बहराइच। हजरत इमाम हसन असकरी की यौमे शहादत आठ रबीउल अव्वल के मौके पर शनिवार को शाही कर्बला से अजा का आखिरी जुलूस निकाला गया। जुलूस से पहले मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को मौलाना सैयद मोहम्मद मेहंदी रिजवी ने खिताब किया। उन्होंने हजरत इमाम हसन असकरी की जिंदगी और उनकी शहादत पर विस्तार से रोशनी डाली।
मजलिस की शुरुआत जीशान हैदर रिजवी, बाबर जैदी और फिदा अब्बास ने सोजख्वानी से की। इसके बाद सलाम फौक बहराइची, जीजा हैदर रिजवी और मजहर सईद ने पेश किया। मजलिस के दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे और उन्होंने पूरी अकीदत के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मजलिस समाप्त होने के बाद अलम, ताबूत और गहवारा निकाला गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने जंजीरी मातम भी किया। जुलूस निर्धारित रास्तों से होता हुआ दरगाह हजरत अब्बास पहुंचा। यहां से आगे बढ़ते हुए जुलूस कर्बला पहुंचा, जहां इसे समाप्त किया गया। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने मातम करते हुए हजरत इमाम हसन असकरी की शहादत को याद किया। अजा के आखिरी जुलूस के साथ ही क्षेत्र में चल रहे इस सिलसिले का समापन हुआ।