फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   stike of doctors in bahraich

डॉक्टरों ने बिना इलाज लौटाए डेढ़ हजार मरीज

Mon, 14 Sep 2015 09:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Mon, 14 Sep 2015 09:53 PM IST
विज्ञापन
बहराइच। जिला अस्पताल में रविवार दोपहर युवक की मौत पर तीमारदारों के हंगामे और मारपीट से भड़के डॉक्टर और फार्मासिस्ट सोमवार को हड़ताल पर चले गए।
विज्ञापन


जिला अस्पताल की ओपीडी में ताले लटके रहे, जिससे डेढ़ हजार मरीजों को उपचार मयस्सर नहीं हुआ। 12 ऑपरेशन टाल दिए गए। हड़तालियों का कहना है कि जब तक पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करेगी, हड़ताल जारी रहेगी।

गौरतलब है कि दरगाह थाना क्षेत्र अंतर्गत चैतूपुरवा गांव निवासी अर्जुन उर्फ छोटू (19) रविवार सुबह खुटेहना के पास सड़क हादसे में घायल हो गया था।

पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां ओपीडी इंचार्ज डॉ विश्वास ने उसे मृत घोषित कर दिया था। शव को मर्च्युरी में रखवाया गया था।

परिवारीजन पहुंचे तो उन्होंने छोटू को जिंदा बताकर जिला अस्पताल में ढाई घंटे तक खूब हंगामा किया। डॉ विश्वास, फार्मासिस्ट एके चौधरी व स्टाफ नर्स से मारपीट की।
विज्ञापन


फार्मासिस्ट एके चौधरी ने 24 लोगों के खिलाफ नगर कोतवाली में तहरीर देकर रविवार देर शाम केस दर्ज कराया था लेकिन 24 घंटे बीतने के बावजूद पुलिस अभी खाली हाथ है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश है।
विज्ञापन
विज्ञापन


घटना के बाद से ही स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल की सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दी थीं लेकिन सीएमएस डॉ माहेश्वरी पांडेय के निर्देश पर रविवार शाम सात बजे इमरजेंसी ओपीडी बहाल हुई। लेकिन, सोमवार को डॉक्टरों ने ओपीडी में काम नहीं किया। चिकित्साकर्मी भी हड़ताल पर चले गए। सीएमएस डॉ पांडेय ने बताया कि 12 ऑपरेशन सोमवार को होने थे लेकिन हड़ताल के कारण टालना पड़ा।

पुलिस कर रही टालमटोल

सीएमएस डॉ माहेश्वरी पांडेय ने बताया कि पंद्रह दिनों से जिला अस्पताल में हंगामा व मारपीट की घटनाएं तेज हो गई हैं। इससे स्वास्थ्य कर्मियों में भय है।

इस मामले में भी पुलिस शिथिल रवैया अपनाए हुए है। पुलिस ने सिर्फ केस दर्ज किया है। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, हड़ताल जारी रहेगी। आमजन की सहूलियत के लिए इमरजेंसी सेवा बहाल है।



निजी डॉक्टरों ने खूब की वसूली
सूचना के अभाव में सोमवार को कई मरीज जिला अस्पताल इलाज कराने पहुंचे लेकिन उन्हें मजबूरन निजी चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ा है। गिलौला निवासी राम चंदर, पयागपुर निवासी घनश्याम, नानपारा निवासी सुंदर ने बताया कि फिजीशियन को दिखाने यहां आए थे लेकिन डॉक्टर साहब के कमरे में ताला लटकता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed