंभीर थी। डाक्टर ने बताया कि उन्होंने एबार्शन की कोई सलाह नहीं दी। मृतका के परिजन झूठे आरोप लगा रहे हैं।
-परिजनों ने गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगा डाक्टर व स्टाफ को पीटा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे बिजलीखेड़ा निवासी रोहित यादव की पत्नी आकांक्षा (28) पेट में दर्द होने पर पति और परिजनों के साथ जेएन डिग्री कालेज के पास स्थित निजी हेल्थ सेंटर आई। जहां उसका इलाज शुरू हुआ। नर्स ने आकांक्षा को इंजेक्शन लगाया। इसके चंद मिनटों बाद ही आकांक्षा की मौत हो गई।
विज्ञापन
वह दो माह की गर्भवती भी बताई गई। पूर्व में दो संतानें हो चुकी हैं। मौत की खबर मिलते ही पति रोहित, ससुर जगदेव व अन्य महिला-पुरुष परिजन आपा खो बैठे। महिला डाक्टर डा.नीतू त्रिपाठी के चेंबर का गेट और एलसीडी टीवी तोड़ दी। दरवाजे के शीशे चकनाचूर कर दिए।
विज्ञापन
डा. नीतू त्रिपाठी, उनके देवर दीपक, वार्ड आया निर्मला सोनी और उसके पुत्र उत्कर्ष सोनी के साथ मारपीट करने लगे, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। अन्य मरीज भाग खड़े हुए। हंगामे की सूचना पर कुछ ही देर में सिटी मजिस्ट्रेट रमेशचंद्र तिवारी व क्षेत्राधिकारी नगर सोहराब आलम के साथ बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स व यूपी-100 पहुंच गया।
अफसरों ने आक्रोशित परिजनों को समझाकर शांत किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के पति व ससुर ने बताया कि डाक्टर ने एबार्शन की सलाह देकर भर्ती कर लिया और इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ ही देर बाद आकांक्षा की मौत हो गई। पति ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर देगा।
उधर, डा.नीतू त्रिपाठी का कहना है कि आकांक्षा को जाइलोकेन इंजेक्शन दिया जाना था। जिसे पहले त्वचा में लगाकर टेस्ट किया गया। इसके अलावा उसे कोई इंजेक्शन नहीं दिया गया। डा.नीतू के मुताबिक गर्भ में भ्रूण खराब होने से उसकी हालत गंभीर थी। डाक्टर ने बताया कि उन्होंने एबार्शन की कोई सलाह नहीं दी। मृतका के परिजन झूठे आरोप लगा रहे हैं।
-परिजनों ने गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगा डाक्टर व स्टाफ को पीटा
अमर उजाला ब्यूरो