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Balrampur News: 34 मदरसों ने छुपाए अभिलेख, मान्यता होगी खत्म

Fri, 08 Mar 2024 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Fri, 08 Mar 2024 12:01 AM IST
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34 madrassas hid records, recognition will end
बलरामपुर। एसआईटी की संस्तुति के बाद प्रशासन अब नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में अवैध तरह से संचालित 389 मदरसों पर शिकंजा कसेगा। साथ ही सत्यापन के दौरान सूचना छिपाने वाले 34 मदरसो की मान्यता को भी खत्म किया जाएगा। लगातार चेतावनी के बाद इन 34 मदरसा संचालकों ने अपनी सूचना को विभागीय साइट पर अपलोड तक नहीं किया है। जिला प्रशासन अब संबंधित विभागों के साथ मिलकर जांच में दागी मिले मदरसों पर कार्रवाई शुरू करेगा।
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जिले के बलरामपुर सदर, तुलसीपुर और गैंसड़ी ब्लॉक में बिना मान्यता के बड़ी संख्या में मदरसों का संचालन हो रहा है। अब तक हुई सत्यापन जांच में बलरामपुर सदर ब्लॉक में 56, हरैया सतघरवा में 19, श्रीदत्तगंज ब्लॉक में 12, तुलसीपुर ब्लॉक में 56, गैसड़ी ब्लॉक में 121, पचपेड़वा ब्लॉक में 19, गैंडास बुजुर्ग ब्लॉक में 26, उतरौला में 34 और सादुल्लाह नगर/रेहरा बाजार ब्लॉक में 36 सहित जिले में 389 अवैध मदरसों का संचालन होता मिला। इनमें से सर्वाधिक 121 मदरसे नेपाल सीमा से सटे गैसड़ी ब्लॉक में मिले।
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जांच के दौरान कई मदरसे तो बिना मान्यता के अवैध तरह से हथियाई गई ग्राम समाज की जमीन पर संचालित होते पाए गए। कई मदरसा संचालकों ने ग्राम समाज में स्थापित मस्जिद की जमीन का प्रयोग किया। जिले के सुदूर बघेलखंड इलाके में एक ऐसा ही मदरसा अभी भी संचालित हो रहा है। गांव वालों ने बताया कि यह मदरसा एक मस्जिद के भवन में संचालित है।
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नेपाल सीमा से सटे मदरसों की छानबीन शुरू हुई तो 22 मदरसे नेपाल सीमा से सटे विकास खंडों में संचालित मिले हैं। जिले में 464 मदरसे हैं जिसमें 25 मदरसे सरकार से अनुदानित हैं। वहीं 284 मदरसा आधुनिक है और 155 मदरसा मान्यता प्राप्त हैं। बीते साल हुई इन मदरसों की प्रशासनिक जांच काफी संकुचित दायरे में हुई।
इसके बाद शासन ने यू- डायस पोर्टल पर मदरसों को छात्रों, शिक्षकाें व संसाधनों का ब्योरा अपडेट करने के निर्देश दिए। लंबी जद्दोजहद और कार्रवाई की चेतावनी के बाद मदरसों ने डाटा तो अपलोड़ किया लेकिन 34 मदरसाें ने इस बाबत कोई भी सूचना देना मुनासिब तक नहीं समझा।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य ने बताया कि एसआईटी की ओर से की गई जांच व संस्तुति शासन को सौंप दी गई है। इस संबंध में शासन स्तर से मिलने वाले निर्देशानुसार जांच के दौरान गड़बड़ी के घेरे में आए मदरसों पर कार्रवाई तय कर इनका संचालन बंद कराया जाएगा।
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