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Ballia News: सीएमएस ने 32 चिकित्सकों को जारी किया नोटिस
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बलिया। मरीजों को बाहर की दवा लिखने पर सीएमएस डा़ॅ एसके यादव ने 32 चिकित्सकों को नोटिस जारी किया है।
नोटिस के माध्यम से उन्हें ताकीद की है कि अगर वे प्राइवेट प्रैक्टिस जैसे अनधिकृत कार्य में संलिप्त हैं तो आगे से ऐसा न करें। क्योंकि इसकी जानकारी साक्ष्यों के साथ मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाहर की दवा लिखने पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी। माले नेता लक्ष्मण यादव ने दो फरवरी को जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा था। जिसमें अस्पताल में व्याप्त दुर्व्यवस्था को दुरूस्त कराने की मांग रखी थी।
पत्रक में आरोप लगाया गया था कि इमरजेंसी कक्ष में ड्यूटीरत इएमओ छोटी पर्ची पर बाहर की दवा लिखते हैं। अस्पताल में दवा होने के बाद भी तीमारदारों से बाहर की दवा मंगाई जाती है। बिना विशेषज्ञ चिकित्सक के सलाह लिए ही मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। ऐसे चित्सिक काल-डे चिकित्सक का परामर्श लेना भी उचित नहीं समझते। सीएमएस जान कर भी अनजान बने हुए हैं। छह सर्जन होने के बाद भी मेजर आपरेशन नहीं किया जाता है। चिकित्सक छोटे आपरेशन तक ही सीमित हैं। जिलाधिकारी ने पत्रक का संज्ञान लेकर सीएमओ व सीएमएस को आदेश दिया है।
जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एसके यादव ने कहा कि जिला अस्पताल में करीब 300 से अधिक प्रकार की दवाएं शासन से मुहैया कराई जाती हैं। इसके इतर अगर बाहर की दवा लिखी जाती है तो वह एक कार्रवाई का मामला बनता है। जिला अस्पताल के सभी चिकित्सकों को बाहर की दवा न लिखने के लिए नोटिस दिया गया है।
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नोटिस के माध्यम से उन्हें ताकीद की है कि अगर वे प्राइवेट प्रैक्टिस जैसे अनधिकृत कार्य में संलिप्त हैं तो आगे से ऐसा न करें। क्योंकि इसकी जानकारी साक्ष्यों के साथ मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाहर की दवा लिखने पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी। माले नेता लक्ष्मण यादव ने दो फरवरी को जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा था। जिसमें अस्पताल में व्याप्त दुर्व्यवस्था को दुरूस्त कराने की मांग रखी थी।
पत्रक में आरोप लगाया गया था कि इमरजेंसी कक्ष में ड्यूटीरत इएमओ छोटी पर्ची पर बाहर की दवा लिखते हैं। अस्पताल में दवा होने के बाद भी तीमारदारों से बाहर की दवा मंगाई जाती है। बिना विशेषज्ञ चिकित्सक के सलाह लिए ही मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। ऐसे चित्सिक काल-डे चिकित्सक का परामर्श लेना भी उचित नहीं समझते। सीएमएस जान कर भी अनजान बने हुए हैं। छह सर्जन होने के बाद भी मेजर आपरेशन नहीं किया जाता है। चिकित्सक छोटे आपरेशन तक ही सीमित हैं। जिलाधिकारी ने पत्रक का संज्ञान लेकर सीएमओ व सीएमएस को आदेश दिया है।
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जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एसके यादव ने कहा कि जिला अस्पताल में करीब 300 से अधिक प्रकार की दवाएं शासन से मुहैया कराई जाती हैं। इसके इतर अगर बाहर की दवा लिखी जाती है तो वह एक कार्रवाई का मामला बनता है। जिला अस्पताल के सभी चिकित्सकों को बाहर की दवा न लिखने के लिए नोटिस दिया गया है।
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