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Balrampur News: कहीं समिति पर ताला, कहीं खाद के बावजूद वितरण ठप

Mon, 18 Aug 2025 10:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Aug 2025 10:48 PM IST
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Somewhere the committee is locked, somewhere the distribution of fertilizer is stopped despite
-बलरामपुर के सहकारी स​मिति अधीनपुर में लगी किसानों की भीड़।-संवाद
बलरामपुर। खरीफ सीजन में धान की फसल खाद के इंतजार में सूख रही है। जिलेभर के किसान समितियों और गोदामों पर रोजाना लाइन लगा रहे हैं, मगर एक बोरी खाद तक मिलना मुश्किल है। प्रशासन कागजों में पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहा है। लेकिन हकीकत में कहीं समितियों पर ताले लटक रहे हैं तो कहीं खाद होने के बावजूद वितरण नहीं किया जा रहा।
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हरैया सतघरवा क्षेत्र के साधन सहकारी समिति खुर्द सिंहपुर पर सोमवार को दर्जनों किसान निराश लौटे। राजबाबू, पंकज कुमार, विष्णु प्रसाद, रामकुमार, सतीश चंद्र, गोलीराम, चंद्रावती, पुष्पा, राजरानी और कुतुबुन्निशा ने बताया कि वे एक सप्ताह से खाद के लिए भटक रहे हैं, लेकिन बोरी खाद भी नहीं मिली।
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महराजगंज तराई के कौवापुर सहकारी समिति पर मंगलवार को खाद का वितरण नहीं हुआ। समिति अध्यक्ष सत्यराम वर्मा ने बताया कि सचिव श्रीप्रकाश सिंह की तबीयत खराब है। किसानों का कहना था कि वैकल्पिक इंतजाम क्यों नहीं किए गए। वहीं केंद्रीय खाद गोदाम गन्ना समिति उतरौला में 11 दिन से खाद नहीं है। रोजाना सैकड़ों किसान उम्मीद लेकर आते हैं और मायूस लौटते हैं। गन्ना निरीक्षक नरेंद्र सिंह का कहना है कि डिमांड भेजी जा चुकी है और जल्द आपूर्ति होगी।
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गैसड़ी में स्टॉक मौजूद, पुलिस न मिलने का बहाना
गैसड़ी सहकारी समिति पर 400 बोरी यूरिया का स्टॉक मौजूद है, लेकिन वितरण रोक दिया गया। समिति प्रभारी डीपी सिंह ने बताया कि पुलिस बल न मिलने से खाद नहीं बंट सकी। किसान रहीम और अकबर हुसैनी ने कहा कि समिति पर खाद रखी है, लेकिन हमारे खेत सूख रहे हैं। किसान राजबाबू निवासी खुर्द सिंहपुर ने बताया कि हफ्तेभर से खाद के लिए दौड़ रहे हैं लेकिन एक बोरी भी खाद नहीं मिली। पौधे पीले पड़ रहे हैं। महिला किसान कुतुबुन्निशा ने कहा कि बच्चों का पेट काटकर महंगे दाम पर बाजार से खाद खरीदनी पड़ रही है। उतरौला के रामस्वरूप ने कहा कि वह लगातार समिति से खाली हाथ लौट रहे हैं। सहायक विकास अधिकारी सहकारिता जनार्दन यादव का कहना है कि समितियों पर पर्याप्त खाद है और सभी को मिलेगी।
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