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जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा
ballia
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:41 PM IST
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निजी अस्पताल के बाहर रोते-बिलखते परिवारीजन।
- फोटो : ballia
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जिला महिला चिकित्सालय के पास स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो जाने पर परिवारीजनों ने जमकर हंगामा किया। परिवार वालों ने अस्पताल पर इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। सूचना पर कोतवाल मय फोर्स मौके पर पहुंचे और समझा बुझा कर मामला शांत कराया। रेवती थाना क्षेत्र के नारायणगढ़ निवासी दीपक की पत्नी रीमा (22) को रविवार को भोर में प्रसव पीड़ा हुई तो परिवार वाले उसे कोटवा अस्पताल ले गए। जहां हालत गंभीर देख नर्स ने रीमा को महिला अस्पताल रेफर कर दिया। रीमा के पति दीपक और भाई उपेंद्र ने बताया कि गांव की आशा बहू दया ने रविवार की सुबह रीमा को महिला चिकित्सालय न ले जाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
आरोप है कि यहां चिकित्सक ने आपरेशन से प्रसव कराने के लिए 15 हजार मांगे और पांच हजार रुपये एडवांस जमा करा लिए। जबकि एक हजार रुपये ब्लड जांच के नाम पर लिए गए। आठ बजे आपरेशन किया गया।
डॉक्टर की लापरवाही से जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। इसकी खबर सुनते ही घरवाले आक्रोशित हो उठे और उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उनका आरोप थ्ाा कि चिकित्सक की लापरवाही के चलते ही प्रसूता और बच्चे की माैत हुई है।
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उधर, जब हंगामे की सूचना मिली ता कोतवाल चंद्रमौलि पांडेय मय फोर्स मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाबुझा कर शांत कराया। कोतवाल चंद्रमौलि पांडेय ने बताया कि किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है।
अस्पताल के चिकित्सक परमात्मा प्रसाद गुप्त का कहना था कि मरीज की हालत गंभीर थी। आपरेशन कर प्रसव कराया गया। बच्चा मरा हुआ था, जबकि महिला स्वस्थ थी। लेकिन करीब 11 बजे अचानक उसकी स्थिति भी गंभीर हो गई और कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया।
इस बारे में सीएमओ बाबू नंदन सिंह ने कहा कि सोमवार को मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाने पर चिकित्सक व अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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आरोप है कि यहां चिकित्सक ने आपरेशन से प्रसव कराने के लिए 15 हजार मांगे और पांच हजार रुपये एडवांस जमा करा लिए। जबकि एक हजार रुपये ब्लड जांच के नाम पर लिए गए। आठ बजे आपरेशन किया गया।
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डॉक्टर की लापरवाही से जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। इसकी खबर सुनते ही घरवाले आक्रोशित हो उठे और उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उनका आरोप थ्ाा कि चिकित्सक की लापरवाही के चलते ही प्रसूता और बच्चे की माैत हुई है।
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उधर, जब हंगामे की सूचना मिली ता कोतवाल चंद्रमौलि पांडेय मय फोर्स मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाबुझा कर शांत कराया। कोतवाल चंद्रमौलि पांडेय ने बताया कि किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है।
अस्पताल के चिकित्सक परमात्मा प्रसाद गुप्त का कहना था कि मरीज की हालत गंभीर थी। आपरेशन कर प्रसव कराया गया। बच्चा मरा हुआ था, जबकि महिला स्वस्थ थी। लेकिन करीब 11 बजे अचानक उसकी स्थिति भी गंभीर हो गई और कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया।
इस बारे में सीएमओ बाबू नंदन सिंह ने कहा कि सोमवार को मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाने पर चिकित्सक व अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।