{"_id":"6aaadf459c1f3cdb130e78be","slug":"saryu-water-level-stabilizes-near-danger-mark-anxiety-mounts-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-156898-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: लाल निशान के पास पहुंच कर थमा सरयू का जलस्तर, धड़कनें तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: लाल निशान के पास पहुंच कर थमा सरयू का जलस्तर, धड़कनें तेज
विज्ञापन
महसी में सरयू नदी का बढ़ रहा जलस्तर।
बहराइच। सरयू नदी का जलस्तर बुधवार को एल्गिन ब्रिज पर 106.02 मीटर पहुंचने के बाद दोपहर बाद स्थिर हो गया। करीब 24 घंटे तक लगातार बढ़ते जलस्तर के थमने से तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 मीटर से महज पांच सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, शाम चार बजे एल्गिन ब्रिज पर 2,99,978 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। इससे सरयू के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।
जलस्तर बढ़ने से महसी तहसील के तटवर्ती गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। मांझा, लोनियनपुरवा, जोधेपुरवा, महंतपुरवा, यादवपुरी, गोलागंज, कोठार, पिपरा और पिपरी समेत आसपास के गांवों के लोग नदी के उतार-चढ़ाव को लेकर परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में लगातार बदलाव होने से खतरे की आशंका बनी हुई है।
महंतपुरवा निवासी जगमोहन ने बताया कि सरयू का जलस्तर बढ़ने पर सबसे पहले खेतों में पानी पहुंचने का खतरा रहता है। इसके अलावा गांवों के रास्तों पर पानी आने, पशुओं के चारे और आवागमन की समस्या बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने और स्थिति बिगड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की व्यवस्था करने की मांग की है। बाढ़ खंड के उपखंड अधिकारी नंदू प्रसाद ने बताया कि बुधवार दोपहर बाद सरयू का जलस्तर स्थिर रहा। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
विज्ञापन
बैराजों पर भी बढ़ा दबाव
बुधवार शाम चार बजे शारदा बैराज पर जलस्तर 134.95 मीटर और डिस्चार्ज 1,35,054 क्यूसेक रहा। गिरिजापुरी बैराज पर जलस्तर 135.25 मीटर और डिस्चार्ज 1,28,600 क्यूसेक दर्ज किया गया। सरयू बैराज पर जलस्तर 130.50 मीटर और डिस्चार्ज 5,954 क्यूसेक रहा। सुहेली बैराज पर जलस्तर 145.80 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 145.50 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर में गिरावट दर्ज हुई है। घूरदेवी में जलस्तर 111.64 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 112.15 मीटर है।
विज्ञापन
जलस्तर बढ़ने से महसी तहसील के तटवर्ती गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। मांझा, लोनियनपुरवा, जोधेपुरवा, महंतपुरवा, यादवपुरी, गोलागंज, कोठार, पिपरा और पिपरी समेत आसपास के गांवों के लोग नदी के उतार-चढ़ाव को लेकर परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में लगातार बदलाव होने से खतरे की आशंका बनी हुई है।
विज्ञापन
महंतपुरवा निवासी जगमोहन ने बताया कि सरयू का जलस्तर बढ़ने पर सबसे पहले खेतों में पानी पहुंचने का खतरा रहता है। इसके अलावा गांवों के रास्तों पर पानी आने, पशुओं के चारे और आवागमन की समस्या बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने और स्थिति बिगड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की व्यवस्था करने की मांग की है। बाढ़ खंड के उपखंड अधिकारी नंदू प्रसाद ने बताया कि बुधवार दोपहर बाद सरयू का जलस्तर स्थिर रहा। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
विज्ञापन
बैराजों पर भी बढ़ा दबाव
बुधवार शाम चार बजे शारदा बैराज पर जलस्तर 134.95 मीटर और डिस्चार्ज 1,35,054 क्यूसेक रहा। गिरिजापुरी बैराज पर जलस्तर 135.25 मीटर और डिस्चार्ज 1,28,600 क्यूसेक दर्ज किया गया। सरयू बैराज पर जलस्तर 130.50 मीटर और डिस्चार्ज 5,954 क्यूसेक रहा। सुहेली बैराज पर जलस्तर 145.80 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 145.50 मीटर से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर में गिरावट दर्ज हुई है। घूरदेवी में जलस्तर 111.64 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 112.15 मीटर है।